मुंबई । ऑस्‍ट्रेलिया केरऽ गोल्‍डकोस्‍ट म॑ चली रहलऽ २१वाँ राष्‍ट्रमंडल खेल म॑ अंग देश केरऽ बेटी श्रेयसी सिंह न॑ गोल्‍ड मेडल जितल॑ छै । हुनी ई मेडल डबल ट्रैप शूटिंग म॑ प्राप्‍त करलकै । श्रेयसी सिंह अंगदेश केरऽ जमुई क्षेत्र केरऽ छेकै । श्रेयसी सिंह न॑ ई गोल्ड जीती क॑ एगो नया इतिहास रचल॑ छै । हुनी पहलऽ ऐसनऽ महिला शूटर छेकै जे डबल ट्रैप इवेंट म॑ भारत लेली गोल्ड मेडल जितल॑ छै ।

हुनका द्वारा हासिल ई स्वर्ण पदक स॑ एक दन्न॑ जहाँ भारत केरऽ कुल स्वर्ण पदक केरऽ संख्या बढ़ी क॑ १२ होय गेलऽ छै, वहीं १२ गोल्ड, ४ सिल्वर आरू ७ ब्रॉन्ज मेडल मिलाय क॑ कुल प्राप्त पदक केरऽ संख्या बढ़ी क॑ २३ भ॑ गेलऽ छै । पदक तालिका म॑ भारत तीसरा नंबर पर डटलऽ छै । श्रेयसी न॑ शूट-ऑफ म॑ ऑस्ट्रेलिया केरऽ एम्मा कॉक्स क॑ एक अंक स॑ हरैतैं हुअ॑ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमैलकै ।

श्रेयसी सिंह

श्रेयसी सिंह केरऽ ई उपलब्‍धि स॑ सौसे देश,पूरे बिहार आरू विशेष करी क॑ अंगदेश में खुशी के माहौल व्याप्त भ॑ गेलऽ छै । भारत केरऽ राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद, बिहार केरऽ राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक व मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार न॑ बधाई देन॑ छै । श्रेयसी न॑ अपनऽ ई जीत केरऽ श्रेय अपनऽ माय क॑ देन॑ छै ।

श्रेयसी न॑ गोल्‍ड प॑ निशाना लगैला के बाद अपनऽ ई सफलता केरऽ श्रेय कोच, माय आरू बहिन क॑ देल॑ छै । हुनी कहलकै कि हुनकऽ माय न॑ तमाम तरह के परेशानी के बाद भी पूरा जीवन हुनका सपोर्ट करलकै, जेकरा चलतें हुनी आय कामयाब हुअ॑ पारलै । श्रेयसी न॑ कहलकै कि कोच न॑ हुनका कड़ा ट्रेनिंग देल॑ छेलै, जेकरा चलतें कॉमनवेल्थ खेल म॑ अच्छा परफॉर्म कर॑ सकलकै । हुनकऽ अनुसार हुनी पहिनै सिल्वर जीती चुकलऽ छेलै। ई दफा हुनी अधिक मेहनत करलकै, कॉम्पटीशन काफी कड़ा छेलै । ऑस्ट्रेलिया केरऽ शूटर एम्मा काक्स क॑ होम ग्राउंड होला के चलतें एडभांटेज छेलै । हुनी कहलकै कि हुनी पहिन॑ नर्वस छेलै, लेकिन कड़ा ट्रेनिंग काम ऐलै ।

एकरऽ पहल॑ नई दिल्ली में आयोजित ६१वां नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप म॑ महिला केरऽ डबल ट्रैप स्पर्धा म॑ भी श्रेयसी सिंह न॑ स्वर्ण पदक जीती क॑ अंग देश केरऽ धरती क॑ गौरवान्वित करल॑ छेलै।

भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह आरू बाँका केरऽ पूर्व सांसद पुतुल कुमारी केरऽ बेटी श्रेयसी न॑ एक बार फिर अपनऽ उपलब्धि स॑ देश, पूरे राज्‍य आरू अंग देश क॑ गौरान्वित करी देल॑ छै। श्रेयसी राष्ट्रमंडल खेल म॑ पदक जीतै वाली बिहार केरऽ असकेल्लऽ खिलाड़ी छेकै ।

भारत केरऽ झोली म॑ १२वाँ गोल्ड मेडल डालै वाली श्रेयसी के कहना छै कि हुनी अपनऽ मरहूम दादा (सुरेंद्र सिंह), आरू मरहूम बाबू (दिग्विजय सिंह) केरऽ सपना क॑ पूरा करी रहलऽ छै । श्रे.सी केरऽ दादा आरू बाबू दूनू अपनऽ-अपनऽ समय म॑ नेशनल रायफल महासंघ (एनआरएआई) केरऽ अध्यक्ष रही चुकलऽ छै ।

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