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अंग देश केरॊ स्थानीय कलाकारॊ सीनी कॆ प्राथमिकता मिलतै ‘ऐलै हो मिलन के बेला’ मॆं

अंग विश्व सांई छाया बैनर तलॆ नवनिर्माणाधीन अंगिका फिल्म,’ ऐलै हो मिलन के बेला ‘ केरॊ निर्माण मॆं अंग देश केरॊ स्थानीय कलाकारॊ सीनी कॆ प्राथमिकता देलॊ जैतै. अंगिका फिल्म ‘ ऐलै हो मिलन के बेला ‘जुलाई-2014 तक रिलीज होय जैतै. इ कहना छै  फिल्म केरॊ निर्माता-निदेशक  राजीव रंजन दास के. अंगिका.कॉम सॆं बातचीत करतॆं हुऎ श्री राजीव रंजन दास नॆ कहलकै कि अंग देश क्षेत्र मॆं काफी प्रतिभावान कलाकार सीनी  छै, जेकरॊ प्रतिभा के सही उपयाग नै होय रहलॊ छै. ऐन्हॆ प्रतिभा सभ कॆ पहचान करी कॆ ओकरा अंगिका फिल्म उद्योग सॆं जोड़ै के जरूरत छै. सही प्रतिभा के खोज लेली हुनी अंग क्षेत्र के विभ्न्न भागॊ के व्यापक दौरा भी करलकै. ‘ ऐलै हो मिलन के बेला ‘ मॆं स्थानीय कलाकार, गौरव गर्ग, कौशल किशार मिश्रा, आरू नवनीता वर्मा, सानवी झा कॆ क्रमशः  मुख्य अभिनेता आरू अभिनेत्री के रोल मिलै के संभावना छै. हालाँकि मुख्य अभिनेत्री के नाम तय करना अभी शेष छै. श्री राजीव रंजन दास के अनुसार मेन हिरोइन के तलाश जल्दिये पूरा होय जैतै.… Read More

अंग माधुरी : दिसंबर-2013 ( बर्ष-45, अंक-1)

अंग माधुरी : दिसंबर-2013 ( बर्ष-45, अंक-1)

अंग माधुरी : दिसंबर-2013  ( बर्ष-45, अंक-1) पढ़ने के लिये क्लिक करें  Angika.com Exclusive : Ang Madhuri : December-2013 संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की आनाकानी समझ से परेक्या आज प्रधानमंत्री अंगिका को अष्टम अनुसूची में…झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जे.एस.एस.सी)- टी.जी.टी.…स्थापना केरऽ साल भर बाद भी कागज प॑ ही चली रहलऽ छै…सरकारी उपेक्षा केरऽ शिकार बिहार अंगिका अकादमी केरऽ…बिहार केरऽ प्राइमरी इसकूली मं॑ माध्यम भासा के रूप…

सुखरात मॆं आतिशबाजी सॆं निजात

सुखरात मॆं आतिशबाजी सॆं निजात

हर साल जबॆ सुखरात (दिवाली) आबै वाला रहै छै आरू आबी कॆ चल्लॊ जाय छै, इ मुद्दा चरम चर्चा मॆ रहै छै कि आतिशबाजी आरू आतिशबाजी जनित प्रदूषण सॆं केना निजात पैलॊ जाय. तरह-तरह के तर्क-वितर्क, तरह-तरह के बयानबाजी, तरह-तरह के पाबंदी के दौर चलै छै. तमाम तरह के विनम्र आग्रह भी करलॊ जाय छै. शुरू मॆ एन्हॊ प्रतीत होय छै कि शायद अबरी दाफी आतिशबाजी नियंत्रण मॆं रहतै. एन्हॊ भी अनुमान लगै छै कि बढ़तॆं मँहगाई के चलतॆं एकरा पर कुछू लगाम लगतै. धीर मॊन अधीर होय जाय छै जबॆ सब चीज कॆ धता बतलैतॆं छोटी दिवाली के रात सॆं ही आतिशबाजी केरॊ अंतहीन सॆं नजर आबै वाला दौर शुरू होय जाय छै. करोङॊं रूपया आगिन मॆं झोंकी देलॊ जाय छै. भारतीय क्रिकेट टीमॊ द्वारा विभिन्न अन्तराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, आय.पी. एल. मैच जीतला पर आतिशबाजी केरॊ प्रदर्शन तॆं होतै छै,  पर दिवाली मॆं आतिशबाजी आपनॊ चरम पर रहै छै. एकरा सॆं कि इ  बात  साफ होय  छै कि आतिशबाजी आरो आतिशबाजी जनित… Read More

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