राजा केरऽ दान प्रजा केरऽ स्नान | अंगिका कहावत

राजा केरऽ दान प्रजा केरऽ स्नान

अर्थ –  किसी शुभ अवसर पर राजा को अथवा बड़े लोगों को जितना पुण्य दान देने से मिलता है, प्रजा लोगों को केवल स्नान करने से मिलता है ।