भागलपुर, 7 जुलाई, 2020 । भागलपुर कतरनी चॉर के भाग्य बदलै वाला छै ।  भागलपुर कृषि वि.वि. आरू कतरनी उत्पादक संघ के सहयोग सँ भागलपुर, बाँका, मुंगेर जिला केरौ 1500 एकड़ मँ कतरनी धान उपजाबै के चेष्टा करलौ जाय रहलौ छै ।

कतरनी केरौ महक बढ़ाबै प शोध चली रहलौ छै । बिना रासायनिक खाद के उपयोग के कतरनी मँ केतना खूश्बू बरकरार रहै छै, हेकरै प शोध चली रहलौ छै ।

साथ ही कतरनी के खेती वास्तें बढ़ावा दै लेली मट्टी मँ मौजूद पोषक तत्व क ल करी क भी शोध चली रहलौ छै ।

कतरनी केरौ खेती क ल क सबसें बड़ौ चिंता क्षेत्र मँ सिंचाई के समुचित साधन के अभाव क ल क छै ।

पहलैं किसानें व्यवसायिक रूप सँ कतरनी के खेती करै रहै । अबय जादेतर शौकिया खेती करै छै । सिंचाई के सुविधा के समुचित प्रबंध नै रहला सँ  इलाका मँ कतरनी के खेती 40% तलक प्रभावित होलौ छै ।

भागलपुर कृषि वि.वि. के पौधा प्रजनन विभाग केरौ कनीय वैज्ञानिक मुकेश कुमार आरू मट्टी वैज्ञानिक स्वेता सांभवी कतरनी उत्पादक क्षेत्र केरौ मट्टी के सैंपल जौरौ करी क एकरौ गुणवत्ता संबंधी तरह-तरह के जाँच मँ भिड़लौ छै, जेकरा सँ कतरनी चॉर के उत्कृष्ट उत्पादन संभव हुअय सकय ।

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