2 months ago
उधाडीह गाँव मँ मनैलौ गेलै शौर्य चक्रधारी अंग गौरव शहीद निलेश कुमार नयन केरौ शहादत दिवस | New in Angika
2 months ago
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मँ जग्घौ बनाबै लेली आय 122 भाषा के गाना कार्यक्रम मँ अंगिका मँ भी गैतै पुणे केरौ मंजुश्री ओक | News in Angika
2 months ago
अंगिका भाषा क आठमौ अनुसूची मँ दर्ज कराबै लेली दिसम्बर मँ दिल्ली मँ होय वाला आन्‍दोलन क सफल बनाबै के करलौ गेलै आह्वान | News in Angika
2 months ago
अंगिका आरू हिन्दी केरौ वरिष्ठ कवि व गीतकार, कविरत्न महेन्द्र प्र.”निशाकर” “दिनकर सम्मान” सँ सम्मानित  | News in Angika Angika
3 months ago
चाँद पर विक्रम लैंडर के ठेकानौ के लगलै पता, पर अखनी नै हुअय सकलौ छै संपर्क | ISRO found Vikram on surface of moon, yet to communicate | Chandrayaan 2 | News in Angika

सब क मताधिकार दिलाबै के लम्बा लड़ाई असकल्ले लड़लै रहै डॉ. आम्बेडकर । ।

डॉ. आम्बेडकर कहलकै कि जों कोनो सरकार, जनता लेली क़ानून बनाबै छै आरू ई चाहै छै कि जनता ओकरौ पालन करै त ऐसनौ सरकार के चयन मँ जनता के भागीदारी होना बहुत ज़रूरी छै ।
 
27 जनवरी 1919 क आम्बेडकर नँ साउथ बोरो कमेटी के सामने वयस्क मताधिकार के बात कहलै छेलै । 1928 मँ भारत ऐलौ साइमन कमीशन के समक्ष बाबा साहब आम्बेडकर नँ हर वयस्क नागरिक क मताधिकार के प्रतिवेदन देलै रहै । साल 1931, 1932 आरू 1933 मँ होलौ पहलौ, दोसरौ आरू तेसरौ गोलमेज सम्मलेन मँ भी लगातार इ बात पर ज़ोर देलकै कि हर वयस्क नागरिक क मताधिकार मिलै ।
डॉ. भीमराव अंबेडकर
 
वयस्क सिनी क मताधिकार पर भारत मँ भी नेता सिनी मँ मतभेद रहै । जबै गोलमेज सम्मेलनौ मँ आम्बेडकर सब लेली मताधिकार के बात करै रहै त भारत के ही आरू नेता एकरा चरणबद्ध तरीका सँ, शिक्षा के आधार प या सरकार क राजस्व भरै के आधार पर दै के बात करै छेलै।
 
गोलमेज सम्मलेन मँ आम्बेडकर नँ कहलै छेलै कि मताधिकार कृपा दृष्टि के रूप मँ नै अधिकार के रूप मँ देलौ जाना चाहियौ। हुनी कहलकै कि वंचित लोगौ क मताधिकार शर्तों के हिसाब स स्वीकार करना ऐसने होतै जेना कि ग़ुलामी मँ कोय बुराई नै छै, ऐसनौ कहना।
 
गोलमेज सम्मेलन मँ जबै निरक्षर लोगौ क मताधिकार केना देलौ जाय के बात होलै त आम्बेडकर नँ सवाल उठैलकै कि निरक्षरता लेली ज़िम्मेदार के छै? यदि निरक्षरता लेली शासन ज़िम्मेदार छै त मतदान लेली साक्षरता के शर्त लगाना लाखों -करोड़ों लोगौ क मतदान अधिकार सँ वंचित रखै जैसनौ छै । मानी लेलौ जाय कि सरकार निरक्षरौ क साक्षर बनाबै के काम करबे करतै एकरौ गारंटी की छै ?
 
लोगौ क शिक्षा स वंचित रखना अन्याय करै जैसनौ छै आरू वू आधार पर हुनका मतदान के अधिकार सँ वंचित रखना उनकौ घाबौ प नोन छिड़कै जैसनौ छै । आम्बेडकर कहै छै कि अपनौ निरक्षरता क दूर करै लेली वंचितौ लगाँ जे सबसँ बड़ौ हथियार साबित होतै, वू होतै मताधिकार। हुनकौ तर्क छेलै कि मताधिकार बुद्धिमता के सवाल ज़रूर हुअ सकै छै, साक्षरता के नै।
 
बहुत जद्दोजहद के बाद अंततः ब्रिटिश शासक आम्बेडकर केरौ दलीलौ सँ सहमत होलै आरू अंग्रेज़ सरकार नँ भारतीय क़ानून 1935 पारित करलकै, जेकरा मँ मताधिकार के भी उल्लेख करलौ गेलै । 1935 केरौ ई क़ानून के बड़ौ हिस्सा भारतीय संविधान मँ शामिल करलौ गेलै । 26 जनवरी 1950 क जबै आपनौ संविधान लागू होलै त हर वयस्क भारतीय नागरिक क मताधिकार के संवैधानिक अधिकार प्राप्त होलै ।
 
हुनकौ जनम दिन प हुनका हार्दिक नमन ।

Comments are closed.

error: Content is protected !!