बरसाती फोटो | अंगिका गीत | प्रीतम कुमार विश्वकर्मा ‘कवियाठ’ | Angika Lyric – Barsati Photo | Pritam Kumar Vishwakarma ‘Kaviyath’

बरसाती फोटो
अंगिका गीत | प्रीतम कुमार विश्वकर्मा ‘कवियाठ’

ओहारि कोन्टा ताल-तलैय्या
बेंगवा बोलै टर्र-टर्र,
ओनहैलो बदरा छैयलो छै
लागै जमी के ऐतै झड़।

भुट्टा नाकी भटर-भटर
बुन्नी आबै छै झड़-झड़,
चटकै चिकनो गरदा जेना
लावा आवा मे चटर-चटर।
ओहारि कोन्टा…… ।

छर-छर चुऐ कोन्टा-कासी
हँसै कि कानै छै छप्पर,
कखनु लहकै कखनु भीनकै
देखी के कीचड़-कीचड़।
ओहारि कोन्टा….. ।

पूर्वा-पछिया खूब झकासो
चलली नदिया उमड़-घुमड़,
उमतैली बंजर घरती पर
नाचै बुन्नी पटर-पटर।
ओहारि कोन्टा….. ।

देने छै नियति आमंत्रण
दोड़ो किसना आगु बढ़-बढ़,
करभौ मेहनत त फल पैयभो
नै ते पछतैभो ऐड़ी रगड़-रगड़।
ओहारि कोन्टा…. ।

प्रीतम कुमार विश्वकर्मा ‘कवियाठ’
Angika Lyric – Barsati photo | बरसाती फोटो 
Poet / Lyricist-  Pritam Kumar Vishwakarma ‘Kaviyath’ | प्रीतम कुमार विश्वकर्मा ‘कवियाठ’