पटना : बिहार अंगिका अकादमी केरऽ बदहाल स्थिति सं॑ भला के अंगिका भाषा-भाषी अवगत नै छै । पिछला विधानसभा चुनाव के ठीक पहल॑ लगभग ६ करोड़ अंगिका भाषी केरऽ वोट क॑ ध्यान मं॑ रखतं॑ हुअ॑ सरकार द्वारा अंगिका अकादमी केरऽ करलऽ गेलऽ स्थापना अखनी तलक खाली राजनीतिक लाभ लै लेली करलऽ गेलऽ प्रयास ही सिद्ध होलऽ छै ।

सबसं॑ रोचक बात त॑ ई छै कि अकादमी अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) लखन लाल आरोही के साथ-साथ अंगिका भाषा केरऽ साहित्यकार, आम जन, प्रिंट मीडिया आरू इलेक्ट्रानिक्स मीडिया द्वारा सरकार केरऽ ध्यान बार – बार ई दिशा म॑ दिलैलऽ जाय रहलऽ छै, परंतु फिर भी कोय असर होतं॑ नै दिखै छै । स्थापना के साल भर बाद भी कागज प॑ ही चली रहलऽ छै बिहार अंगिका अकादमी । नै त॑ अध्यक्ष क॑ बैठै लेली कोनो कार्यालय छै, नै कोनो कर्मचारी केरऽ पदस्थापना ही होलऽ छै आरू नै कोनो वेतन के भुगतान ही करलऽ गेलऽ छै । अकादमी अध्यक्ष केरऽ आपनऽ खर्चा सं॑ ही चली रहलऽ छै सब कुछ – खैरा गाँव सं॑ ३२५ कि.मी. दूर स्थित पटना,पटना सं॑ खैरा केरऽ सफर , पटना मं॑ ठहरना, फाईल ल॑ क॑ सचिवालय स्थित अलग-अलग दफ्तर के चक्कर लगाना, अंग क्षेत्र केरऽ विभिन्न कार्यक्रमऽ मं॑ भाग लेना, फोनऽ सं॑ लोगऽ सं॑ संपर्क करना आदि ।

पिछला कुछ महीना के दौरान अंगिका.कॉम आरू प्रभात खबर (रिपोर्टर श्री पुष्यमित्र), पटना अंक मं॑ २४ जुलाई – २०१६ क॑ छपलऽ रिपोर्ट : सरकारी उपेक्षा केरऽ शिकार बिहार अंगिका अकादमी केरऽ साल भर के सफर – नै दफ्तर नै डायरेक्टर साथं॑ अंगिका.कॉम मं॑ १९ अगस्त – २०१६ क॑ छपलऽ रिपोर्ट : बिहार अंगिका अकादमी अध्यक्ष केरऽ मुख्यमंत्री सं॑ गुहार – अविलंब दिलाबऽ दफ्तर,कर्मचारी आरू कोष  द्रष्टव्य छै ।

ईह॑ क्रम मं॑ पटना सं॑ प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र, दैनिक भास्कर केरऽ १३ अक्तूबर – २०१६ ई. केरऽ अंक मं॑ श्री प्रणय प्रियंवद केरऽ बिहार अंगिका अकादमी केरऽ बदहाल स्थिति आरू एकरऽ प्रति जारी घोर सरकारी उपेक्षा केरऽ बारे मं॑ विस्तृत रिपोर्ट छपलऽ छै, जे यहाँ देलऽ जाय रहलऽ छै ।

दैनिक भास्कर केरऽ पटना संस्करण मं॑ १३ अक्तूबर, २०१६ क॑ प्रकाशित रिपोर्ट

दैनिक भास्कर केरऽ पटना संस्करण मं॑ १३ अक्तूबर, २०१६ क॑ प्रकाशित रिपोर्ट

 

 

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