शंख बजलै बलाय भागलै धिया पूता के रोजी जागलै | अंगिका कहावत

शंख बजलै बलाय भागलै धिया पूता के रोजी जागलै

अर्थ –  शंख बजा और उसकी आवाज से दुःख-दैन्य भाग गये । शंख-ध्वनि से पूजा समाप्ति की सूचना पाकर बच्चे प्रसाद के लिए दौड़ पड़े ,  चानि कि उनकी रोजी जगी ।