अंग जल -२८ | अंगिका गजल | सुधीर कुमार प्रोग्रामर

अंग जल

गजल -२८

— सुधीर कुमार प्रोग्रामर —

निकललै बात रानी-साहिबा केरोॅ पहेली सेॅ
बड़ॉे तूफान आबै केॅ खबर अैलै हवेली सेॅ।

अगरजानी खरहुबा सब मुहल्ला केॅ इ हल्ला सेॅ
मिंघारी खेल सब घुनसुन सुनाबै छै सहेली सेॅ।

नया बीहा केरोॅ खिस्सा, सुनी आगिन धधाबै छै
हवेली मेॅ नया आगिन, पसरलोॅ छै नवेली सेॅ।

कुँवर जगलै कि नय जगलै बगाबत जोर मारै छै
इ आफत केॅ नया नेॅतोॅ पठैलकै केॅ कसेली सेॅ।

बड़ोॅ घर के बड़ोॅ खिस्सा, उधर राजा के छै हिस्सा
इधर रानी के सपना मेॅ भी सजै बेली-चमेली से।

Angika Poetry / Gazal : Ang Jal / अंग जल

Poet : Sudhir Kumar Programmar / सुधीर कुमार प्रोग्रामर

Angika Gazal Collection / अंगिका गजल संग्रह – अंग जल