पटना : बिहार अंगिका अकादमी केरऽ स्थापना केरऽ लगभग दू साल बाद भी अखनी तलक अपनऽ ऑफिस नै मिललऽ छै । राज्य आरू केंद्र सरकार भाषा बचाबै लेली आरू ओकरऽ संरक्षण लेली  खूब जोर दै छै । कागजी स्तर पर एकरऽ संरक्षण केरऽ प्रयास भी करलऽ जाय छै । लेकिन अंगिका अकादमी केरऽ अध्यक्ष डॉ. लखन लाल सिंह आरोही ऐसनऽ कुछ लोग केरऽ चिट्ठी धरातल पर करलऽ जाय रहलऽ सरकारी कोशिशऽ के सब पोल खोली दै छै ।

बिहार अंगिका अकादमी केरऽ अध्‍यक्ष डॉ. लखन लाल सिंह “आरोही” ८२ साल केरऽ उमर पार करी चुकलऽ छै ।  ई उमर म॑ भाषा के प्रति हुनकऽ प्यार ही छै जे हुनका सरकारी दफ्तर केरऽ चक्कर काटै के ताकत द॑ रहलऽ छै । फोन प॑ प्रभात खबर डॉट कॉम, दैनिक भास्कर आरू अंगिका.कॉम स॑ बातचीत करतें हुअ॑ हुनी कहलकै, कि हुनी अपनऽ वक्त म॑ अंगिका भाषा लेली एतना कुछ करी दै ल॑ चाहै छै कि हुनकऽ बाद आबै वाला लोगऽ क॑ परेशानी ना हुअ॑ । हुनी ऑफिस   लेली सालों स॑ दौड़ी रहलऽ छै ।

आरोही जी न॑ एक बार फेरू ६ अप्रैल २०१७ क॑ बिहार केरऽ शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी क॑ चिट्ठी लिखन॑ छै । ई  चिट्ठी म॑ हुनी  बिहार म॑ अंगिका अकादमी  केरऽ संचालन लेली होय रहलऽ परेशानी के जिक्र करन॑ छै, हुनी लिखन॑ छै कि कार्यालय केरऽ अभाव म॑ पौने दू साल स॑ हुनी सड़क आरू सचिवालय केरऽ गलियारा के बीच घूमी रहलऽ छै । बिहार अंगिका अकादमी अध्यक्ष न॑ पिछला दिना मुख्य मंत्री क॑ भी पत्र लिखल॑ छै । मुख्य मंत्री केरऽ आप्त सचिव श्री दिनेश कुमार राय केरऽ माध्यम स॑ भेजलऽ गेलऽ पत्र म॑ भी हुनी कार्यालय केरऽ मुद्दा क॑ उठैल॑ छै ।

शिक्षा मंत्री क॑ लिखलऽ पत्र म॑ कहलऽ गेलऽ छै कि अकादमी के गठन होलऽ दू साल होय चुकलऽ छै लेकिन अखनी तलक अकादमी केरऽ संचालन लेली विभाग स॑ कोय मदद नै मिललऽ छै । कार्यालय के अभाव म॑ हुनी  सड़क आरू सचिवालय के चक्कर काटी रहलऽ छै । एकरा विभागीय उपेक्षा, उदासीनता आरू संवेदनहीनता के सिवा आरू की कहलऽ जाब॑ सकै छै । अकादमी केरऽ ई बदहाली स॑ अंगिका भाषियऽ के बीच सरकार केरऽ छवि प्रभावित होय रहलऽ छै ।

बिहार अंगिका अकादमी केरऽ अध्यक्ष तरफऽ स॑ शिक्षा मंत्री क॑ लिखलऽ गेलऽ चिट्ठी

बिहार अंगिका अकादमी केरऽ अध्यक्ष तरफऽ स॑ शिक्षा मंत्री क॑ लिखलऽ गेलऽ चिट्ठी

फोन पर बातचीत म॑ हुनी कहलकै कि हुनका ऑफिस लेली किराया पर मकान देखै लेली कहलऽ गेलै । हुनी किराया लेली जब॑ दफ्तर ढुढ़ी लेलकै त॑  एग्रीमेंट क॑ ल॑ करी क॑ बात टालतें रहलै ।  मकान मालिक न॑ जादा इंतजार नै करलकै आरू केकरौ आरू मकान किराया प॑ द॑ देलकै । अब॑ स्थिति जेना के तेना छै । हुनी ई  विषय म॑ अपर सचिव आरू शिक्षा मंत्री क॑ भी लिखी क॑ देलकै । कार्यालय होतै तभिये काम होतै । बगैर एकरऽ हम्म॑ केना काम करबै ।  हमरा फंड मिललऽ छै लेकिन काम नय होय रहलऽ छै ।

एक दन्न॑ अंगिका अकादमी अपनऽ दफ्तर लेली  तरसी रहलऽ छै त॑ दोसरऽ दन्न॑ ई  भाषा क॑ आठमऽ अनुसूची म॑ शामिल करै के चर्चा  भी छै । ध्यान रह॑ कि १० मार्च २०१७ क॑ युवा राजद केरऽ राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद शैलेश कुमार उर्फ़ बुलो मंडल न॑ लोकसभा म॑ अंगिका भाषा क॑ एकरऽ ऐतिहासिक व अंतर्राष्ट्रीय महत्व क॑ देखतें हुअ॑ भारतीय संविधान केरऽ आठमऽ अनुसूची म॑ शामिल करै के मांग करन॑ ऱहै।

अंगिका भाषा केरऽ प्रयोग होय वाला क्षेत्र क॑ अंग क्षेत्र केरऽ नाम स॑ भी जानलऽ जाय छै । अंग क्षेत्र केरऽ भाषा अंगिका स॑ करोड़ों लोगों के भावना भी जुड़लऽ छै । कैन्हें कि ई भाषा केरऽ ऐतिहासिक महत्व भी छै । राज्य सरकार केरऽ अंगिका अकादमी क॑ प्रोत्साहन नय मिलना अंगिका केरऽ सम्मान लेली लड़ी रहलऽ लोगऽ लेली चिंता के विषय छै ।
ई बीच अध्यक्ष न॑ अंगिका.कॉम क॑ सूचित करल॑ छै कि लगभग दू महीना पहिल॑ उच्च शिक्षा विभाग केरऽ उपनिदेशक श्री देवशील क॑ अंगिका अकादमी म॑ निदेशक केरऽ पद प॑ प्रतिनियोजित करलऽ गेलऽ छै । एकरऽ साथ ११ लाख रू. के ड्राफ्ट भी अकादमी क॑ मिललऽ छै । अब॑ निदेशक सह अध्यक्ष के नाम स॑ खाता खुलतै आरू फिर चेक स॑ पेमेंट होतै ।
(डॉ. लखन लाल सिंह आरोही,अध्यक्ष,बिहार अंगिका अकादमी,स॑ बातचीत के अलावा प्रभात खबर, दैनिक भास्कर केरऽ इनपुट सहित)

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