जीवन केरऽ सबस॑ बड़ऽ बन्धन

लोगें हमरा बारे म॑ की सोचत॑ होतै ?
ई सोचना ही सबस॑ बड़ऽ बन्धन छेकै ।
लोगऽ क॑ जे भी सोचना छै ओकरा सोचै के आजादी दहो।
ऐसनऽ करला स॑ तोंय स्वयं मुक्त होय जाय छो ।
आरू आपन॑ क॑ प्रसन्नता के साथ जीवन जीयै के कला आबी जाय छै।