Post Tagged with: "अंगिका लोक भाषा"

लिखे हुए नोटों को स्वीकार नहीं किए जाने के बारे में फैलाई गई अफवाह पर ध्यान न दें : भारतीय रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक ने लोगों से कहा है कि वे एक जनवरी 2014 से लिखे हुए नोटों को स्वीकार नहीं किए जाने के बारे में फैलाई गई अफवाह पर ध्यान न दें। एक अधिसूचना जारी कर रिजर्व बैंक ने कहा है कि बाजार में उड़ रही अफवाह को देखते हुए लोगों से अपील की जाती है कि वे इसका हिस्सा न बनें और अपने नोट का इस्तेमाल बिना किसी डर के करें। केंद्रीय बैंक ने कहा कि नोट पर लिखावट के कारण उसे स्वीकार नहीं करने के बारे में उसके तरफ से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। इससे पहले के स्पष्टीकरण में रिजर्व बैंक ने बैंकों के कर्मचारियों को नोट पर कुछ नहीं लिखने का निर्देश दिया था। इसमें कहा गया था कि ऐसा देखा गया है कि नोट पर बैंक कर्मचारी ही लिखते हैं, जो आरबीआई की क्लीन नोट पॉलिसी के खिलाफ है। आरबीआई ने समाज के सभी वर्गों से कहा है… Read More

Hum To Bas Aapke Hain :Song by Kailash Kher from Angika Feature Film Khagariya Wali Bhouji

Hum To Bas Aapke Hain :Song by Kailash Kher from Angika Feature Film Khagariya Wali Bhouji Hum To Bas Aapke Hain :Song by Kailash Kher from Angika Feature Film Khagariya Wali Bhouji संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :बिहार केरऽ प्राइमरी इसकूली मं॑ माध्यम भासा के रूप…Raja Kare Chhi Hum Tore Se Pyar : Angika Song from…खगड़िया म॑ भ्रष्टाचार-बुहारन अंगिका कवि सम्मेलन…सरकार केरऽ अनुमति के बगैर ही चली रहलऽ छै तिलकामाँझी…अंगिका कविता कोश न॑ आयोजित करलकै पर्यावरण जागरूकता…फीफा अंडर-१७ कप फाइनल म॑ शनिचर क॑ होतै इंग्लैंड आरू…

अंगिका काव्य और कवि

अंगिका उस अंग महाजनपद की भाषा है, जिसे पुराणों में अंगदेश के नाम से भी जाना गया है, जिस देश :क्षेत्र, की नींव बली के पुत्र अंग ने अपने नाम पर रखी थी और कि जिस चक्रवर्ती अंग के संबंध में यह कथन है कि उसने सम्पूर्ण पृथ्वी को जीतकर अश्वमेध यज्ञ किया था। ‘अंग समन्तं सर्वतः पृथ्वीं जयन्परीयायाश्वेन च मेध्येनेज इति।’ :ऐतरेय ब्राह्मण-ण्ण्ण्९/८/२१,। चक्रवर्ती सम्राटों की संख्या अंग जनपद में कम नहीं रही है। चक्रवर्ती अंग के ही वंश में पृथु का जन्म हुआ, जो न केवल राजसूय यज्ञ से अभिसिक्त होने वाला प्रथम राजा हुआ, बल्कि अपने यशोगान से प्रसन्न होकर सूत को अनूप देश और मगध को मगध देश दे दिया था। इन पौराणिक कथाओं पर वाद-विवाद हो सकता है, लेकिन इतना तो स्पष्ट है कि अंग की स्थापना ऋग्वेद काल में ही चुकी थी, इसे एक स्वर से  सभी इतिहासकार स्वीकार करते हैं। :देखें-राधा कृष्ण चैधरी/हिस्टंी आॅफ बिहार/१९५८ पृ.ण्ण्ण्ण्ण्ण्॰, ‘संस्कृति के चार अध्याय’ में… Read More

“Khissa Chando-Bihula-Bishari Ke” : Another Angika Film in Pipe Line

“Khissa Chando-Bihula-Bishari Ke” : Another Angika Film in Pipe Line

Mumbai, April 20, 2007: “Khissa Chando Bihula Bishari Ke” would be the next film, which is in the foray for screening shortly on Indian silver screen after “Khagaria Vali Bhouji”. According to the sources, KCBBK is scheduled to be released on May 04, 2007. It is told that KCBBK is the first ever Angika Film which has been granted a Certificate for the release by the Censor Board. Things were quite different some years ago. Films made in Gujarati, Marathi and Punjabi languages ruled in respective states with much success. Other regional films like Bhojpuri films then were nowhere seen. But since 2005, Bhojpuri films began gaining ground. And now it appears that the turn is of Angika Cinema. A rare feat indeed! Angika films are now to suddenly become catch word in Indian cinema. The films are expected to do huge business in terms of success and money return. No other regional language films… Read More

THE FIRST ANGIKA FEATURE FILM : ON THE VERGE OF RELEASING

Mumbai: 14 January, 07 : It is not the State or Central government body or any Millionaire or Billionaire but a youngster in his thirties belonging to lower income class family of Bihar, Mr. Kunal Baikunth Singh, who has led up to produce the first Feature Film of Angika language. Ironically, Mr. Kunal is very much optimistic for the releasing of the film even in the adverse condition of the availability of the adequate fund. The shooting of the film was started in the mid of the year 2006. Few of the scenes of the film were shot in Bhagalpur, the historical city of Anga Desh. Crores of Angika Speaking people of Anga are now eagerly waiting for the release of this low budget film, which is named as “Khagaria Vali Bhouji”. In the mean time Audio Cassette of the film songs has been released and is available in the market for the sale. Moreover,… Read More

अंगिका भाषा का साहित्यिक परिदृश्य

केवल लिखित साहित्य को ही आधार मानें तो अंगिका भाषा में साहित्य निर्माण की समृध्द परम्परा प्राचीन काल से ही सतत रूप से जारी है, जो प्रामाणिक रूप से पिछले तेरह सौ वर्षों के कालखंडों में बिखरा पड़ा है. महापंडित राहुल सांकृत्यायन के अनुसार हिन्दी भाषा के लिखित साहित्य का प्राचीनतम स्वरूप ‘अंग’ के प्राचीन सिध्द कवि ‘सरह’ की आठवी सदी में लिखी अंगिका-अपभ्रंश भाषा की रचनाओं में उपलब्ध है. अगर वैदिक संस्कृत में सृजित साहित्य के प्रारंभिक वर्षों को भारतीय भाषाओं में साहित्य लेखन की शुरूआत मानी जाय तो ‘अंगिका’ भाषा में साहित्य निर्माण का कार्य आज से चार हजार वर्ष पूर्व शुरू हो चुका था. अंगिका में लिखित एवं अलिखित दोनों ही तरह के साहित्य प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं. आज की स्थिति यह है कि अंगिका भाषा का अपना वेब पोर्टल अंगिका.कॉम बर्ष 2003 से अस्तित्व में हैं. साथ ही अंगिका भाषा में गुगल.क़ॉम जैसा विश्व के अव्वल दर्जे का सर्च इंजन… Read More

Talk Manjhi – The First Freedom Fighter of India

Tilka Manjhi Baba Tilka Manjhi (or Jabra paharia was the first Adivasi leader who took up arms against the British in the 1784, around 100 years before Mangal Pandey. He organized the Adivasis to form an armed group to fight against the resource grabbing and exploitation of British. History The year 1784 is considered as the first armed rebellion against the British and was the beginning of Paharia. It was due to great famine in 1770 and the consequences of Court of Directors orders influenced by William Pitt the Younger — Court of Director issued ten year of the settlement of Zamindari and later in 1800 – this resulted in minim chance to negotiate between local Zamdindars and Santhal villagers. Baba Tilka Majhi attacked Augustus Cleveland, British commissioner [lieutenant], and Rajmahal with a Gulel (a weapon similar to slingshot) who died later. The British surrounded the Tilapore forest from which he operated but he and… Read More

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