कुत्ता क॑ घी नै पचै छै | अंगिका कहावत

कुत्ता क॑ घी नै पचै छै

अर्थ –  नीच आदमी, उच्चऽ पद पाबी क॑ दोसरा क॑ बेवकूफ समझ॑ लगै छै ।