ढोरवा के फुफकारे भर | अंगिका कहावत

ढोरवा के फुफकारे भर

अर्थ –  असमर्थ व्यक्ति का क्रोध निरर्थक होता है   ।

ढोरवा साँप केवल फुफकारता अधिक है ।