अंगिका कहावत – अंगिका लोकोक्ति – अंगिका मुहावरा

अंगिका कहावत

मानव समुदाय अनादि काल से  परंपरागत विषयों में जो कुछ भी देखता-सुनता एवं अनुभव करता आया है, उसे वह सूत्रबद्ध शैली में व्यक्त करता रहा है । ये ही सूत्र कहावतें हैं । अंग देश में प्रचलित कहावतें वहाँ की भाषा अंगिका में हैं जो करोड़ों अंगिका भाषा-भाषी के कंठों में विद्यमान हैं । यहाँ उन्हीं कहावतों को शब्द रूप दिया गया है ।

अंगिका लोकोक्ति

कहावत को लोकोक्ति भी कहते हैं । लोकोक्ति का अर्थ है – लोक की उक्ति । किन्तु वस्तुतः केवल वही उक्ति इसके अन्तर्गत आती है, जिसमें लोक का कोई अनुभव सूत्र रूप में संचित रहता है ।

अंगिका मुहावरा

मुहावरा एक वाक्य-खंड अथवा वाक्यांश होता है । जबकि कहावत एक सम्पूर्ण तथा स्वतंत्र समासिक या सूत्रवाक्य ।

कहावत में एक पूर्ण सत्य अथवा विचार की अभिव्यक्ति होती है जबकि मुहावरे में ऐसा नहीं होता ।

मुहावरा किसी भाषा में एक लाक्षणिक अथवा ध्वन्यात्मक प्रयोग होता है ।

कहावतें स्वतंत्र एवं मुहावरे परतंत्र होते हैं ।

कहावतों के स्वतः संपूर्ण या स्वतंत्र तथा मुहावरों के परतंत्र होने का ही यह फल है कि अनेक कहावतों में भी मुहावरों का समावेश होता है ।

कहावतों का महत्व

कहावतें जन-मानस की अत्यन्त प्राचीन तथा परंपरागत धरोहर होती हैं, इसलिए उनमें संबद्ध जन-समुदाय, क्षेत्र अथवा राज्य व राष्ट्र की भाषा का प्राचीन रूप सुरक्षित रहता है ।

कहावतों में बहुत सारे ऐसे शब्द सुरक्षित रहते हैं, जो बोलचाल तथा लिखित साहित्य में कालक्रम से अप्रचलित हो जाते हैं ।

इस प्रकार कहावतों का जितना महत्व किसी देश, काल, पात्र अर्थात जाति, जन-समुदाय, प्रदेश अथवा संपूर्ण राष्ट्र की सभ्यता-संस्कृति तथा साहित्य के अध्ययन की दृष्टि से है, उतना ही उसकी भाषा के अध्य़य़न की दृष्टि से भी ।

कहावतों के संग्रह में इनके  रूप,  ध्वनि, शब्दों के उच्चारण आदि को मूल रूप में रखने का यथासंभव प्रयास किया गया है ।

इस संग्रह के लिए हमने स्वतः द्वारा किये गए बर्षों के लोक संवाद के अलावे भी कुछ अन्य स्त्रोतों का अध्ययन किया है ।  हम उन सब व्यक्ति व संस्था के प्रति आभार प्रकट करते हैं ।

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