Post Tagged with: "kundan amitabh"

सीताकांत महापात्रा समिति की सिफारिश सूची में शामिल अंगिका, भोजपुरी सहित 38 भाषाओं को 8वीं अनुसूची में तुरंत जगह मिले

सीताकांत महापात्रा समिति की सिफारिश सूची में शामिल अंगिका, भोजपुरी सहित 38 भाषाओं को 8वीं अनुसूची में तुरंत जगह मिले  —  कुंदन अमिताभ — कैंपेन फॉर लैंग्वेज इक्वलिटी एंड राइट्स (CLEAR),  भारतीय भाषा समूह, मैथिली-भोजपुरी अकादमी और अंगिका.कॉम ने संयुक्त रूप से मांग की है कि देश में अलग-अलग समुदायों की 38 भाषाओं को यथाशीघ्र संवैधानिक दर्जा दिया जाए ।[Read More...]

अंगिका.कॉम केरऽ संस्थापक आरू अखिल भारतीय अंगिका साहित्य व कला मंच केरऽ उपाध्यक्ष कुंदन अमिताभ आरू कैंपेन फॉर लैंग्वेज इक्वलिटी एंड राइट्स (CLEAR) केरऽ प्रेजिडेंट डॉक्टर जोगा सिंह नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया मं॑ आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फेंस क॑ संबोधित करते

सीताकांत महापात्रा समिति केरऽ सिफारिश सूची म॑ शामिल अंगिका, भोजपुरी सहित 38 भाषा क॑ संविधान केरऽ अष्टम अनुसूची मं॑ तुरंत जगह मिल॑

नई दिल्ली 21 फरवरी, 2017 । कैंपेन फॉर लैंग्वेज इक्वलिटी एंड राइट्स (CLEAR),  भारतीय भाषा समूह, मैथिली-भोजपुरी अकादमी आरू अंगिका.कॉम न॑ संयुक्त रूप स॑ मांग करल॑ छै कि देश म॑ अलग-अलग समुदाय केरऽ 38 भाषा क॑ यथाशीघ्र संवैधानिक दर्जा देलऽ जाय । 21 फरवरी क॑ अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस केरऽ मौका पर दिल्ली मं॑ जमा होलऽ देशभर के भाषा कार्यकर्ता सिनी[Read More...]

by February 24, 2017 Comments are Disabled Angika News, Language and Literature News, News, State and National News
अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की आनाकानी समझ से परे

अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की आनाकानी समझ से परे

अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की आनाकानी समझ से परे —  कुंदन अमिताभ — यह एक अनबूझ पहेली सी ही है कि बिहार, झारखंड, पं. बंगाल के लगभग छह करोड़ भारतीयों द्वारा बोली जाने वाली भाषा अंगिका को अब तक भारतीय संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है. जबकि वास्तविकता यह है कि विश्व के[Read More...]

क्या आज प्रधानमंत्री अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की घोषणा करेंगें?

क्या आज प्रधानमंत्री अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की घोषणा करेंगें?

क्या आज प्रधानमंत्री अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की घोषणा करेंगें? —  कुंदन अमिताभ — यह एक अनबूझ पहेली सी ही है कि बिहार, झारखंड, पं. बंगाल के लगभग छह करोड़ भारतीयों द्वारा बोली जाने वाली भाषा अंगिका को अब तक भारतीय संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है. जबकि वास्तविकता यह है कि विश्व[Read More...]

पीयै के पानी लेली मारा-मारी

पीयै के पानी लेली मारा-मारी

पीयै के पानी लेली मारा-मारी —  कुंदन अमिताभ — पीयै के पानी केरऽ समस्या दिनों दिन भयावह होलऽ जाय रहलऽ छै. दिनों-दिन बढ़लऽ जाय रहलऽ जनसंख्या के अलावा नदी, जंगल आरू पहाड़ जैसनऽ जलस्त्रोत वाला प्राकृतिक संपदा केरऽ अंधाधुंध दुरूपयोग एकरऽ मूल कारणऽ मं॑ सं॑ चंद आसानी सं॑ समझलऽ जाय वाला कारण छेकै. मनुष्य आरू इतर जीव समुदाय लेली जीवन[Read More...]

दूरी

दूरी

दूरी — कुंदन अमिताभ — सहज क॑ सहेजन॑ बिना असहज क॑ सहेजी कहिया तलुक दुनिया सहेजै के नाटक करभो ? मानलिहौं कि तोंय क्षणभर मं॑ अंतरिक्ष नापी लै छहो तड़ातड़ सामुद्रिक गहराई पैठी लै छहो पर हमरा तलक पहुँचै मं॑ एत्त॑ समय केना लागी जाय छहौं ? हम्मं॑ कोय भी हुअ॑ पारै छी तहूँ, तोरऽ पड़ोसी या कोइयो लेकिन अंतरिक्ष केरऽ[Read More...]

रौदा

रौदा

रौदा — कुंदन अमिताभ — उधारो लै ल॑ पड़हौं रौदा त॑ नै हिचकिचाबऽ लै ल॑ आखिर धरती भी त॑ उधारे लेलऽ रौदा पर ही जिंदा छै । Angika Poetry : Rouda Poetry from Angika Poetry Book : Dhamas (धमस) Poet : Kundan Amitabh

कल॑-कल॑

कल॑-कल॑

कल॑-कल॑ — कुंदन अमिताभ — कल॑-कल॑ गरै छै दूध गाय केरऽ थऽन सं॑ दोल भरी जाय छै. कल॑-कल॑ । कल॑-कल॑ टपकै छै बूँद सरंग सं॑ सागर भरी जाय छै. कल॑-कल॑ । कल॑-कल॑ बिखरै छै चाँदनी चान सं॑ धरती तरी जाय छै दिल बहुराय छै कल॑-कल॑ । कल॑-कल॑ भरै छै आग सीना मं॑ मानव के जोद्दा बनी जाय छै देशऽ के[Read More...]

गीढ़ऽ

गीढ़ऽ

गीढ़ऽ — कुंदन अमिताभ — खोली ल॑ गीढ़ऽ तभिये तरान छौं । खोलै छहो किताब त॑ गीढ़ऽ खोलऽ चलाबै छहो जुबान त॑ गीढ़ऽ खोलऽ । चलाबै छहो कलम त॑ गीढ़ऽ खोलऽ खंगारै छहो मऽन त॑ गीढ़ऽ खोलऽ । खोलऽ हवा खोलऽ पानी खोलऽ रौदा खोलऽ चाँदनी । खोलऽ धरती खोलऽ सरंग सब छै तंग छेड़ऽ जंग । नै अब॑ चिढऽ[Read More...]

कहिया अवतरित भेलै मानव

कहिया अवतरित भेलै मानव

कहिया अवतरित भेलै मानव —  कुंदन अमिताभ — धरती पर मानव केरऽ अस्तित्व केतना पुरानऽ छै ? इ सवाल केरऽ जबाब खोजै केरऽ प्रयास लगातार होतं॑ रहलऽ छै. पर ठीक-ठीक कुछ पता नै चल॑ पारलऽ छै. ऐन्हऽ मं॑ समय – समय पर मिललऽ पुरातात्विक अवशेष ही अनुमान लगाबै के मुख्य आधार बनै छै. लगातार होय रहलऽ वैज्ञानिक शोध सं॑ कुछ[Read More...]