पाकुड़ : जिला म॑ पड़ी रहलऽ भीषण गर्मी के कारण अमड़ापाड़ा आरू महेशपुर प्रखंड क्षेत्र म॑ पेयजल संकट गहराय गेलऽ छै ।अमड़ापाड़ा प्रखंड केरऽ जीवन रेखा मानलऽ जाय वाला बांसलोइ नदी सुक्खै के कगार पर पहुंची गेलऽ छै। जेकरऽ कारण आम लोगऽ के साथ साथ मवेशी सिनी के जीवन भी कष्टमय होय गेलऽ छै । प्रखंड मुख्यालय स॑ ५ किलोमीटर केरऽ दूरी पर बोड़ो पहाड़ केरऽ एक मात्र कुंआ प॑ ही प्रखंड केरऽ ग्रामीण क्षेत्रऽ के लोगऽ के उम्मीद टिकलऽ छै । भूगर्भ जल केरऽ स्तर नीचें जाय के कारण चापाकल सें पानी निकलना बंद होय गेलऽ छै । गर्मी के कारण कुंआ के भी जल स्तर गिरतें जाय रहलऽ छै । पेयजल केरऽ समस्या क॑ ल॑ क॑ कै दफा  प्रशासन व जन प्रतिनिधि सिनी के ध्यान आकर्षित करलऽ गेलऽ छै लेकिन आय तलक कुछ नै हेलऽ छै।

हुन्न॑ गर्मी के आगमन के साथ ही महेशपुर प्रखंड म॑ भी पेयजल के संकट गहराब॑ लगलऽ छै । प्रखण्ड केरऽ दू नदी क्रमश: बासलोइ आरू परगला नदी के पानी सुखी चुकलऽ छै । एना म॑ प्रखंड केरऽ क्षेत्र में जल संकट उत्पन्न होना स्वाभाविक छै । प्रखंड केरऽ बासलोइ नदी सुखला स॑ जहां महेशपुर केरऽ अलावे लखीपुर, बिस्टोपुर, रामपुरा,  पोडरा, चंडालमारा, रोलाग्राम जैसनऽ वासलोइ नदी के निकटवर्ती बसलऽ गांव जल संकट सें जूझी रहलऽ छै । ठीक वह॑ तरह परगला नदी केरऽ पानी भी सुखी गेला स॑ देवीनगर, कोटालपोखर, पत्थरादहा, बोढ़ा, पलसा, रदीपुर जैसनऽ ग्रामीण इलाका में भी ई सब नदी के सूखला के वजह सें जल संकट के समस्या उत्पन्न होय गेलऽ छै ।

(साभार : http://www.jagran.com/jharkhand/pakur-15834165.html#sthash.MAttgRKQ.dpuf)

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