काम करत॑ रहऽ…चाहे कोय तारीफ कर॑ नै कर॑ , नाँव हुअ॑ नै हुअ॑

काम करत॑ रहऽ…

चाहे कोय तारीफ कर॑ नै कर॑ , नाँव हुअ॑ नै हुअ॑

सूरज ई लेली नै उगै छै कि कोय ओकरऽ तारीफ करतै, हर पल नाँव लेत॑ रहतै

हवा ई लेली नै चलै छै कि कोय ओकरऽ तारीफ करतै, हर पल नाँव लेत॑ रहतै

आधऽ दुनिया सूतै छै सूरज फिर भी उगै छै

सौसे दुनिया अपनऽ म॑ मगन रहै छै हवा फिर भी चलै छै ।

सूरज आरू हवा के नाँव कहिय्यो मिटै वाला नै छै

चाहे लोगें ओकरऽ नाँव लिअ॑ नै लिअ॑ ।