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क्या आज प्रधानमंत्री अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की घोषणा करेंगें?

क्या आज प्रधानमंत्री अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की घोषणा करेंगें? —  कुंदन अमिताभ — यह एक अनबूझ पहेली सी ही है कि बिहार, झारखंड, पं. बंगाल के लगभग छह करोड़ भारतीयों द्वारा बोली जाने वाली भाषा अंगिका को अब तक भारतीय संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है. जबकि वास्तविकता यह है कि विश्व के प्राचीनतम भाषाओं में से एक अंगिका भारत के अलावा नेपाल, कंबोडिया, वियतनाम, लाओस आदि देशों में बोली जाने वाली एक अंतर्राष्ट्रीय भाषा है. यह एक अत्यंत गंभीर और विचारणीय विषय है कि आजादी के इतने बरसों के बाद भी एक विशाल जनसमुदाय की भाषा अंगिका अपने वाजिब हक से वंचित क्यों है. पर्याप्त पात्रता और ठोस आधार होने के बावजूद अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने में भारत सरकार द्वारा किया जा रहा अप्रत्याशित विलंब समझ से परे है. क्या आज भागलपुर में आयोजित होने वाली परिवर्तन रैली में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र… Read More

बिहार कैबिनेटं॑ देलकै बिहार अंगिका अकादमी मं॑ पदऽ के सृजन लेली स्वीकृति

पटना : गत 23 जून क॑ बिहार कैबिनेट द्वारा अंगिका अकादमी केरऽ गठन के घोषणा के उपरांत गत 30 जून क॑ अंगिका अकादमी केरऽ गठन के बाद बिहार कैबिनेट केरऽ कल बुधवार 8 जुलाई केरऽ होलऽ मीटिंग मं॑ बिहार अंगिका अकादमी लेली पदऽ के सृजन पर मुहर लगी गेलै . मुख्यमंत्री श्री नीतिश कुमार केरऽ अध्यक्षता मं॑ पटना मं॑ आयोजित बिहार मंत्रीपरिषद केरऽ बुधवार केरऽ होलऽ बैठक मं॑ कुल 57 एजेंडा पास होलै, जेकरा म॑ एजेंडा नं. 33 के तहत बिहार अंगिका अकादमी लेली पदऽ के सृजन लेली स्वीकृति देलऽ गेलै. एकरऽ पहले गत 23 जून क॑ बिहार केरऽ कैबिनेट द्वारा अंगिका अकादमी केरऽ गठन क॑ मंजूरी देला के पश्चात राज्य योजनान्तर्गत संकल्प संख्या – 15 / एम -4 – 01 /2015 -1251 द्वारा गत 30 जून क॑ अंगिका अकादमी केरऽ विधिवत गठन करलऽ गेलै . कैबिनेट केरऽ बैठक मं॑ अंगिका अकादमी लेली तत्काल पाँच लाख रूपया टोकन स्वरूप सहायता अनुदान मंजूर भी करलऽ गेलऽ… Read More

बिहार सरकार करलकै अंगिका अकादमी केरॊ गठन – अंगिका भाषा कॆ संविधान केरॊ अष्टम सूची मॆं शामिल करै के दिशा मॆं महत्वपूर्ण कदम

पटना : बिहार मॆं अंगिका अकादमी केरॊ गठन करलॊ गेलॊ छै. कल मंगलवार कॆ बिहार केरॊ कैबिनेट नॆ अंगिका अकादमी केरॊ गठन कॆ मंजूरी देलकै. कैबिनेट केरॊ बैठक मॆं अंगिका अकादमी लेली तत्काल पाँच लाख रूपया टोकन स्वरूप सहायता अनुदान मंजूर करलॊ गेलॊ छै. बिहार राज्य केरॊ पंद्रह जिला केरॊ लगभग चार करोड़ अंगिका भाषी सहित अंगिका भाषाविद केरॊ बरसॊॆ पुराना माँग अबॆ जाय कॆ पूरा होलॊ छै. बिहार , झारखंड आरू पश्चिम बंगाल मॆं सब मिलाय कॆ पाँच करोड़ सॆं भी जादा लोगॊ द्वारा अंगिका बोललॊ जाय छै. अंगिका अकादमी केरॊ गठन अंगिका भाषा कॆ संविधान केरॊ अष्टम सूची मॆं शामिल करै के दिशा मॆं एगॊ महत्वपूर्ण कदम मानलॊ जाय रहलॊ छै. इ साल केरॊ अप्रैल माह मॆं मुख्यमंत्री नीतिश कुमार जबॆ अगवानी पुल केरॊ कार्यारंभ करै लॆ भागलपुर केरॊ सुलतानगंज गेलॊ रहै तॆ हुनी अंगिका अकादमी केरॊ गठन के बात करनॆ रहै. गत मई मॆं बिहार केरॊ मुख्यमंत्री नीतिश कुमार कॆ अंग उत्थानान्दोलन… Read More

अंगिका महासम्मेलन में जुटे हजारों अंगभाषी

अंगिका महासम्मेलन में जुटे हजारों अंगभाषी

जमशेदपुर : अंगिका जागृति संघ, जमशेदपुर के अध्यक्ष कौशल कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार (2 फरवरी-2014) को अंगिका समाज ने केबुल टाउन मैदान में विशाल पारिवारिक मिलन समारोह किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार बलमुचू उपस्थित थे। बलमुचू ने कहा कि आज आधुनिकता के कारण जहां समाज में दरार पैदा हो रही है वहीं अंगिका समाज अपनी संस्कृति को बचाने में जुटा है। इससे बड़ी बात नहीं हो सकती। उन्होंने संघ को अपने फंड से एंबुलेंस प्रदान किया। साथ ही टाटा से भागलपुर के बीच ट्रेन चलाने के लिए प्रयास करने की बात कही। विधायक रघुवर दास ने कहा कि विश्व में भारत की पहचान इसकी अपनी संस्कृति व सभ्यता है। आज जहां लोग पश्चिमी सभ्यता की ओर रूख कर रहे हैं, इसके बीच अपनी माटी की भाषा से एक दूसरे को जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसके लिए खासकर संघ शिवशंकर सिंह, कौशल सिंह व रविंद्र… Read More

अंग देश केरॊ स्थानीय कलाकारॊ सीनी कॆ प्राथमिकता मिलतै ‘ऐलै हो मिलन के बेला’ मॆं

अंग विश्व सांई छाया बैनर तलॆ नवनिर्माणाधीन अंगिका फिल्म,’ ऐलै हो मिलन के बेला ‘ केरॊ निर्माण मॆं अंग देश केरॊ स्थानीय कलाकारॊ सीनी कॆ प्राथमिकता देलॊ जैतै. अंगिका फिल्म ‘ ऐलै हो मिलन के बेला ‘जुलाई-2014 तक रिलीज होय जैतै. इ कहना छै  फिल्म केरॊ निर्माता-निदेशक  राजीव रंजन दास के. [wzslider autoplay=”true” info=”true”] अंगिका.कॉम सॆं बातचीत करतॆं हुऎ श्री राजीव रंजन दास नॆ कहलकै कि अंग देश क्षेत्र मॆं काफी प्रतिभावान कलाकार सीनी  छै, जेकरॊ प्रतिभा के सही उपयाग नै होय रहलॊ छै. ऐन्हॆ प्रतिभा सभ कॆ पहचान करी कॆ ओकरा अंगिका फिल्म उद्योग सॆं जोड़ै के जरूरत छै. सही प्रतिभा के खोज लेली हुनी अंग क्षेत्र के विभ्न्न भागॊ के व्यापक दौरा भी करलकै. ‘ ऐलै हो मिलन के बेला ‘ मॆं स्थानीय कलाकार, गौरव गर्ग, कौशल किशार मिश्रा, आरू नवनीता वर्मा, सानवी झा कॆ क्रमशः  मुख्य अभिनेता आरू अभिनेत्री के रोल मिलै के संभावना छै. हालाँकि मुख्य अभिनेत्री के नाम तय करना अभी शेष छै. श्री राजीव रंजन दास के अनुसार मेन हिरोइन के तलाश जल्दिये… Read More

चार-चार अंगिका फिल्म निर्माण के राजीव रंजन दास केरॊ महत्वाकांक्षी योजना

चार-चार अंगिका फिल्म निर्माण के राजीव रंजन दास केरॊ महत्वाकांक्षी योजना

मुंबई :अंगिका भाषा सिनेमा केरॊ ऐगॊ नया युग  शुरू होय वाला छै जबॆ आबै वाला समय मॆं अंगिका भाषा मॆं एक सॆं बढ़ी कॆ एक उत्कृष्ट आरू मनोरंजक सिनेमा निर्मित होय कॆ सिनेमा घरॊ मॆं प्रदर्शित करलॊ जैतै.  केवल ‘अंग विश्व सांई छाया’ द्वारा ही चार-चार अंगिका फिल्म निर्माण के योजना छै. जेकरा मॆं प्रमुख छै – ‘ऐलै हो मिलन के बेला’, ‘जहियो नै हमरा सॆं दूर’, ‘रंगॊ मॆं तोरे रंगी गेलॊं हो’. एगॊ अन्य फिल्म केरॊ नाम अभी तय होना शेष छै. चारॊ फिल्म केरॊ निर्माता-निदेशक  राजीव रंजन दास केरॊ कहना छै कि नवनिर्माणाधीन अंगिका फिल्म,”ऐलै हो मिलन के बेला” जुलाई-2014 तक रिलीज होय जैतै. श्री  दास कॆ फिल्म निर्माण केरॊ क्षेत्र मॆं एक लम्बा अनुभव छै आरू फिल्म निर्माण केरॊ बारीकी के बड़ा बढ़िया समझ छै. श्री  प्रकाश झा के साथ मुख्य सहायक निर्देशक केरॊ रूप मॆं काम करी चुकलॊ  श्री राजीव रंजन दास कॆ 1993 ई. सॆं ही प्रकाश झा सथॆं काम करै के मौका मिलतॆं रहलॊ छै. हिनकॊ… Read More

अंग माधुरी : दिसंबर-2013 ( बर्ष-45, अंक-1)

अंग माधुरी : दिसंबर-2013 ( बर्ष-45, अंक-1)

अंग माधुरी : दिसंबर-2013  ( बर्ष-45, अंक-1) पढ़ने के लिये क्लिक करें  Angika.com Exclusive : Ang Madhuri : December-2013 संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :क्या आज प्रधानमंत्री अंगिका को अष्टम अनुसूची में…अंगिका भाषा का साहित्यिक परिदृश्यअंगिका विकिपीडिया (प्रारम्भिक चरण) मॆं आपनॆ सॆं…Double centurion Rohit Sharma blasts India to series winइंगलैंड के अंतर्राष्ट्रीय बहुभाषीय संगोष्ठी में…अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की आनाकानी…Short story writer Alice Munro wins the 2013 Nobel…India, USA, Brazil – the top three in terms of…Deepavali decorations at shopping malls reflect…Pranab Mukherjee condoles death of renowned Hindi…

लिखे हुए नोटों को स्वीकार नहीं किए जाने के बारे में फैलाई गई अफवाह पर ध्यान न दें : भारतीय रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक ने लोगों से कहा है कि वे एक जनवरी 2014 से लिखे हुए नोटों को स्वीकार नहीं किए जाने के बारे में फैलाई गई अफवाह पर ध्यान न दें। एक अधिसूचना जारी कर रिजर्व बैंक ने कहा है कि बाजार में उड़ रही अफवाह को देखते हुए लोगों से अपील की जाती है कि वे इसका हिस्सा न बनें और अपने नोट का इस्तेमाल बिना किसी डर के करें। केंद्रीय बैंक ने कहा कि नोट पर लिखावट के कारण उसे स्वीकार नहीं करने के बारे में उसके तरफ से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। इससे पहले के स्पष्टीकरण में रिजर्व बैंक ने बैंकों के कर्मचारियों को नोट पर कुछ नहीं लिखने का निर्देश दिया था। इसमें कहा गया था कि ऐसा देखा गया है कि नोट पर बैंक कर्मचारी ही लिखते हैं, जो आरबीआई की क्लीन नोट पॉलिसी के खिलाफ है। आरबीआई ने समाज के सभी वर्गों से कहा है… Read More

“Khissa Chando-Bihula-Bishari Ke” : Another Angika Film in Pipe Line

“Khissa Chando-Bihula-Bishari Ke” : Another Angika Film in Pipe Line

Mumbai, April 20, 2007: “Khissa Chando Bihula Bishari Ke” would be the next film, which is in the foray for screening shortly on Indian silver screen after “Khagaria Vali Bhouji”. According to the sources, KCBBK is scheduled to be released on May 04, 2007. It is told that KCBBK is the first ever Angika Film which has been granted a Certificate for the release by the Censor Board. Things were quite different some years ago. Films made in Gujarati, Marathi and Punjabi languages ruled in respective states with much success. Other regional films like Bhojpuri films then were nowhere seen. But since 2005, Bhojpuri films began gaining ground. And now it appears that the turn is of Angika Cinema. A rare feat indeed! Angika films are now to suddenly become catch word in Indian cinema. The films are expected to do huge business in terms of success and money return. No other regional language films… Read More

There is no shortcut to hard work : Kunal Baikunth Singh

There is no shortcut to hard work : Kunal Baikunth Singh

Mumbai : 31 March,’07 : It was amazing to be with Kunal Baikunth Singh, the hero of first Angika feature film at the recording studio, “Shakuntalam” in Andheri Mumbai. I had reached over there at the request of Mr. Singh. I spent six full hours with him from evening up to midnight on 31 st March, 2007 before leaving to my place. He was quite busy with the final recording and dubbing work of “Khagaria Vali Bhouji”. He was appearing very bold, determined, and confident in handling all the activities at the studio as per his desire and requirements. He was looking quite capable in performing all the tedious job of recording and dubbing which generally requires lot of persistence. He was directing to everybody in very diligence manner to get the output and result as per the necessity of the film. His commitment towards the goal of producing a quality Angika language film was… Read More

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