नीन उचटी गेलै (गजल)

— सुधीर कुमार प्रोगामर —

नीन उचटी गेलै बिहान होतै कहिया
रोटी पे हमरा तियोन होतै कहिया।
खिस्से म॑ हिस्सा हजोम करी गेल्ह॑
माफ हमरो कर्जा-वियान होतै कहिया।
साढ़ू म॑ सटपट, सहोदर ल॑ छटपट
हमरा प॑ तोरो धियान होतै कहिया।
थैली म॑ नीयम अटैची म॑ कानून
समझै के हुनका गियान होतै कहिया।
तोरऽ घर के बुतरू त॑ बापऽ के बाबा
हमरो घर के दादा सियान होतै कहिया।
राईफल के बीचऽ म॑ झंडा तिरंगा
अड़सठ त॑ बीतलै निदान होतै कहिया।

Angika Poetry :नीन उचटी गेलै (गजल)
Poet : Sudhir Kumar Programmer

२१-२३ नवम्बर १४ क॑ तारामंडल पटना,म॑ आयोजित भारतीय कविता समारोह म॑, १९ भाषा-भाषी कवियो केरऽ समागम म॑ अंगिका भाषा केरऽ प्रतिनिधित्व करतें सुधीर कुमार प्रोग्रामर , साथ म॑ छै अलोक धन्वा , अशोक बाजपेयी , प्रो० रमाकांत रथ

 

 

 

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