खबैय्या क॑ राम देबैय्या | अंगिका कहावत

  खबैय्या क॑ राम देबैय्या

अर्थ –   खानेवाले के लिए ईश्वर कहीं न कहीं से भोजन जुटा ही देते हैं ।