पटना : बिहार केरऽ बरसों पुरानऽ लिपि मं॑ सं॑ एक लुप्त होय रहलऽ कैथी लिपि केरऽ प्रशिक्षण कार्यक्रम पटना म॑ आयोजित करलऽ जाय रहलऽ छै. प्रशिक्षण कार्यक्रम एक सप्ताह तलक चलतै.

एक सप्ताह के नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम केरऽ आयोजन बिहार पुराविद परिषद द्वारा 11 जुलाई स॑ रोजाना शाम 5 बजे सं॑ परिषद कार्यालय डी 72 एसके पुरी, पटना मं॑ करलऽ जाय रहलऽ छै. कैथी लिपि विशेषज्ञ विजय शंकर मल्लिक ‘सुधापति’ आरू भैरव लाल दास प्रशिक्षक होतै.

कार्यक्रम केरऽ जानकारी देतें हए॑ संस्था के सचिव डॉ. चितरंजन प्रसाद सिन्हा न॑ बतैलकै कि गत पांच सौ स॑ भी अधिक बरस सें कैथी बिहार जनपद के लिपि रहलऽ छै. शेरशाह सूरी केरऽ समय सें कैथी के प्रयोग राजलिपि केरऽ रूप म॑ हुए॑ लगलऽ रहै. एकरऽ बाद जमीन केरऽ दस्तावेज भी इ लिपि म॑ बन॑ लागलै. angika.com_banner_post

भोजपुरी, अंगिका, मगही, मैथिली आरू बज्जिका आदि भाषा मं॑ इ लिपि केरऽ दस्तावेज मिलै छै. ब्रिटिश अधिकारी जार्ज गिर्यसन न॑ कैथी के विकास लेली काम करन॑ रहै.

हुनी कहलकै जे आजकऽ युवा पीढ़ी अपनऽ राज्य केरऽ इ लिपि के बारे में अनभिज्ञ छै. इ लिपि मं॑ ऐसनऽ बहुत महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलै छै जे हमरा हमरऽ गौरवपूर्ण इतिहास सं॑ परिचय कराबै छै. युवा पीढ़ी क॑ इ लिपि सं॑ जोड़ै लेली प्रशिक्षण कार्यक्रम केरऽ आयोजन करलऽ जाय रहलऽ छै.

 

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