अंग जल -३६ | अंगिका गजल | सुधीर कुमार प्रोग्रामर

अंग जल

गजल -३६

— सुधीर कुमार प्रोग्रामर —

गीत गाथा रीत गंगा पार के
याद आबै छै कथा मझधार के।

रेत के दरिया बहै तूफान मेॅ
सामना मुस्किल छै करना धार के।

बाँन्ह के तोड़ी भसाबै दूर तक
डोॅर लागै ऊमतैलोॅ लार के।

चाँन पर करका घटा पहरा करै
डाल घेरा झमझमाझम तार के।

बेंग ताकै आसरा आखार के
नाव चिन्ता नै करै छै भार के।

Angika Poetry / Gazal : Ang Jal / अंग जल

Poet : Sudhir Kumar Programmar / सुधीर कुमार प्रोग्रामर

Angika Gazal Collection / अंगिका गजल संग्रह – अंग जल