क्रिया (Verb) | अंगिका व्याकरण | Angika Grammar | कुंदन अमिताभ

क्रिया (Verb)

जिन शब्दों से किसी काम के करने या होने का पता चले वे शब्द क्रिया कहलाते हैं ।

धातु

क्रिया के मूल रूप को धातु कहते हैं । धातु में प्रत्यय जोड़कर अन्य क्रिया शब्द बनाए जाते हैं । जैसे – खा (धातु) + ना (प्रत्यय) = खाना, जा (धातु) + ना (प्रत्यय) = जाना, चल (धातु) + ना (प्रत्यय) = चलना

अंगिका में दो प्रकार के धातु हैँ –  मूल, यौगिक

मूल धातु

मूल धातु चार प्रकार के होते हैं – (क) तत्सम (ख) तदभव (ग) प्रेरणार्थक (घ) देशज

यौगिक धातु

क्रिया पर लिंग परिवर्तन का प्रभाव

लिंग में परिवर्तन होने पर क्रिया का रूप भी बदल जाता है ।  जैसे –

लिंग परिवर्तन होने पर – बेटा खेली रहलऽ छैबेटी खेली रहली छै

क्रिया पर कारक परिवर्तन का प्रभाव

कारक में परिवर्तन होने पर क्रिया का रूप भी बदल जाता है ।  जैसे –

कारक परिवर्तन होने पर – राम न॑ पेंसिल सें लिखलकै । राम पेंसिल सें लिखी रहलऽ छै

क्रिया पर वचन परिवर्तन का प्रभाव

वचन में परिवर्तन होने पर क्रिया का रूप नहीं बदल जाता है ।  जैसे –

वचन परिवर्तन होने पर – बेटी इसकूल जाय रहली छै । बेटी सिनी इसकूल जाय रहली छै ।

सहायक क्रिया (Auxiliary Verb) – जिस क्रिया का प्रयोग कर क्रियाओं के प्रकार, काल और वाच्य का निर्माण होता है, उन्हें सहायक क्रिया कहते हैं ।

अंगिका की मुख्य सहायक क्रियाएँ हैं – छै, छी, छेकै, छिकै,छिका, छिऐ, छेलिऐ, छलिऐ, छलियै, छेलै, छलै, छलैं, रहै, रहैं, छिका । सहायक क्रियाओं में छै, छिका,छिकै के आधार पर ही अंगिका को अंग्रेज भाषाविद ने छिका-छिकी के नाम से  पुकारा था ।

कृदंत क्रिया ( Participle Verb)