गाजियाबाद : वैशाली सेक्टर-4 स्थित मनोरम सेंट्रल हॉल म॑ रविवार शाम ‘पेड़ों की छांव तले रचना पाठ’ केरऽ 30वां साहित्यिक गोष्ठी के आयोजन भेलै जेकरा मं॑ सुप्रिया सिंह वीणा केरऽ पाठ करलऽ अंगिका कविता आकर्षण केरऽ केंद्र रहलै ।

सुप्रिया सिंह वीणा न॑  बिहार, झारखंड व पं. बंगाल म॑ बोललऽ जाय वाला अंगिका भाषा म॑ गीत सुनैतैं  कार्यक्रम केरऽ शुरुआत करलकै । हुनी आपनऽ मनऽ के तोंय मालिक बनलऽ रहऽ सदा, दोसरा के मालिक नै बनाबऽ रे बटोहिया गीत सुनाय क॑ सब क॑ मंत्रमुग्ताध करी देलकै आरू ताली बटोरलकै।

ईश्वर सिंह तेवतिया न॑ नया युवा पीढ़ी पर तंज कसतं॑  कहलकै कि ‘नहीं बोझ सा हमको देखो, सच को तो स्वीकार करो तुम, उपकारों का भार उतारो, फिर कोई उपकार करो तुम, सब जज़्बात ताक पर रख दो, करो चलो व्यापार करो तुम, नहीं फर्ज का प्रश्न कोई भी, चुकता सिर्फ उधार करो तुम’। गजलकार मृत्युंजय साधक न॑ कहलकै कि ‘उम्मीदों का जल मिल जाए, तो फिर चैन मिले, जीवन की बगिया खिल जाए, तो फिर चैन मिले, रिश्तों में संदेहों के जम कर बैठे पत्थर, ये पथरीला पन हिल जाये तो फिर चैन मिले’ । हुनकऽ ई गीत सब क॑ भावविभोर करी देलकै ।

चीफ गेस्ट आारू अन्य कवि सिनी न॑ दीप जलाय क॑ कार्यक्रम केरऽ शुरुआत करललकै। कार्यक्रम म॑ कवि सिनी न॑ गीत, कविता आरू शेरो-शायरी स॑ समां बांधी देलकै । कार्यक्रम म॑ चीफ गेस्ट प्रख्यात गीतकार डॉ. राधेश्याम बंधु न॑ गीत व गजल सुनैलकै । ई दौरान कृष्ण मोहन उपाध्याय, अवधेश सिंह, डॉ. वरुण कुमार तिवारी, रणवीर सिंह अनुपम, शैल भधावरी, प्रमोद मनसुखा, अवधेश सिंह, डॉ. वरुण कुमार तिवारी, संजय मिश्र, संजीव ठाकुर, अनीता सिंह, श्रेया मिश्रा आदि कवि मौजूद छेलै ।  गोष्ठी केरऽ संचालन कवि अवधेश सिंह न॑ करलकै ।

(साभार – नवभारत टाईम्स)

Reference Link : http://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/ghaziabad/poetry-and-jammed-packed-with-shero-poetry/articleshow/57857810.cms

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