बिहार केरौ विधि मंत्री के आप्त सचिव के साथ कैलाश ठाकुर

पटना, ६ मार्च, २०२० । अंगिका भाषा क संविधान केरौ ८मो अनुसूची मँ डलबाबै लेली आरू बिहार केरौ दोसरौ राज्यभाषा के श्रेणी मँ शामिल करबाबै केरौ करोड़ों अंगिका भाषी केरौ मनोकांक्षा सँ अवगत करैतैं हुअय बिहार केरौ मुख्यमंत्री, विधि मंत्री क पत्र आरू अखबार केरौ कतरन सौंपी क ई कार्य क संपन्न करै के आग्रह करलौ गेलौ छै ।

अंगिका भाषाविद् श्री कैलाश ठाकुर नँ मुख्यमंत्री क लिखलौ अपनौ चिट्ठी मँ कहलै छै कि बिहार सँ अळग होलौ झारखंड राज्य मँ अंगिका क राज्य केरौ दोसरौ भाषा के दर्जा प्राप्त छै । वही झारखंड लोक सेवा आयोग केरौ परीक्षा लेली भी अंगिका भाषा भी अधिसूचित छै ।

बिहार सरकार नँ खाली बिहार अंगिका अकादमी बनाय क खानापूर्ती करी देलै छै । स्थापित होला के पाँच साल बाद भी अंगिका अकादमी खाली कागजै प चली रहलौ छै ।

हुनी खत मँ लिखलै छै कि अंगिका भाषा एगो प्राचीनतम भाषा छेकै, जे कि अंग लिपि मँ लिखलौ जाय रहै । प्राचीन साहित्य के अलावे पिछला ६० बर्षों मँ अंगिका भाषा मँ विविध विधा प विपुल साहित्य सृजित करलौ गेलौ छै ।

हुनी लिखलै छै कि ऐसनौ समय मँ जबकि देश के सब राज्य सरकार क्षेत्रीय भाषा के विकास लेली तत्पर छै बिहार सरकार द्वारा अंगिका के उपेक्षा असहनीय छै ।

चिट्ठी जौरें बिहार केरौ प्रमुख अखबार पत्र – प्रभात खबर केरौ कतरन क सौंपते हुअ माँग करलौ गेलौ छै कि अंगिका भाषा क संविधान केरौ ८मो अनुसूची आरू बिहार केरौ दोसरौ राज्यभाषा के श्रेणी मँ यथाशीघ्र शामिल करलौ जाय ।

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