अंग जल -३९ | अंगिका गजल | सुधीर कुमार प्रोग्रामर

अंग जल

गजल -३९

— सुधीर कुमार प्रोग्रामर —

धरम-करम केॅ खिस्सा छोड़ोॅ
जे बचलोॅ छै, ओकरा जोड़ोॅ।

जात-पात बज्जात करै छै
आपनोॅ रस्ता, ऐन्ठैं मोड़ोॅ।

सबसेॅ बड़का पगड़ी बाला
खूब पढ़ैलकै उल्टा खोड़ॉे।

भूत झारला सेॅ भागै छै
आबेॅ है सब मिथ्थक तोड़ोॅ।

गाछी तर सोना के कलषी
झूठ बात छै, जल्दी फोड़ोॅ।

Angika Poetry / Gazal : Ang Jal / अंग जल

Poet : Sudhir Kumar Programmar / सुधीर कुमार प्रोग्रामर

Angika Gazal Collection / अंगिका गजल संग्रह – अंग जल