1 month ago
उधाडीह गाँव मँ मनैलौ गेलै शौर्य चक्रधारी अंग गौरव शहीद निलेश कुमार नयन केरौ शहादत दिवस | New in Angika
1 month ago
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मँ जग्घौ बनाबै लेली आय 122 भाषा के गाना कार्यक्रम मँ अंगिका मँ भी गैतै पुणे केरौ मंजुश्री ओक | News in Angika
2 months ago
अंगिका भाषा क आठमौ अनुसूची मँ दर्ज कराबै लेली दिसम्बर मँ दिल्ली मँ होय वाला आन्‍दोलन क सफल बनाबै के करलौ गेलै आह्वान | News in Angika
2 months ago
अंगिका आरू हिन्दी केरौ वरिष्ठ कवि व गीतकार, कविरत्न महेन्द्र प्र.”निशाकर” “दिनकर सम्मान” सँ सम्मानित  | News in Angika Angika
2 months ago
चाँद पर विक्रम लैंडर के ठेकानौ के लगलै पता, पर अखनी नै हुअय सकलौ छै संपर्क | ISRO found Vikram on surface of moon, yet to communicate | Chandrayaan 2 | News in Angika

Other News

गीतिका – धमपा / धर्मपा

गीतिका – धमपा / धर्मपा– कम-कुलिश माँझे भमई लेली । समता जोएँ जलिल चण्डाली ।। डाह डोम्बिधरे लागेलि आगी । ससहर लइ सिंचुहु पाणी।। णउ खरे जाला धूम ण दी सइ । मेरू सिहर लइ गअण पइ सइ ।। दाढइ हरिहर ब्राह्मण नाडा (भठ्ठा) । दाढँइ नव-गुण शासन पाडा (पट्ठा) ।। भणइ धाम फुड़ लेहुरे जाणी । पंचनाले ऊठे (ऊध) गेल पाणी ।। Angika Poetry :गीतिका (Geetika) Poetry from Angika Poetry Book : Poet : धमपा / धर्मपा (Dhampa / Dharmpa ) Reference Books / Articles : Hindi Kavya Dhara –  Mahapandit Rahul Sankritiyan, Angika Bhasha Aour Sahitya (Panchdash Lokbhasha Nibandhavali – Published by Bihar Rashtrabhasha Parishad, Patna in the year 1960) – Dr. Maheshwari Singh Mahesh संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :फीफा अंडर-१७ कप फाइनल म॑ शनिचर क॑ होतै इंग्लैंड आरू…सड़क मार्ग सें पटना सें दिल्ली ११ घंटा मेंकाँग्रेस क मजबूत करै लेली हरदम्मे काम करतें रहबै,…फऽल एक फैदा अनेक : इमलीगिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मँ जग्घौ बनाबै लेली… Read More

अंग माधुरी : दिसंबर-2013 ( बर्ष-45, अंक-1)

अंग माधुरी : दिसंबर-2013 ( बर्ष-45, अंक-1)

अंग माधुरी : दिसंबर-2013  ( बर्ष-45, अंक-1) पढ़ने के लिये क्लिक करें  Angika.com Exclusive : Ang Madhuri : December-2013 संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :बिहार केरऽ प्राइमरी इसकूली मं॑ माध्यम भासा के रूप…अंगिका मासिक अंग माधुरी केरऽ प्रकाशिका श्रीमती…नीतीश आतंकवाद से लड़ने के बजाय राजनीतिक टूरिज्म में…सुल्तानगंज में रेल लाइन के लिए निविदा अगले माह!Pranab Mukherjee condoles death of renowned Hindi…अंगिका विकिपीडिया (प्रारम्भिक चरण) मॆं आपनॆ सॆं…Short story writer Alice Munro wins the 2013 Nobel…Patna serial blasts suspect escapes from NIA…Can the buzz of mosquitoes be art?ASI to start excavation for stupas in Bhagalpur

सुखरात मॆं आतिशबाजी सॆं निजात

सुखरात मॆं आतिशबाजी सॆं निजात

हर साल जबॆ सुखरात (दिवाली) आबै वाला रहै छै आरू आबी कॆ चल्लॊ जाय छै, इ मुद्दा चरम चर्चा मॆ रहै छै कि आतिशबाजी आरू आतिशबाजी जनित प्रदूषण सॆं केना निजात पैलॊ जाय. तरह-तरह के तर्क-वितर्क, तरह-तरह के बयानबाजी, तरह-तरह के पाबंदी के दौर चलै छै. तमाम तरह के विनम्र आग्रह भी करलॊ जाय छै. शुरू मॆ एन्हॊ प्रतीत होय छै कि शायद अबरी दाफी आतिशबाजी नियंत्रण मॆं रहतै. एन्हॊ भी अनुमान लगै छै कि बढ़तॆं मँहगाई के चलतॆं एकरा पर कुछू लगाम लगतै. धीर मॊन अधीर होय जाय छै जबॆ सब चीज कॆ धता बतलैतॆं छोटी दिवाली के रात सॆं ही आतिशबाजी केरॊ अंतहीन सॆं नजर आबै वाला दौर शुरू होय जाय छै. करोङॊं रूपया आगिन मॆं झोंकी देलॊ जाय छै. भारतीय क्रिकेट टीमॊ द्वारा विभिन्न अन्तराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, आय.पी. एल. मैच जीतला पर आतिशबाजी केरॊ प्रदर्शन तॆं होतै छै,  पर दिवाली मॆं आतिशबाजी आपनॊ चरम पर रहै छै. एकरा सॆं कि इ  बात  साफ होय  छै कि आतिशबाजी आरो आतिशबाजी जनित… Read More

Bihar government invites people to point out errors in caste census

PATNA: Rural development department secretary Amrit Lal Meena said on Thursday that people who find the details about their profiles wrong or someone else listed in the caste category he/she does not belong to in the ongoing socio-economic and caste census (SECC) can visit their respective district headquarters to get the anomaly rectified. It has been detected that some people enlist themselves in the caste category lower in hierarchy for reaping the benefits accruing from government’s welfare schemes, he said. The SECC operations are nearing completion. The department will advertise the completion of SECC roll and upload it on its official website, he said. The SECC is enumerating the caste and other details of the people, apart from identifying the families below poverty line (BPL). The identification and enumeration of the BPL families is being conducted in the state, as several anomalies have crept into the list of BPL families identified in 2002. “Socio-economic and… Read More

Bilingual dictionaries to promote India`s mother tongues

Delhi: The campaign to preserve vernacular mother tongues and make knowledge accessible to students through translation across the linguistic arc has taken a big stride with a new bilingual dictionary series in Hindi, Bengali, Oriya, Malayalam, Tamil and Kannada from the source language, English. An initiative of the Central Institute of Indian Languages (CIIL), National Translation Mission, Regional Institute of South Asia and Pearson Education, the six bilingual dictionaries is the first lot of the 11 dictionaries that the government is collaborating on with Pearson under its Longman imprint. “The dictionaries, released in the national capital Saturday, aims to fulfil the National Translation Mission`s mandate to develop translation tools for 22 Indian languages under the Eighth Schedule of the Constitution,” said Aditi Mukherjee, project manager of the National Translation Mission. The second lot of the language dictionaries that are in the works include Gujarati, Marathi, Punjabi, Telugu and Urdu, Mukherjee said. “One of the primary… Read More

होली मिलन समारोह में सबरंग की बहार

मुंगेर : जयप्रकाश उद्यान की सुरम्य वादियों में कवियों का मन-भ्रमर शब्द-पराग का रसपान कर बुधवार को बेकाबू हो रहा था। अवसर था होली मिलन समारोह का। अध्यक्षता कर रहे छंदराज ने शब्द लालित्य से सरसाया-पूरवा में तनवा घसियाये फागुन में, पछिया में मनवा भसियाये फागुन में..सुना कर श्रोताओं को बौरा दिया। आयोजक शिव कुमार रुंगटा ने आरंभ में रंगीन टोपी पहना कर कवियों का स्वागत किया। वहीं कार्यक्रम में सभी धर्मो के लोग शामिल होकर आपसी भाईचारा का पैगाम दिया। धन्यवाद ज्ञापन समाजसेवी अतिथि निरंजन शर्मा ने ऐसे आयोजन से युवा व बुजुर्गो के ऐसे समयोजन से जीवन में माधुर्य भरने वाला और स्वास्थ्य व‌र्द्धक बताया। कहा कि आगे भी प्राकृतिक सुषमा के बीच ऐसे कार्यक्रम चलाना काफी लाभप्रद बताया तो श्री रुंगटा ने ऐसी कोशिश करने का यकीन दिलाया। संचालन करते हुए शिवनंदन सलिल ने वसीम उद्दीन को इंगित करते हुए कहा कि शादी के रोज साहब थे कुरमुरे हुए, बरसी भी हो… Read More

Language must evolve with the times

Fears about the impact SMS-speak – crunchedlanguage with abbreviations and shortened words – is having on our language skills are not new. This particular study at the University of Calgary is only the latest in a line of them purporting to show causal links between people employing such language – created because of the inconvenience of typing long messages on a phone keyboard, character limits etc – and their ability to use or learn more conventional language. But there are two problems with such studies. The first is that there are just as many studies showing that texting could actually improve children’s language skills. And the other is the false assumption that any change in the way we use language is to be bemoaned. From researchers at Coventry University in the UK to those at Canadian and Australian universities, multiple studies have shown that text-speak doesn’t necessarily denote laziness or poor language skills. What it… Read More

अंगिका भाषा के जनक

अंगिका भाषा के जनक

जादुई व्यक्तित्व, निश्छल एवं अलौकिक मुस्कराहट वाले डॉ. परमानंद पांडेय ने अंगिका को वैसे तराशा, जैसे कोई जौहरी किसी बेडौल-बेजान पत्थर को तराशता है. वह एक संवेदनशील कवि हैं. उनके रचनात्मक व्यक्तित्व ने साहित्य सर्जकों, पाठकों एवं प्रशंसकों को काफी अभिभूत किया है. अंगिका व्याकरण, अंगिका भाषा, अंगिका वर्तनी, अंगिकांजलि, अंगिका और भोजपुरी भाषाओं का तुलनात्मक अध्ययन, हिंदी और अंगिका का अंतर्संबंध आदि अपनी श्रेष्ठ कृतियों से डॉ. पांडेय ने अंगिका का भंडार समृद्ध कर दिया. परमानंद पांडेय को इस सदी का सर्वश्रेष्ठ भाषा वैज्ञानिक मानकर उनकी उपलब्धियों पर आज गर्व किया जा रहा है. आज अंगिका भाषा-भाषी क्षेत्रों का जो मानचित्र जहां-तहां पत्र-पत्रिकाओं में छप रहा है, वह भी डॉ. पांडेय का ही बनाया हुआ है, जो उन्होंने अपनी डी. लिट की थीसिस-अंगिका का भाषा वैज्ञानिक अध्ययन में बनाकर भागलपुर विश्वविद्यालय को दिया था. भागलपुर में आकाशवाणी केंद्र भी डॉ. पांडेय की देन है. पांडेय ने भागलपुर विश्वविद्यालय में अंगिका की पढ़ाई प्रारंभ करने… Read More

अंगिका काव्य और कवि

अंगिका उस अंग महाजनपद की भाषा है, जिसे पुराणों में अंगदेश के नाम से भी जाना गया है, जिस देश :क्षेत्र, की नींव बली के पुत्र अंग ने अपने नाम पर रखी थी और कि जिस चक्रवर्ती अंग के संबंध में यह कथन है कि उसने सम्पूर्ण पृथ्वी को जीतकर अश्वमेध यज्ञ किया था। ‘अंग समन्तं सर्वतः पृथ्वीं जयन्परीयायाश्वेन च मेध्येनेज इति।’ :ऐतरेय ब्राह्मण-ण्ण्ण्९/८/२१,। चक्रवर्ती सम्राटों की संख्या अंग जनपद में कम नहीं रही है। चक्रवर्ती अंग के ही वंश में पृथु का जन्म हुआ, जो न केवल राजसूय यज्ञ से अभिसिक्त होने वाला प्रथम राजा हुआ, बल्कि अपने यशोगान से प्रसन्न होकर सूत को अनूप देश और मगध को मगध देश दे दिया था। इन पौराणिक कथाओं पर वाद-विवाद हो सकता है, लेकिन इतना तो स्पष्ट है कि अंग की स्थापना ऋग्वेद काल में ही चुकी थी, इसे एक स्वर से  सभी इतिहासकार स्वीकार करते हैं। :देखें-राधा कृष्ण चैधरी/हिस्टंी आॅफ बिहार/१९५८ पृ.ण्ण्ण्ण्ण्ण्॰, ‘संस्कृति के चार अध्याय’ में… Read More

Angika Magazines

The “ Ang Madhuri” is the first monthly magazine of Angika language. “Ang Madhuri” is being published regularly by Shekhar Prakashan, Patna since last 48 years. Its first issue was published in December 1970. Dr. Naresh Pandey Chakore is the Editor of this magazine since its inception. This magazine is on the verge of creating a history in the field of literary Hindi and languages of Bihar, for its continuous publication over such a long period. However, “Angika” a quarterly was the pioneer of the magazines in Angika language, which was first published in October 1970. Dr. Permanand Pandey was Editor andDr.Naresh Pandey Chakore was the Managing Editor of this quarterly magazine. Unfortunately, only four issues of this magazine could be published. The first weekly of angika language ‘Angika Samachar’ was published from Bhagalpur in the year 1964. It was closed after publication of few regular issues. The first e-magazine of Angika “Ang – Prasang” is being published under the editorship of Kundan Amitabh . Among others “ Aangi” and “ Aangi Prabha” both quarterly magazines under the editorship… Read More

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