साइंस-टेक्नोलॉजी

शनि ग्रह केरऽ चक्कर लगाय रहलऽ अंतरिक्ष यान कैसिनी नष्ट

शनि ग्रह केरऽ चक्कर लगाय रहलऽ अंतरिक्ष यान कैसिनी नष्ट

वाशिंगटन। पिछला २० साल स॑ शनि ग्रह केरऽ चक्कर लगाय रहलऽ अंतरिक्ष यान कैसिनी १३ सितंबर,२०१७ क॑ नष्ट होय गेलै । कासिनी न॑ ११ लाख ३० हजार किलोमीटर प्रति घंटा के तेज रफ्तार के साथ शनि केरऽ वायुमंडल म॑ प्रवेश करलकै आरू चंद सेंकेड म॑ जली क॑ नष्ट होय गेलै । शनि केरऽ चंद्रमा प॑ जीवन के प्रबल संभावना के चलत॑ यान क॑ जानी बूझी क॑ शनि के वायुमंडल म॑ प्रवेश करैलऽ गेलै तीन अरब डालर केरऽ ई यान क॑ जानी बूझी क॑ शनि केरऽ वायुमंडल म॑ प्रवेश करैलऽ गेलै कैन्हेंकि वैज्ञानिकऽ के ऐसनऽ मानना छेलै कि ईंधन खत्म होय चुकलऽ ई यान क॑ जों ऐन्हैं छोड़ी देलऽ जाय छै त॑ ओकरऽ शनि के चंद्रमा टाइटन या फिर पॉलीड्यूसेस स॑ टकराबै के आशंका छेलै । वैज्ञानिकऽ के अनुसार हुनी सब ऐसनऽ नै चाहै छेलै कैन्हेंकि शनि केरऽ ई दूनू चंद्रमा प॑ जीवन केरऽ अंश होय के प्रबल संभावना छै जेकरा कोनो तरह के नुकसान पहुंचाबै के… Read More

भारत संचार निगम जुटलऽ छै ४जी सथं॑ ५जी लानै के तैयारी म॑

भारत संचार निगम जुटलऽ छै ४जी सथं॑ ५जी लानै के तैयारी म॑

मुंबई । सार्वजनिक दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल न॑ पांचमऽ पीढ़ी यानी ४ जी केरऽ दूरसंचार सेवा लेली शुरुआती काम शुरु करी देल॑ छै । जबकि ओकरऽ राष्ट्रीय स्तर पर ४जी VoLTE सेवा के शुरुआत अभी शेष छै ।  बीएसएनएल  ४जी VoLTE सेवा क॑ देश भर में शुरू करै के उम्मीद करी रहलऽ छै । बीएसएनएल, सरकार स॑ एकरा लेली स्पेक्ट्रम मांगी रहलऽ छै । कंपनी न॑ पिछला साल केरऽ आखिर में दूरसंचार विभाग स॑ कहल॑ छेलै कि ४G सेवा शुरू करै लेली ७०० मेगाहटर्ज बैंड म॑ स्पेक्ट्रम देलऽ जाय । कंपनी क॑ उम्मीद छै कि सरकार ओकरा ४G आरू ५G सेवा के पेशकश लेली ७०० मेगाहटर्ज म॑ स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल के अनुमति जल्दिये द॑ देतै । संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :भागलपुर मं॑ ९० किलोमीटर केरऽ साईकिल प्रतियोगिता…मंगल ग्रह केरऽ चारों तरफ चुंबकीय ढाल बनाय क॑ वहाँ जीवन संभवबिहार केरऽ प्राइमरी इसकूली मं॑ माध्यम भासा के रूप…हम्में जनता के बीच काम करै… Read More

राष्ट्र केरऽ समुचित विकास लेली स्वदेशी भाषा क॑ इंजीनियरिंग आरू टेक्नोलॉजी के भाषा बनाना जरूरी

राष्ट्र केरऽ समुचित विकास लेली स्वदेशी भाषा क॑ इंजीनियरिंग आरू टेक्नोलॉजी के भाषा बनाना जरूरी

धनबाद : चीन आरू जापान जैसनऽ तकनीकी रूप सं॑ संपन्न देश भारत स॑ आगू छै कैन्हेंकि वहाँ अपनऽ भाषा क॑ अपनैलऽ गेलऽ छै । भारत मं॑ विज्ञान आरू तकनीक केरऽ विस्तार अंग्रेजी मं॑ होलऽ छै । स्वदेशी भाषा केरऽ प्रयोग नै केवल तकनीक विस्तार म॑ करै ल॑ होतै बल्कि एकरा संचार माध्यम मं॑  भी सक्रिय रूप सं॑ शामिल करै ल॑ संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :नेपाल केरौ त्रिदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय साहित्यिक…अंगिका, कोसली सहित सब्भे ३८ अनुसूचित भाषा केरौ…भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज क॑ हर साल आबै वाला गंगा…कहाँ छै लापता मलेशियाई विमान MH370 ?जाह्न्वी अंगिका संस्कृति संस्थान न॑ बिहार अंगिका…चन्द्रयान-२ केरौ लॉंचिंग मँ भागलपुर इंजीनियरिंग…Angika Languageबिहार केरऽ प्राइमरी इसकूली मं॑ माध्यम भासा के रूप…भागलपुर-मुंबई ट्रेन मं॑ पैंट्री कार (रसोई बोगी)…अंगिका क॑ साजिशमुक्त कराय क॑ एकरऽ विकास के पथ…

खुद सं॑ रिपेयर होयवाला सड़क : छारऽ आरू नैनो कोटिंग स॑ सड़क निरमान टेक्नोलॉजी भारतीय इंजीनियर केरऽ अदभुत कल्पना शक्ति केरऽ कमाल

खुद सं॑ रिपेयर होयवाला सड़क : छारऽ आरू नैनो कोटिंग स॑ सड़क निरमान टेक्नोलॉजी भारतीय इंजीनियर केरऽ अदभुत कल्पना शक्ति केरऽ कमाल

बेंगलुरू : प्राचीन समय स॑ ल॑ करी क॑ आधुनिक जमाना तक मं॑ सड़क निर्माण जों प्रगति केरऽ पैमाना छेकै त॑  बदहाल सड़क के स्थिति ई तथ्य के भी प्रमाण छेकै कि मजबूत सड़क निर्माण लेली मौजूदा टेक्नोलॉजी मं॑ काफी सुधार केरऽ आवश्यकता छै । जहाँ तलक आपनऽ भारत के सवाल छै त॑ यहाँ सड़क के बदहाल स्थिति लेली अभी तलक सिविल इंजीनियर… संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :लुप्त होय रहलऽ कैथी लिपि केरऽ प्रशिक्षण कार्यक्रम ११…शहीद निलेश नयन केरऽ श्राद्ध कर्म म॑ मुख्यमंत्री…राष्ट्र केरऽ समुचित विकास लेली स्वदेशी भाषा क॑…अंगिका भाषा आंदोलन केरऽ पुरोधा आरू अंगिका साहित्य…सरकारी उपेक्षा केरऽ शिकार बिहार अंगिका अकादमी केरऽ…झारखंड म॑ संताली, मुंडारी, हो, अंगिका, कुरमाली भाषा…अंगिका भाषा का साहित्यिक परिदृश्यफऽल एक फैदा अनेक : इमलीअंगिका क॑ साजिशमुक्त कराय क॑ एकरऽ विकास के पथ…सड़क मार्ग सें पटना सें दिल्ली ११ घंटा में

सौरमंडल से बाहर तीन-तीन सूरज वाला नया दुर्लभ ग्रह (एक्सोप्लेनेट) केरऽ करलऽ गेलै खोज

सौरमंडल से बाहर तीन-तीन सूरज वाला नया दुर्लभ ग्रह (एक्सोप्लेनेट) केरऽ करलऽ गेलै खोज

अरिजोना । खगोलशास्त्र वैज्ञानिकऽ न॑ पृथ्वी स॑ ३२० प्रकाशवर्ष दूर आरू बृहस्पति ग्रह स॑ चार गुना वजनी एगो नया ग्रह के खोज करन॑ छै । ई ग्रह क॑ तीन सूरज छै । सेंटोरस तारामंडल मं॑ स्थित आरू पृथ्वी स॑ करीब ३२० प्रकाशवर्ष दूर स्थित एचडी131399एबी नाम केरऽ ई ग्रह करीब 1.6 करोड़ साल पुराना छै । ई ग्रह आज तक खोजलऽ गेलऽ[Read More…] संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :अंगिका महोत्सव-२०१६, २० फरवरी क॑ करहरिया हाय इसकूल…लुप्त होय रहलऽ कैथी लिपि केरऽ प्रशिक्षण कार्यक्रम ११…Angika Languageसूफियों के गढ़ भागलपुर में मिलीं सर्वाधिक स्वर्ण…अंगिका काव्य और कविभागलपुर-मुंबई ट्रेन मं॑ पैंट्री कार (रसोई बोगी)…अंगिका भाषा का साहित्यिक परिदृश्यनेपाल केरौ त्रिदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय साहित्यिक…अंग देश केरॊ स्थानीय कलाकारॊ सीनी कॆ प्राथमिकता…मंगल ग्रह केरऽ चारों तरफ चुंबकीय ढाल बनाय क॑ वहाँ जीवन संभव

GSLV-D5 marks India’s mastery over indigenous cryogenic technology

THIRUVANANTHAPURAM: Indian Space Research Organisation’s (Isro’s) successful launch of Geosynchronous Satellite Launch Vehicle, GSLV-D5, on Sunday at 4.18pm from Sriharikota marks a significant achievement of India’s prowess over indigenous cryogenic technology. [wzslider autoplay=”true”] “It is a tough job to understand and master cryogenic technology. It is ultimate and we have put in a lot of efforts and made it possible. Today, we can say and prepare with more confidence for the next mission of C-25 stage with 25 tonnes of propellant and 20 tonnes of cryogenic engine thrust for the GSLV MK-3 D-1 mission in early 2017. The high-end cryogenic engine is slated for completion and testing by 2015,” Vikram Sarabhai Space Centre director S Ramakrishnan told TOI minutes after the lift-off of GSLV-D5. It’s indeed a memorable day for launch vehicle community, to realize this cryogenic technology and master it as it is the first successful attempt, he said. Last year, on August 19, an… Read More

मंगल कॆ दागलकै भारत नॆ आपनॊ पहलॊ मंगलयान

मंगल कॆ दागलकै भारत नॆ आपनॊ पहलॊ मंगलयान

India’s first-ever mission to Mars launched into space today (Nov. 5), beginning the country’s first interplanetary mission to explore the solar system. With a thunderous roar, India’s Mars Orbiter Mission rocketed into space at 4:08 a.m. EST (0908 GMT) from the Indian Space Research Organisation’s Satish Dhawan Space Centre in Sriharikota, where the local time will be 2:38 p.m. in the afternoon. An ISRO Polar Satellite Launch Vehicle launched the probe on its 300-day trek into orbit around the Red Planet. “The journey has only just begun,” said ISRO Chairman K. Radhakrishnan after the successful launch. Less than an hour after liftoff, Radhakrishnan reported that India’s Mars probe successfully entered a staging orbit around Earth. Mars Orbiter Mission director Kunhi Krishnan describing the launch as a start to a “grand and glorious” mission. If all goes well, India’s first Mars orbiter — called Mangalyaan (Hindi for “Mars Craft”) — will arrive at the Red Planet… Read More

Rare hybrid solar eclipse occurs today

Rare hybrid solar eclipse occurs today

Washington: Skywatchers in parts of Africa, Europe and the United States will witness a rare ‘hybrid’ solar eclipse on Sunday- an unusual eclipse in which the Moon blocks the Sun – either fully or partially, depending on the location. The event is also known as the annual solar eclipse. Interestingly, this will be the second solar eclipse falling in 2013 and fifth eclipse overall. A hybrid eclipse usually starts and ends as an annular eclipse but appears as a total eclipse in the middle. However, today’s eclipse is rare as it starts as an annular eclipse and ends as a total eclipse.  The greatest part of the eclipse will take place at 1237 GMT over the Atlantic Ocean, some 330 kilometers (205 miles) southwest of Liberia, according to a NASA website that tracks eclipses. The west African nation of Gabon will get peak viewing of the total eclipse as it sweeps over a path nearly… Read More

Countdown for India’s Mars Orbiter Mission begins

Countdown for India’s Mars Orbiter Mission begins

Chennai: The countdown for the India’s ambitious Rs 430-crore Mars Orbiter Mission (MOM) began Sunday 6.08 am at Sriharikota rocket port in Andhra Pradesh, a space agency official said. The countdown to the flight of Indian rocket Polar Satellite Launch Vehicle (PSLV-C25) will be for 56.30 hours which is expected to blast off at 2.38 pm. Tuesday, said an Indian Space Research Organisation (ISRO) official who did not wish to be named. On Saturday, all the pre-countdown activities were carried out after ISRO’s Launch Authorisation Board (LAB) gave it the green signal for the rocket’s flight Nov 1 from Sriharikota, around 80 km from here. According to ISRO, the MOM objectives are twofold — technological and scientific. The technological objectives include design and realisation of Mars orbiter with a capability to survive and perform Earth bound manoeuvres, cruise phase of 300 days, Mars orbit insertion/capture, and on-orbit phase around Mars. It will also enable deep… Read More

India’s space-based ‘revolution’

India’s space-based ‘revolution’

India is preparing to send a robotic spacecraft into orbit around Mars – a first for the country. The BBC’s Asia Business Reportspoke to K Radhakrishnan, chair of the Indian Space Research Organisation (Isro) – the country’s space agency – about his hopes for the mission. Q: What is the objective of India’s Mars mission? A: Essentially in this Mars mission, which we are planning, the prime objective is to demonstrate India’s capability to capture the Martian orbit and then to conduct a few meaningful scientific experiments. Q: And what are you hoping to find? A: See, essentially when we talk about Mars and exploration of Mars, you look at life as one of those goals. So (we look for) the presence of methane in the Martian environment and see whether this methane, if it is there, has a biological origin or a geological origin. We also would like to study the Martian atmosphere and… Read More

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