3 days ago
प्रधानमंत्रियें पटना मेट्रो रेल परियोजना समेत, सुलतानगंज, भागलपुर, कटिहार, बेगूसराय,पुर्णिया सब लेली 33,000 करोड़ रुपया के परियोजना के आधारशिला रखलकै आरू उद्घाटन करलकै
4 days ago
हमला के पीछू जे भी ताकत छै, गुनहगार छै, ओकरा ओकरौ करनी के सजा जरूर मिलतै – प्रधानमंत्री
4 days ago
देश लेली हम्में अपनो आरू अपनौ छोटका बेटा के जान भी कुर्बान करै लेली तैयार छियै, शर्त एतने टा छै कि पाकिस्तान केरौ वजूद मिटना चाहिय्यौ – शहीद रतन के बाबू
5 days ago
कश्मीर म सीआरपीएफ के काफिला प फिदायीन हमला – ४२ जवान शहीद, शहीदौ में अंगदेश केरौ रतन कुमार ठाकुर भी
2 weeks ago
सर्वसम्मति स॑ आठ महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करी क॑ अंगिका के विकास लेली तय करलऽ गेलै आगू के रणनीति

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जाह्न्वी अंगिका संस्कृति संस्थान न॑ बिहार अंगिका अकादमी मं॑ सेवा प्रदान करै वास्तें अनुशंसा करलकै 105 अंगिका साहित्यकारऽ के नाम

जाह्न्वी अंगिका संस्कृति संस्थान न॑ बिहार अंगिका अकादमी मं॑ सेवा प्रदान करै वास्तें अनुशंसा करलकै 105 अंगिका साहित्यकारऽ के नाम

पटना :  जाह्न्वी अंगिका संस्कृति संस्थान , पटना न॑ नवगठित बिहार अंगिका अकादमी मं॑ सेवा प्रदान करै वास्तें उम्र केरऽ वरीयता केरऽ आधार पर 105 अंगिका साहित्यकारऽ के नाम अनुशंसित करी क॑ बिहार सरकार कं॑ भेजन॑ छै. जाह्न्वी अंगिका संस्कृति संस्थान  केरऽ महासचिव, अंगिका केरऽ वरिष्ठ साहित्यकार आरू पिछला 46 साल सं॑ लगातार प्रकाशित होय रहलऽ अंगिका भाषा के पत्रिका “अंग माधुरी” केरऽ सम्पादक डा. नरेश पांडेय चकोर न॑ फोन करी क॑ इ सूचना अंगिका.कॉम क॑ आज देलकै. डा. चकोर न॑ बतैलकै कि दू बरस पूर्व  प्रकाशित “अंगिका साहित्य – अब तक” पुस्तक केरऽ आधार पर उपरोक्त अनुशंसा करलऽ गेलऽ छै. पिछला 56 साल सं॑ लगातार अंगिका भाषा साहित्य सृजन मं॑ जुटलऽ डा. नरेश पांडेय चकोर न॑ बतैलकै कि 105 अंगिका साहित्यकारऽ के नाम अनुशंसित करी क॑ बिहार सरकार कं॑  इ लेली भेजलऽ गेलऽ छै जेकरा सं॑  बिहार अंगिका अकादमी केरऽ गठन के सिलसिला मं॑ ऐकरऽ कार्यकारिणी समिति आरू साधारण समिति केरऽ सदस्य केरऽ सूची बनाबै मं॑ सरकार क॑ सुविधा हुए॑ सक॑. साथैं-साथ  बिहार अंगिका अकादमी… Read More

साहित्यिक बारिश में जी भर नहाए पटनाइट्स

साहित्यिक बारिश में जी भर नहाए पटनाइट्स

PATNA : पटना लिटरेचर फेस्टिवल की शानदार शुरुआत शुक्रवार से पटना म्यूजियम में हुई. देशभर के लिटरेचर से जुड़ी बड़ी हस्तियों ने विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बात की. इनमें सबसे प्रमुख बात थी लिटरेचर एक चेंजिंग एजेंट के रूप में कितने व्यापक रूप में रोल प्ले करता है, जिसमें इंडियन लैंग्वेजेज का एक बड़ा रोल है. इसमें उर्दू, मगही, भोजपुरी, ब्रज और अंगिका जैसी भाषा इंपॉर्टेट है. नवरस स्कूल ऑफ परफॉर्मिग आ‌र्ट्स के फाउंडर डायरेक्टर डॉ अजीत प्रधान ने बताया कि ऐसे फेस्टिवल इंडिया के कई हिस्सों में होते हैं, पर इस फेस्ट की खात बात यह है कि इसमें इंडियन लैंग्वेजेज पर कई सेशन रखे गए हैं, जिसमें बिहार की भाषा पर खास फोकस है. इससे लोगों को ऐसी भाषाओं से जुड़े रहने पर बल मिलेगा. किसी दायरे में नहीं है साहित्य गुलजार, बेबी हलधर, लीला सेठ, चन्द्रकिशोर झा, ओम थानवी, रवीश कुमार, त्रिपुरारी शरण, नमिता गोखले, आलोक धनवा सहित साहित्य की कई बड़ी… Read More

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