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सरह / सरहपा केरऽ बौद्ध महामुद्रा निर्देश – लामा कुंगा चोऐदक द्वारा पठित

सरह / सरहपा केरऽ बौद्ध महामुद्रा निर्देश – लामा कुंगा चोऐदक द्वारा पठित

 लामा कुंगा चोऐदक द्वारा पठित सरह (सरहपा) केरऽ बौद्ध महामुद्रा निर्देश  Buddhist Mahamudra instruction of Saraha, recited by Lama Kunga Choedak  Reference: https://www.youtube.com/watch?v=1zXfa-ZWvSQ&feature=youtu.be 

गीतिका – सरह / सरहपा

गीतिका – सरह / सरहपा

गीतिका – सरह / सरहपा– नाद न बिन्दु न रवि-शशि मंडल चीआ राअ सहावे मूकल । उज्ररे उजु छडि मा लेहु बंक, निउडि बोहिमा जन्हुरे लंक ।। हाथेर कंकण मा लेहुं दप्पण अपने आपा बुझतु निअयण । पार उठ्यारें सोई मजिई, दुज्जण संगे अवसरि जई ।। बाम-दहिण जो खाला दिखाला, सरह भणइ बप । उजु चट भाला ।। Angika Poetry[Read More...]

दोहा – सरह / सरहपा

दोहा – सरह / सरहपा

दोहा – सरह / सरहपा– जाव ण आइ जणिज्जइ, तखम सिस्स करेई। अन्धाँ अन्ध कठाव तिम, वेणण कि कूव पडेई ।। णउतं बाआहि गुरू कहइ, णउतं बु ज्झई सीस । सहजा मिअ-रसु सकल जग, कासु कहिज्जइ कीस ।। Angika Poetry : दोहा (Doha) Poetry from Angika Poetry Book : दोहाकोश (Dohakosh) Poet :सरह / सरहपा  (Sarah / Sarahpa ) Reference Books /[Read More...]

Saraha

Saraha

According to Pundit Rahul Sankritiyayan, the evidences of oldest form of written Hindi literatures are available in the Sarah’s Angika poetries of 800 A.D.The first poet of Hindi literature, Saraha, was also the first poet of the Angika language and literature. Saraha belongs to the 8th century, and is the first poet whose poetry is available in written form. Saraha[Read More...]

by May 15, 2005 Comments are Disabled Angika Poets - Writers