औसरार मारी क॑ हांथ गँधैलां | अंगिका कहावत

  औसरार मारी क॑ हांथ गँधैलां

अर्थ –  नीच व्यक्ति को मारने अथवा छेड़ने से अपनी प्रतिष्ठा की ही हानि होती है ।