ओछ स॑ पिरीत बालू के भीत | अंगिका कहावत

  ओछ स॑ पिरीत बालू के भीत

अर्थ –   ओछे व्यक्ति से प्रीति बालू के भीत के समान होती है । जिस प्रकार बालू की भीत नहीं टिक सकती, उसी प्रकार ओछे के साथ किया हुआ प्रेम भी नहीं निभता ।