रांची । झारखंड नियोजन नीति के अनुसार झारखंड म॑ हर जिला के अपनऽ भाषा होतै जेकरा म॑ पास करला प॑ ही तृतीय आरू चतुर्थ श्रेणी पदऽ प॑ नौकरी हुअ॑ सकतै । झारखंड राज्य म॑ नियोजन नीति क॑ अंतिम रूप द॑ देलऽ गेलऽ छै । जों ई नीति राज्य म॑ लागू होय छै त॑ हर जिला लेली एगो अलग भाषा अथवा एक स॑ अधिक भाषा अधिसूचित होतै जे जिला केरऽ अपनऽ भाषा होतै ।

झारखंड सरकार तरफऽ स॑ बनैलऽ गेलऽ नियोजन नीति सें स्थानीय लोगऽ क॑ लाभ पहुंचाबै के कोशिश करलऽ गेलऽ छै । हालांकि अभी एकरा १७ अप्रैल क॑ सरकार लगां अनुशंसा लेली भेजलऽ जैतै । ओकरऽ बाद ही एकरा अंतिम रूप देलऽ जाब॑ सकै छै । जों ई नीति राज्य म॑ लागू होय छै त॑ हर जिला लेली एगो अलग भाषा अथवा एक स॑ अधिक भाषा अधिसूचित होतै जे जिला केरऽ अपनऽ भाषा होतै । युवा सिनी क॑ तृतीय आरू चतुर्थ श्रेणी म॑ नियोजन के पहिन॑ ई भाषा म॑ पास करना अनिवार्य होतै ।

जिला केरऽ भाषा के सौ अंक के परीक्षा होतै, जेकरा म॑ कम सें कम ३० अंक लानी क॑ पास करना अनिवार्य होतै । सवाल झारखंड सें ही जुड़लऽ रहतै । ओह॑ अभ्यर्थिय सिनी क॑ योग्य मानलऽ जैतै जे जिला केरऽ राजनीतिक, भौगोलिक, आर्थिक इतिहास आरनि के जानकारी रखतें हुअ॑ परीक्षा म॑ पास कर॑ सकतै ।

‘झारखंड केरऽ इतिहास व संस्कृति’ विषय म॑ पास होला के बाद ही दोसरऽ विषय सब के परीक्षा में शामिल होय के पात्रता होतै । स्थानीय उम्मीदवार सब लेली आवश्यक होतै कि हुनका सब क॑ वू जिला के भाषा, रहन-सहन, पहनावा, रीति-रिवाज आदि के जानकारी रह॑ । ई प्रकार हर जिला के अपनऽ जनजातीय अथवा क्षेत्रीय भाषा घोषित होतै आरू ओहे भाषा म॑ लिखित परीक्षा आयोजित होतै । कमेटी जिला स्तरीय नियुक्ति के अलावा झारखंड लोक सेवा आयोग, व कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित यह॑ पदऽ के समकक्ष परीक्षा म॑ भी स्थानीय भाषा के पात्रता के अनुशंसा करै ल॑ जाय रहलऽ छै ।

(Source: https://www.jagran.com/jharkhand/ranchi-every-district-will-have-its-own-language-in-jharkhand-17817295.html)

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