भागलपुर / पटना / मुंबई : अंगिका पुरोधा डॉ. नरेश पाण्डेय ‘चकोर’ केरऽ ७८वां जयंती देश केरऽ विभिन्न हिस्सा में समारोह पूर्वक संपन्न होलै । भागलपुर आरू पटना में २ जनवरी क॑ जबकि मुंबई में आय ३ जनवरी क॑ हुनकऽ जयंती समारोह मनैलऽ गेलै । पटना केरऽ समारोह में लोकभासा कवि गोस्ठी भी आयोजित करलऽ गेलऽ रहै । अंग उत्थनान्दोलन समिति, अंग मुक्ति मोर्चा, अखिल भारतीय अंग-अंगिका विकास मंच, अंगिका.कॉम, अंगिका साहित्य कला मंच, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन आदि अनेक संस्था न॑ अंगिका पुरोधा डॉ. चकोर के ७८वाँ जयंती मनैलकै ।

बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा पटना में कल आयोजित जयंती समारोह की अध्यक्षता डॉ. अनिल सुलभ न॑ करलकै । अतिथि सिनी केरऽ स्वागत, सम्मेलन के प्रधानमंत्री आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव न॑ आरू धन्यवाद ज्ञापन प्रधानमंत्री कृष्ण रंजन न॑ करलकै । सभा क॑ संबोधित करी क॑ आपनऽ विचार रखै वाला में सामिल छेलै : माननीय राजसभा सांसद रवीन्द्र किशोर सिन्हा, अध्यक्ष- डॉ. अनिल सुलभ, उपाध्यक्ष डॉ. शंकर प्रसाद, प्रो. वासुकीनाथ झा, कैलाश चौधरी, विधुशेखर पाण्डेय, हरिशंकर प्रसाद, डॉ. सुखित वर्मा, प्रो. सुशील झा, नरेन्द्र झा । इ अवसर पर हिन्दी त्रैमासिक, ‘नया भाषा भारती संवाद’ केरऽ नया अंकऽ के लोकार्पन भी होलै ।

डॉ. नरेश पाण्डेय ‘चकोर’ केरऽ ७८वां जयंती समारोह केरऽ उद्घाटन करतें माननीय राजसभा सांसद रवीन्द्र किशोर सिन्हा कहलकै कि दशकों पूर्व सें पटना में जे गिनलऽ-चुनलऽ साहित्यकारऽ क॑ हुनी साहित्य सृजन आरू आयोजनऽ में लगातार सक्रिय देखने छै ओकरा में चकोरजी न॑ हमेसा ही हुनका आकर्सित करन॑ छै । अध्यक्ष- डॉ. अनिल सुलभ न॑ कहलकै कि डॉ. चकोर न॑ अंगिका साहित्य के सेवा महर्सि दधीचि केरऽ भाव सें ही करन॑ छै । डॉ. चकोर के संपूर्न मुखमंडल सरलता, मृदुता आरू पूजाभाव केरऽ प्रतीक बिम्ब जैसनऽ झलकै रहै। हुनकऽ सुभ आरू विसाल भाव पर हमेसा दिखै वाला नयनाभिराम चंदन रेखा हुनकऽ आध्यात्मिक व्यक्तित्व क॑ रेखांकित करै रहै।

इ अवसर पर आयोजित लोकभासा कविगोस्ठी में अंगिका, वज्जिका, मगही, भोजपुरी आरू मैथिली केरऽ कवि सिनी न॑ लोकजीवन केरऽ विविध रंगऽ के कविता सें श्रोता सिनी क॑ मंत्रमुग्ध करी देलकै । लोकभासा कविगोस्ठी में सामिल होयवाला कवि छेलै – पं शिवदत्त मिश्र, राजीव कुमार सिंह परिमलेन्दु, डॉ. उदय शंकर शर्मा, राजकुमार प्रेमी, डॉ. भगवान सिंह भास्कर, डॉ. अर्चना त्रिपाठी, सरोज तिवारी, कुमारी मेनका, ओमप्रकाश पाण्डेय प्रकाश, आचार्य आनंद किशोर शास्त्री, डॉ. अभिमन्यु प्रसाद मौर्य, विनय कुमार विष्णुपुरी, सुभाष चन्द्र किंर, डॉ. आर. प्रवेश, भागवत शरण झा अनिमेष, नेहाल सिंह निर्मल, श्याम बिहारी प्रभाकर, दिनेश्वर लाल दिव्यांशु, मोहन दूबे, जयप्रकास पुजारी, कमलेन्द्र झा कमल आरू सच्चिदानंद सिंह ।

‘अंग उत्थनान्दोलन समिति’ आरू ‘अंग मुक्ति मोर्चा’ केरऽ संयुक्त बैनर तले भागलपुर में आयोजित समारोह में अंगिका के वरिस्ठ साहित्यकार डॉ. अमरेन्द्र के अध्यक्षता में शनिवार क॑ डॉ. नरेश पाण्डेय चकोर के ७८वीं जयंती मनैलऽ गेलै । मौका पर समिति केरऽ रास्ट्रीय अध्यक्ष गौतम सुमन न॑ डॉ. चकोर के व्यक्तित्व पर प्रकास डाललकै आरू दू मिनट के मौन रखी क॑ हुनका श्रद्धांजलि देलऽ गेलै ।

‘अखिल भारतीय अंग-अंगिका विकास मंच’ आरू अंगिका.कॉम केरऽ संयुक्त तत्वाधान में नवी मुंबई में आयोजित समारोह में अंगिका साहित्यकार कुंदन अमिताभ न॑ विचार व्यक्त करतें कहलकै कि डॉ. चकोर द्वारा अंगिका भाषा के संरक्षण आरू संवर्द्धन लेली करलऽ गेलऽ भगीरथ प्रयास खाली रास्ट्रीय ही नै वैस्विक स्तर पर भी अद्वितीय नजर आबै छै । भासा के संरक्षन व संवर्द्धन के क्षेत्र में करलऽ गेलऽ हुनकऽ अवदान युग-युग तक भासा समृद्धि के मार्ग प्रसस्त करतें रहतै।

अंगिका साहित्य कला मंच न॑ राजधानी पटना केरऽ पुनाईचक में आयोजित एगो बैठक में स्व. डॉ. नरेश पाण्डेय चकोर क॑ श्रद्धा सुमन अर्पित करलकै । श्रद्धा सुमन अर्पित करै वाला में सामिल रहै – विभुरंजन, साथी सुरेश सूर्य आरू प्रो. डॉ. दिवाकर ।

ज्ञातव्य छै कि डॉ. नरेश पाण्डेय चकोर केरऽ जन्म बिहार केरऽ भागलपुर जिलान्तर्गत सुलतानगंज सें दक्षिन १५ कि.मी. दूर अवस्थित देवधा गाँव में ३ जनवरी १९३८ ई. क॑ होलऽ रहै । पिता के नाम चन्द्रमोहन पाण्डेय आरू माय के नाम प्रजावती देवी छेलै। हुनकऽ प्रारंभिक सिक्षा गाँव आरू आसपास के स्कूली में जबकि उच्च सिक्षा भागलपुर विश्वविद्यालय के टी.एन.जे. कॉलेज में होलऽ रहै । सन १९६३ ई. में बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, पटना में एक सांख्यिकी पदाधिकारी के रूप में आपनऽ नौकरी शुरू करलकै आरू वहीं सें सन १९९६ ई. में सेवानिवृत्त भी भेलै। सन १९६१ ई. में हुनका पहलऽ बार डॉ. लक्ष्मी नारायण सुधांशु आरू श्री गदाधर प्रसाद अम्बष्ठ जैसनऽ अंगिका के आदि उन्नायक सिनी सें मिले के सुअवसर प्राप्त होलऽ रहै। १९६१ ई. में ही आधुनिक अंगिका भाषा के पहलऽ प्रकाशित पुस्तक डॉ. चकोर कृत ‘किसान क॑ जगाबऽ’ साहित्य जगत के सामने ऐलऽ रहै । फेरू यह॑ साल हुनी ‘अंग भाषा परिषद’ सें प्रचार मंत्री के रूप में जुड़ी क॑ अंगिका भाषा आंदोलन के यात्रा प्रारंभ करी क॑ एगो नया इतिहास रचै में लगी गेलऽ रहै। इ बीच सन १९६३ ई. में डॉ. चकोर लिखित ‘सर्वोदय समाज’ प्रकाशित होलऽ रहै । अंगिका भाषा के इ पहलऽ पुस्तक रहै, जे कोनो सरकारी विभाग द्वारा प्रकाशित होलऽ रहै । पूरे जीवन काल में डॉ. चकोर न॑ अंगिका आरू हिन्दी के ७१ किताब लिखलकै जेकरा में हुनकऽ द्वारा ८ संपादित पुस्तक भी सामिल छै । एकरऽ अलावे हुनी डॉ. अभयकांत चौधरी साथें मिली क॑ ९ आरू किताब लिखने आरू संपादित करने रहै । डॉ. चकोर के ऊपर विभिन्न विद्वानऽ द्वारा ९ पुस्तक भी लिखलऽ गेलऽ छै । डॉ. चकोर न॑ दिसंबर -१९७० ई. स॑ अंगिका मासिक पत्रिका, अंग माधुरी के प्रकाशन आरू संपादन प्रारंभ करने छेलै आरू आजीवन नवंबर – २०१५ ईं तलक संपादक बनलऽ रहलै । हुनकऽ निधन गत १४ नवंबर २०१६ ई. क॑ पटना में होलऽ रहै ।

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