कला-संस्कृति-मनोरंजन

शोले-3D के बाद ‘शोले’ का प्रीक्वल बनाने की तैयारी

मुंबई। बॉलीवुड के मशहूर फिल्मकार-अभिनेता सतीश कौशिक ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले का प्रीक्वल बना सकते हैं। बॉलीवुड में चर्चा है कि सतीश कौशिक शोले के प्रीक्वल के लिए जयंती लाल गाडा से बातचीत कर रहे हैं। जयंती लाल गाडा की शोले थ्रीडी 3 जनवरी को प्रदर्शित हुई है। चर्चा है कि शोले के प्रीक्वल की कहानी लेखक शांतनु धर की किताब द कंपनी रेड पर आधारित होगी। सतीश कौशिक का कहना है कि इस किताब में बताया गया है कि क्यों एक पुलिस वाला ठाकुर बलदेव सिंह बन गया। सतीश कौशिक का मानना है कि ठाकुर बलदेव सिंह का किरदार सलमान खान या अजय देवगन बेहतर तरीके से निभा सकते हैं।  [wzslider autoplay=”true”] 1975 में प्रदर्शित शोले में ठाकुर बलदेव सिंह का किरदार संजीव कुमार ने निभाया था। रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में संजीव कुमार के अलावा धमेंद्र, अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, जया भादुड़ी और अमजद खान ने भी मुख्य भूमिका निभाई थी।… Read More

नच बलिए का विजेता बनने के लिए गुरमीत को वोट की दरकार

नच बलिए का विजेता बनने के लिए गुरमीत को वोट की दरकार

भागलपुर : स्टार प्लस पर प्रसारित हो रहे रियलिटी शो नच बलिए का विजेता बनने के लिए भागलपुर के लाल गुरमीत चौधरी को आपके वोट की दरकार है। इसे लेकर गुरमीत ने शनिवार को दूरभाष पर दैनिक जागरण से बातचीत की। उन्होंने बताया कि वे भागलपुर जिले के जयरामपुर नवगछिया के रहने वाले हैं। बिहार के लोगों के आर्शीवाद से ही वे इस मुकाम पर पहुंचे हैं। नच बलिए के शिखर पर पहुंचाने के लिए जिले के लोग अपनी मोबाइल से टॉल फ्री नंबर 18001202309 पर डायल कर वोटिंग करें। गुरमीत चौधरी के पिता सीताराम चौधरी ने बताया गुरमीत को वोट करने के लिए वोटिंग लाइन शनिवार रात नौ बजे से सोमवार नौ बजे तक खुली रहेगी। गुरमीत के मित्र शेखर झा ने बताया कि गुरमीत को भागलपुर के लोगों के विशेष आर्शीवाद की जरूरत है। इसलिए अधिक से अधिक लोग उन्हें वोट कर विजेता बनाएं। विदित हो कि स्टार प्लस पर प्रसारित शो नच… Read More

Deepavali decorations at shopping malls reflect charms of Indian culture

Deepavali decorations at shopping malls reflect charms of Indian culture

THE magnificent peacock takes centre stage this time of the year as shopping malls around the Klang Valley get ready to welcome the festival of lights, Deepavali. Many of the malls are colourful, with lights and flowers all centred around the ever-popular peacock design. Apart from being the national bird of India, in Hinduism, the peacock is considered as a vahana or vehicle of Lord Muruga. Most of the malls have opted for the peacock kolam, a design that has always been a favourite. The kolam is a form of art designed using either rice flour, rice or sago. It is usually drawn at the entrance of Hindu homes to welcome the Hindu goddess of fortune, Lakshmi. Mesmerizing: Sunway Pyramid’s Majestic Kolam is the first floating musical kolam in Malaysia with a mixture of music and lights. Mesmerising :Sunway Pyramid’s Majestic Kolam is the first floating musical kolam in Malaysia with a mixture of music… Read More

Item numbers will neither save India nor our culture: Hema Malini

Item numbers will neither save India nor our culture: Hema Malini

Agra: Veteran actress Hema Malini, who has also mesmerised many with her classical dance performances on stage, believes that item dance songs will not save India or its culture. “Nritya was my puja. To save our culture we will need to return to classical dance forms and music. Item numbers will neither save India nor our culture. In Bollywood, nobody these days asks new actors whether they know or understand the nuances of classical music,” Hema told reporters here. She created a spiritual ambience through her dance-drama Ramayan, which was presented late Friday evening at the Pushpanjali grounds near Taj Mahal here. Hema Malini believes that item dance songs will not save India or its culture. Produced by Natya Vihar of Mumbai and directed by Hema herself, the drama had music by Ravindra Jain while Suresh Wadekar lent his voice to create a religious euphoria. The programme was organised by Sri Hari Satsang Samiti. Read… Read More

Can the buzz of mosquitoes be art?

Can the buzz of mosquitoes be art?

Two artists have harnessed the flying power of mosquitoes to create sound. Robin Meier and Ali Momeni say they wanted to create a “truce” between people and mosquitoes by allowing visitors to appreciate the beauty of the insects’ “song”. The art involves tiny microphones that amplify the sound emitted as mosquitoes flap their wings in response to an artificial tone. The pair say the process, which involves using bees’ wax to “tether” the insect to a tiny piece of wire, doesn’t harm the mosquitoes. The work, entitled Truce: Strategies for Post-Apocalyptic Computation, features as part of the Sonica 2013 programme in Glasgow from 31 October until 3 November 2013. (Source: http://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-24766729) संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :Ancient art form fighting to survive activeअंगिका, कोसली सहित सब्भे ३८ अनुसूचित भाषा केरौ…Reconnecting with Indian literature, knitting it closerWhen could one be able to produce Angika Cinema?Angika Art : Manjusha ArtScoring runs is Virat’s… Read More

Pakistani folk singer Reshma of ‘Lambi Judai’ fame dies

Pakistani folk singer Reshma of ‘Lambi Judai’ fame dies

Islamabad:  Renowned Pakistani folk singer Reshma, who was suffering from throat cancer for a long time, died in Lahore on Sunday morning, hospital sources said. Reshma was in coma for a month, Geo TV quoted hospital sources as saying. Born in Bikaner in India’s Rajasthan state to a Banjara family around 1947, her tribe migrated to Karachi shortly after partition. Dawn reported that she is survived by son Umair and daughter Khadija. When she was just 12, a television and radio producer spotted her singing at Shahbaz Qalander’s shrine. The producer arranged for her to record “Laal Meri” on Pakistan radio. She became an instant hit. Reshma has been one of the most popular folk singers of Pakistan, appearing on television in the 1960s and recording songs for both the Pakistani as well as the Indian film industry. Some of her songs include “Dama Dam Mast Kalandar”, “Hai O Rabba nahion lagda dil mera”, “Sun charkhe… Read More

Lincoln, Mass. ‘Discovers India’ during three day festival

Lincoln, Mass. ‘Discovers India’ during three day festival

The Discover India! Lincoln Cultural Festival 2013 was hosted at a variety of venues in Lincoln, Mass. on October 18, 19 and 20. As a trustee of the Desai Foundation, Moha Desai Patel’s inspiration for organizing the Discover India! Festival was to foster a sense of community while enriching the local community with India’s unique and colorful culture through art, history and performances. The Festival featured local talent such as artists, dancers, writers, chefs and more. The Desai Foundation was thrilled with the turnout at the Festival, as they competed with a gorgeous fall weekend and were still able to attract hundreds of people who participated in the assortment of activities and classes offered throughout the weekend. Friday, October 18 kicked off the weekend with the matinee and evening showing of Saptapadii, a film about a wealthy Indian couple whose relationship gets turned upside down. The film’s viewers were also able to enjoy Cobra Corn’s… Read More

प्रेम लगन में दिखेंगे गौरव राजा

बांका : भोजपुरी व अंगिका भाषा में करीब दो सौ गाना गा चुके गौरव राजा जल्द ही अंगिका भाषा में बन रहीफिल्म प्रेम लगन  में नजर आयेंगे. यह बात उन्होंने प्रभात खबर की खास बातचीत में बतायी. उन्होंने इन दिनोंदर्शकों के मन को टटोलते हुए क्षेत्र में अपने को प्रेम लगन में मगन होने की बात बतायी. गौरव राजा ने कहा किफिलहाल जिले के रमणीक स्थलों में अलबम की शूटिंग चल रही है. यहां के मनोरम दृश्य को शूटिंग के लिए उन्होंने अनुकूल बताते हुए कहा कि दूर्गापूजा के अवसर पर महिमातेलडीहा महरानी की अलबम भी निकाली जायेगी, जिसमें शहर के विजय नगर की 12 वर्षीय मोना यादव ने भीकई गीत गाये हैं. विश्व प्रसिद्ध मंदार गिरी पर भी जल्द से जल्द अलबम शूटिंग होने की भी बात कही. बताते चलें कि सबों के दिल पर राज करने वाले बांका के गौरव खेसर क्षेत्र के पिपरा गांव के वासी हैं. उन्होंने बड़ेभाई गौतम कुमार यादव के प्रति हार्दिक आभार प्रकट करते हुए कहा कि शुरुआती दिनों में मुझे उनसे भरपूरसहयोग मिला है. (Source:http://www.prabhatkhabar.com/news/35471-story-article.html ) संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :रंगों का पर्व होली सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्नझारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जे.एस.एस.सी)- टी.जी.टी.…नेपाल केरौ त्रिदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय साहित्यिक…क्या आज प्रधानमंत्री अंगिका को अष्टम अनुसूची में…अंग क्षेत्र के स्टेशनों में अंगिका में सूचना देने की…फऽल एक फैदा अनेक : इमलीअंगिका भाषा के जनकAngika Languageहम्में जनता के बीच काम करै वाला प्रधानमंत्री छेकियै,…झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में अंगिका भाषा में…

बिहार, झारखंड में मनसा पूजा की चहल-पहल

जामताड़ा : जिले भर में मनसा पूजा धूमधाम से मनाई गई है। हर तरफ पूजा को लेकर भारी चहल-पहल व्याप्त है। अंगवासी के साथ-साथ बंगलाभाषी भी इसे काफी श्रद्धा के साथ मनाते हैं। गुरुवार को संजोत, शुक्रवार को उपवास के बाद शनिवार से पूजा शुरू हो गई। पूरे महीने चलनेवाले इस पर्व को लोग अलग-अलग तिथियों में मनाते हैं। फल प्रसाद से मां की पूजा करने के बाद बकरे की बलि देने की प्रथा इस पर्व में है। मनसा पूजा को लेकर शनिवार को बाजार में आम दिनों की अपेक्षा काफी कम भीड़ रही। ईद के कारण मुख्य बाजार में थोड़ी चहल पहल थी। जबकि मनसा पूजा करनेवाले लोग एवं दुकानदार भी बाजार से दूर रहे। बिंदापाथर : क्षेत्र के प्रजापेटिया, बिंदापाथर, मूड़ायाम, पहाड़पुर आदि गांवों में प्रतिमा स्थापित कर मां मनसा की पूजा अर्चना की गई। मिहिजाम : शहर के वार्ड नंबर 15 में प्रतिमा स्थापित कर मां की पूजा की गई। शहर के… Read More

बिहुला के अंगिका गीत -भजन से अंग देश गूँजायमान

बौंसी (बांका) : बौंसी चौक स्थित बिषहरी स्थान में मैना बिषहरी की प्रतिमा स्थापित कर शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन कार्य शुरू हो गया। देवी विषहरी की पूजा अर्चना के बीच शनिवार को बाला बिहुला का विवाह धूमधाम से किया जाएगा। बौंसी के पाठक टोला समीप बुढ़िया विषहरी मंदिर में, दलिया,साढ़मोह आदि गांव में विषहरी पूजा के अवसर पर मंजूषा पूजा किया जाता है। जानकारी के अनुसार चांद सौदागर नामक व्यापारी को विषहरी को मेढक खाते देख घृणा हो जाती है। जबकि सर्प की देवी विषहरी ने चांदो सौदागर को उसकी पूजा करने की बात कही। परंतु चांदो सौदागर द्वारा अग्नि पूजा नहीं देने की बात पर विषहरी ने उसके छह पुत्रों सहित जहाज को समुद्र में विलीन कर दिया। इसके बावजूद व्यापारी ने पूजा नहीं दी। सातवें पुत्र बाल लखेन्द्र की शादी बिहुला के साथ तय होने के उपरांत विषहरी द्वारा विवाह की रात्रि पुत्र को मार देने की घोषणा की। इस पर चांदो सौदागर… Read More

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