बिना प्रेम के कुछ भी होय वाला नै

वेद,कुरान या पोथी केतना भी पढ़ी ल॑ । लेकिन बिना प्रेम के कुछ भी होय वाला नै छै । बहुत कम लोगऽ क॑ प्रेम करै ल॑ आबै छै ।