संवाद लेखन(Dialogues Writing) | अंगिका व्याकरण | Angika Grammar | कुंदन अमिताभ

संवाद लेखन(Dialogues Writing)

दू या दू सें जादे लोगऽ या पात्रऽ केरऽ आपस में बातचीत करना संवाद कहलाबै छै । दैनिक जीवन म॑ हम्म॑ रोज-रोज बहुत लोगऽ सें बातचीत करै छियै । यह॑ बातचीत जब॑ लेखन के रूप म॑ प्रस्तुत करलऽ जाय छै त॑ संवाद लेखन कहलाबै छै ।

संवाद लेखन केरऽ काम अधिकतर सिनेमा, नाटक, एकांकी, रंगमंच, कहानी आरनी लेली करलऽ जाय छै । कहानी आरू उपन्यास लेखन म॑ एकरऽ व्यापक प्रयोग होय छै ।

संवाद मनोरंजन के साथ-साथ मौखिक अभिव्यक्ति केरऽ योग्यता केरऽ सुंदर साधन छेकै ।

संवाद लेखन घड़ियाँ निम्नांकित बातऽ प॑ ध्यान देना चाहियऽ –
(क) संवाद केरऽ वाक्य छोटऽ होना चाहियऽ ।
(ख) संवाद सटीक आरू स्पष्ट होना चाहियऽ ।
(ग) संवाद केरऽ भाषा सरल, सरस होना चाहियऽ ।
(घ) विराम चिन्हऽ के उपयोग उचित ढंग स॑ करना चाहियऽ ।
(च) संवाद बिषय सें संबंधित ही होना चाहियऽ ।
(छ) संवाद विषय केरऽ भाव के अनुकूल होना चाहियऽ ।