अंग जल -१९ | अंगिका गजल | सुधीर कुमार प्रोग्रामर

अंग जल

गजल -१९

— सुधीर कुमार प्रोग्रामर —

कहिनें सब निमझान हो बाबू
चौबटिया सुनषान छै बाबू।

सौसें गाँव मेॅ गीदर बोलै
लागै कि ष्मषान छै बाबू।

बूतरू सब हूलकी के खौजै
घुसलोॅ सब मुस्कान छै बाबू।

उमकै जे कानून तोड़ी के
कहिनों उ बलवान छै बाबू।

सोन चिड़ैयाँ फेरू बनतै
हमरो इ अनुमान छै बाबू।

Angika Poetry / Gazal : Ang Jal / अंग जल

Poet : Sudhir Kumar Programmar / सुधीर कुमार प्रोग्रामर

Angika Gazal Collection / अंगिका गजल संग्रह – अंग जल