हिन्दी केरौ लोकप्रिय कवि डॉ. कुमार विश्वास ने ट्वीट करी क भारतीय भाषा के प्रति आमजनौ के जागरूक करै लेली एगो संदेश जारी करनै छै आरू बतैने छै कि अंगिका एगो विशिष्ट भाषा छेकै, अंगिका केरौ आपनौ एगो अलग वजूद छै  ।

हुनी आश्चर्य व्यक्त करनै छै कि भोजपुरी-अवधी-बृज-बुंदेली-मगही-अंगिका-वज्जिका सब क एक्के भाषा मानलौ जाय छै । हुनी प्रश्न करनै छै कि  उत्तर प्रदेश-बिहार केरौ पृष्ठभूमि पर फ़िल्म आरू वेब सीरीज़ बनाबै वाला मुम्बईया लेखक क ई कैन्हें लगै छै कि भोजपुरी-अवधी-बृज-बुंदेली-मगही-अंगिका-वज्जिका सब एक्के छेकै ! ई फिल्मो मँ एक ही घर के पाँच सदस्यौ मँ स बेटा भोजपुरी मँ सवाल करै छै त बाप अवधी मँ जवाब दै छै ! हुनी निवेदन करै छै अलग-अलग वजूद वाला ई सब विशिष्ट भारतीय भाषा सब पर रहम करलौ जाय ।

अंग-अंगिका विकास मंच, अंगिका.कॉम,  अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच आरनि सँ जुड़लौ सैकड़ौं साहित्यकार सिनी नँ डॉ.कुमार विश्वास केरौ ट्वीट संदेश के अभिनंदन करनै छै आरू हुनका प्रति आभार प्रकट करनै छै ।

 

******

****

******

****

Comments are closed.

error: Content is protected !!