होली गीत | अंगिका कविता | इंदुशेखर पांडेय

होली गीत

— इंदुशेखर पांडेय —

ऐलै होली त्यौहार
ना धीं धीं ना, ना धीं धीं ना
बजै दिन भर तबला मिरदंग
मचै होली है स र र र हुड़दंग
उठै नर नारी में उमंग
डालै घोरी घोरी के रंग
मारै भरी भरी पिचकारी एक संग
उड़ै गुलाल अबीर अनैक रंग
सबै के चेहरा रंगे बिरंग
घोरे मग-गिलास में भंग
पीवी पीवी करी हौले मतंग
‘ इन्दुशेखर ‘ खेले अबीर रंग
हम साथ साथ के संग

Angika Poetry  :  Holi Geet / होली गीत
Poet : InduShekhar Pandey / इंदुशेखर पांडेय