अंग जल -२| अंगिका गजल | सुधीर कुमार प्रोग्रामर

अंग जल

गजल -२

— सुधीर कुमार प्रोग्रामर —

साल कॅ सिंगार करै चैत महीना
जाड़ कॅे कगार करै चैत महीना।

फाग केरोॅ दाग लाल-लाल गाल पर
मोन केॅ बहार करै चैत महीना।

मंजरी मेॅ आम-टिकोला लदर-बदर
बिसुऑ के हॅकार करै चैत महीना।

नीमां के पात सात रोज चिबाबोॅ
रोग कॅ उलार करै चैत महीना।

राम केरोॅ दूत हनुमान घ्यान मेंॅ
दसभुज जयकार करै चैत महीना।

धरती के पेटोॅ मॅ पूत पली केॅ
कोख कॅे निखार करै चैत महीना।

Angika Poetry / Gazal : Ang Jal / अंग जल

Poet : Sudhir Kumar Programmar / सुधीर कुमार प्रोग्रामर

Angika Gazal Collection / अंगिका गजल संग्रह – अंग जल