अंग-प्रसंग

इंगलैंड के अंतर्राष्ट्रीय बहुभाषीय संगोष्ठी में अंगिका भाषा : अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अंगिका भाषा का प्रथम व्याख्यान

बरमिंघम : अंगिका भाषा साहित्य के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा गया है. इंगलैंड के दूसरे सबसे बङे शहर बरमिंघम में 27 से 29 अगस्त तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बहुभाषीय संगोष्ठी, IMS-2005, में अंगिका के साहित्यकार श्री कुंदन अमिताभ द्वारा अंगिका भाषा में आलेख और कवितायें पढीं गईं. किसी विदेशी भूमि पर आयोजित किसी अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में अंगिका भाषा[Read More…]

अंगिका भाषा का साहित्यिक परिदृश्य

केवल लिखित साहित्य को ही आधार मानें तो अंगिका भाषा में साहित्य निर्माण की समृध्द परम्परा प्राचीन काल से ही सतत रूप से जारी है, जो प्रामाणिक रूप से पिछले तेरह सौ वर्षों के कालखंडों में बिखरा पड़ा है. महापंडित राहुल सांकृत्यायन के अनुसार हिन्दी भाषा के लिखित साहित्य का प्राचीनतम स्वरूप ‘अंग’ के प्राचीन सिध्द कवि ‘सरह’ की आठवी[Read More…]

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