अंग देश

दू आरू तीन फरवरी क॑ आयोजित होतै अंगिका महोत्सव -२०१९

दू आरू तीन फरवरी क॑ आयोजित होतै अंगिका महोत्सव -२०१९

भागलपुर । आगामी दू आरू तीन फरवरी क॑  अंगिका महोत्सव -२०१९ केरऽ आयोजन करलऽ जैतै । अंगिका साहित्यकार सिनी केरऽ एगो बैठक म॑ महोत्सव केरऽ तैयारी क॑ ल॑ क॑ एगो बैठक म॑ ई निर्णय लेलऽ गेलै । महोत्सव केरऽ आयोजन लेली एगो आयोजन समिति के गठन करलऽ गेलै । आयोजन समिति केरऽ संयोजक श्री दयानंद जयसवाल आरू सहायक संयोजक श्री नीरज कुमार सिन्हा क॑ बनैलऽ गेलै ।   संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :संस्कृत, पाली, प्राकृत, हिंदी आरू अंगिका केरऽ…अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की आनाकानी…अंगिका काव्य और कविअंगिका, कोसली सहित सब्भे ३८ अनुसूचित भाषा केरौ…बिहार सरकार करलकै अंगिका अकादमी केरॊ गठन – अंगिका…सर्वसम्मति स॑ आठ महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करी क॑…सरकारी उपेक्षा केरऽ शिकार बिहार अंगिका अकादमी केरऽ…जाह्न्वी अंगिका संस्कृति संस्थान न॑ बिहार अंगिका…अंगिका भाषा का साहित्यिक परिदृश्यक्या आज प्रधानमंत्री अंगिका को अष्टम अनुसूची में…

अंग-अंगिका के विकास म॑ लगलऽ संस्था सिनी मिली-जुली क॑ करतै अंगिका महोत्सव के नियमित आयोजन

अंग-अंगिका के विकास म॑ लगलऽ संस्था सिनी मिली-जुली क॑ करतै अंगिका महोत्सव के नियमित आयोजन

सुलतानगंज । अंग-अंगिका के विकास म॑ लगलऽ संस्था सिनी मिली-जुली क॑ अंगिका महोत्सव के नियमित रूप स॑ आयोजन करै प॑ विचार करी रहलऽ छै । एगो प्रेस-विज्ञप्ति जारी करी क॑ जानकारी देलऽ गेलऽ छै कि सब संस्था द्वारा मिली-जुली क॑ अंगिका महोत्सव क॑ नियमित रूप स॑ आयोजन करै प॑ विचार करै लेली आगामी २३ दिसंबर क॑ भागलपुर म॑ एगो बैठक केरऽ आयोजन करलऽ गेलऽ छै । बर्षो पहल॑ सरकारी स्तर पर अंग-महोत्सव केरऽ आयोजन होय छेलै । जेकरा स॑ अंगिका साहित्यकार, पत्रकार, कवि सिनी म॑ नयऽ ऊर्जा के संचार होय छेलै । लोग सब अंगिका के विकास लेली अधिक से अधिक सोच॑ पारै छेलै । साहित्यकारऽ सिनी के सहयोग सें ही साल २००७ ई. म॑ सैंडिस कंपाउंड म॑ शायद आखरी बार अंग-महोत्सव आयोजित होलऽ छेलै । एकरऽ बाद बहुत्ते दफा खाली प्रबुद्ध जनऽ सिनी न॑ अंगिका-महोत्सव आयोजित करै या कराबै के बात कही क॑ ताली बटोरलकै, लेकिन अखनी तलक ई संभव नै हुअ॑ पारलऽ छै… Read More

अठमाहा गाँव म॑ आयोजित भेलै अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच केरऽ कवि सम्मेलन

अठमाहा गाँव म॑ आयोजित भेलै अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच केरऽ कवि सम्मेलन

बाँका।१६-११-२०१८। अठमाहा गांव म॑ अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच केरऽ तत्वावधान म॑ कवि सम्मेलन आयोजित करलऽ गेलै । जेकरऽ उद्घाटन मंच केरऽ राष्ट्रीय अध्यक्ष सह तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय अंगिका विभागाध्यक्ष डॉ. मधुसूदन झा, महामंत्री हीरा प्रसाद हरेन्द्र, समाजसेवी इन्द्रजीत सिंह न॑ संयुक्त रूप स॑ दीप जलाय करी क॑ करलकै । मौका पर अंगिका के कवि विकास सिंह गुलटी केरऽ किताब ‘हमरऽ अंग देश’ के लोकार्पण करलऽ गेलै। मौका प॑ कवि विजेता मुगदलपुरी, परमानन्द प्रेमी आदि कवि न॑ विकास सिंह गुलटी के पुस्तक के प्रशंसा करतें कहलकै कि अंग प्रदेश क॑ जानै व समझै लेली हिनकऽ गीत ही काफी छै । सम्मेलन केरऽ दूसरे सत्र में रामावतार राही न॑ अपनऽ चुटीला अंदाज में अपनऽ रचना क॑ उपस्थित लोगऽ के बीच परोसलकै । जेकरा स॑ उपस्थित लोगऽ क॑ उनकऽ हास्य व्यंग्य सुनी क॑ हंसी केरऽ फव्बारा फुटी परलै । नरेश जनप्रिय, प्रकाश सेन प्रीतम, चंद्रिका ठाकुर, अंजनी सुमन, अभय कुमार सिंह, अश्विनी सोलंकी, राघवेंद्र सिंह आदि… Read More

संस्कृत, पाली, प्राकृत, हिंदी आरू अंगिका केरऽ शीर्षस्थ साहित्यकार ९३ बर्षीय आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव केरऽ देहावसान

संस्कृत, पाली, प्राकृत, हिंदी आरू अंगिका केरऽ शीर्षस्थ साहित्यकार ९३ बर्षीय आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव केरऽ देहावसान

पटना। ११ नवंबर,२०१८ । संस्कृत,पाली, प्राकृत, हिंदी आरू अंगिका केरऽ शीर्षस्थ साहित्यकार आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव केरऽ निधन होय गेलऽ छै । ७० बरसऽ स॑ निरंतर साहित्य-साधना म॑ रत ९३ बर्षीय आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव केरऽ निधन संदलपुर, महेन्द्रू, पटना स्थित हुनकऽ आवास शुभैषणा  प॑ आय भोरंरिंयां साढ़े पाँच बजे होलै । आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव केरऽ पार्थिव शरीर क॑ अंतिम दर्शन लेली पटना स्थित हिंदी साहित्य सम्मेलन भवन म॑ दुपहर २ बजे लानलऽ जैतै । हुनकऽ दाह संस्कार पटना केरऽ गुलबी घाट प॑ करलऽ जैतै । आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव केरऽ निधन प॑ श्री लालजी टंडन, महामहिम राज्यपाल,बिहार न॑ गहरऽ शोक व संवेदना व्यक्त करल॑ छै । राज्यपाल सचिवालय,बिहार द्वारा जारी शोक-संवेदना संदेश म॑ कहलऽ गेलऽ छै कि साहित्य केरऽ समस्त विधा म॑ आपनऽ भावपूर्ण आरू वैचारिक लेखन के माध्यम स॑ स्व. सूरिदेव जी न॑ मानव-समाज को स्वस्थ दिशा और दृष्टि प्रदान की । आपनऽ सांस्कृतिक व राष्ट्रवादी चिंतनपरक साहित्यिक अवदान स॑ हुनी भारतीय वांङ्मय क॑ समृद्ध बनैलकै ।… Read More

सुलतानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा तट प॑ सांत्वना साह केरऽ पार्थिव शरीर पंच-तत्व म॑ विलीन

सुलतानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा तट प॑ सांत्वना साह केरऽ पार्थिव शरीर पंच-तत्व म॑ विलीन

सुलतानगंज । ९ नवंबर, २०१८ । सुलतानगंज केरऽ उत्तरवाहिनी गंगा तट प॑ सांत्वना साह केरऽ पार्थिव शरीर पंच-तत्व म॑ विलीन भ॑ गेलै । सुलतानगंज केरऽ श्मसान घाट प॑ आकाशवाणी भागलपुर केरऽ नूर, अंगिका केरऽ मशहूर कोकिल कंठी “चंपा बहन” केरऽ दाहसंस्कार पूरा श्रद्धा आरू साहित्यिक सम्मान के साथ करी देलऽ गेलै । मुखाग्नि श्रीमती साह केरऽ बड़का बेटां सलिल कुमार न॑ देलकै । ई अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य कला मंच आरू अजगैवीनाथ साहित्य मंच के वरीय पदाधिकारीयऽ म॑ हीरा प्रसाद हरेन्द्र, डॉ. ब्रह्मदेव नारायण सत्यम, सुधीर कुमार प्रोग्रामर, अंजनी कुमार शर्मा, साथी सुरेश सूर्य, मनीष कुमार गूंज, हरिनंदन चौरसिया, प्राण मोहन प्रीतम, साथी इंद्रदेव, डॉ. श्यामसुन्दर आर्य के अलावे दर्जनऽ साहित्यप्रेमी उपस्थित होय करी क॑ फूलमाला द॑ करी क॑ “अंग कोकिला सांत्वना साह अमर रह॑” के नारा स॑ अपनऽ श्रद्धांजलि अर्पित करलकै। [wzslider autoplay=”true”] ज्ञातव्य छै कि वरिष्ठ अंगिका साहित्यकार आरू आकाशवाणी कलाकार सांत्वना साह केरऽ निधन ८ नवंबर,२०१८ क॑ सबरगरे बंगलोर के अपोलो अस्पताल… Read More

सांत्वना साह

वरिष्ठ अंगिका साहित्यकार सांत्वना साह केरऽ निधन, अंग देश म॑ शोक के लहर

भागलपुर । वरिष्ठ अंगिका साहित्यकार आरू आकाशवाणी कलाकार सांत्वना साह नै रहलै । हुनकऽ फेसबुक पर हुनकऽ बेटा श्री सलील कुमार द्वारा प्रकाशित सूचना के आधार प॑ आय ८ नवंबर,२०१८ क॑ सबरगरे बंगलोर केरऽ एगो नामी अस्पताल म॑ हुनी अंतिम साँस लेलकै । हुनी जीबीएम-4 नामक बीमारी सें जूझी रहलऽ छेलै । बैंगलोर केरऽ एगो प्रीमियम अस्पताल में जीबीएम-4 केरऽ इलाज चली रहलऽ छेलै ।  हुनी अपना पीछू दू बेटा, एक बहू आरू दू पोता छोड़ी क॑ गेलै । कल भोरे 08:00 बजे पश्चात रेडियो कॉलोनी, आदमपुर, भागलपुर में हुनकऽ अन्तिम दर्शन करलऽ जाब॑ सकै छै आरू श्रद्धांजलि अर्पित करलऽ जाब॑ सकै छै । सांत्वना साह एगो मृदुभाषी व्यक्तित्व वाला साहित्यकार आरू कलाकार छेलै । हुनी आकाशवाणी के माध्यम स॑ अंगिका केरऽ महत्वपूर्ण सेवा करलकै जेकरा भुलाना बहुत मुश्किल छै । अंगिका.कॉम हुनका प्रति हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करै छै । भगवान हुनकऽ आत्मा क॑ चिर शांति प्रदान कर॑ । हुनकऽ  निधन स॑ अंग देश म॑ शोक के लहर व्याप्त… Read More

अपनऽ जिला के  भाषा म॑ पास करला प॑ ही होतै तृतीय आरू चतुर्थ श्रेणी पदऽ प॑ नौकरी – झारखंड नियोजन नीति

अपनऽ जिला के भाषा म॑ पास करला प॑ ही होतै तृतीय आरू चतुर्थ श्रेणी पदऽ प॑ नौकरी – झारखंड नियोजन नीति

रांची । झारखंड नियोजन नीति के अनुसार झारखंड म॑ हर जिला के अपनऽ भाषा होतै जेकरा म॑ पास करला प॑ ही तृतीय आरू चतुर्थ श्रेणी पदऽ प॑ नौकरी हुअ॑ सकतै । झारखंड राज्य म॑ नियोजन नीति क॑ अंतिम रूप द॑ देलऽ गेलऽ छै । जों ई नीति राज्य म॑ लागू होय छै त॑ हर जिला लेली एगो अलग भाषा अथवा एक स॑ अधिक भाषा अधिसूचित होतै जे जिला केरऽ अपनऽ भाषा होतै । झारखंड सरकार तरफऽ स॑ बनैलऽ गेलऽ नियोजन नीति सें स्थानीय लोगऽ क॑ लाभ पहुंचाबै के कोशिश करलऽ गेलऽ छै । हालांकि अभी एकरा १७ अप्रैल क॑ सरकार लगां अनुशंसा लेली भेजलऽ जैतै । ओकरऽ बाद ही एकरा अंतिम रूप देलऽ जाब॑ सकै छै । जों ई नीति राज्य म॑ लागू होय छै त॑ हर जिला लेली एगो अलग भाषा अथवा एक स॑ अधिक भाषा अधिसूचित होतै जे जिला केरऽ अपनऽ भाषा होतै । युवा सिनी क॑ तृतीय आरू चतुर्थ श्रेणी म॑ नियोजन… Read More

मुंगेर विश्वविद्यालय केरऽ नाँव अंग विश्वविद्यालय राखै के करलऽ गेलै माँग

मुंगेर विश्वविद्यालय केरऽ नाँव अंग विश्वविद्यालय राखै के करलऽ गेलै माँग

सुलतानगंज । मुंगेर विश्वविद्यालय केरऽ नाँव अंग विश्वविद्यालय राखै के माँग करलऽ गेलऽ छै । अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच न॑ ई माँग बिहार केरऽ मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार क॑ चिट्ठी लिखी क॑ करल॑ छै । अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच केरऽ प्रदेश महासचिव श्री सुधीर कुमार प्रोग्रामर न॑  पत्र लिखी क॑  बिहार केरऽ मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार सें ई माँग करल॑ छै  । हुनी पत्र म॑ लिखल॑ छै कि चूँकि मुंगेर केरऽ कर्णगढ़ म॑ सूर्योदय के समय नित प्रति अंगराज कर्ण गरीबऽ के बीच सोना दान करबऽ करै छेलै, ई लेली अंगजनपद केरऽ करोड़ों लोगऽ के इच्छा छै कि नवसृजित मुंगेर विश्वविद्यालय केरऽ नाँवकरण अंग विश्वविद्यालय करलऽ जाय । पत्र म॑ आग्रह करलऽ गेलऽ छै कि मुंगेर केरऽ ऐतिहासिकता आरू पौराणिकता क॑ धियान म॑ रखतें हुअ॑ अंग विश्वविद्यालय नामकरण करी क॑ अंग महाजनपद केरऽ जनता के भावना के सम्मान करलऽ जाय । संबंधित अंगिका समाचार पढ़ऽ / Read similar Angika News :सरकारी उपेक्षा केरऽ… Read More

अंगिका क॑  राजभाषा के दर्जा दै लेली झारखंड सरकार के प्रति प्रकट करलऽ गेलै आभार आरू बिहार सरकार सें करलऽ गेलै अंगिका क॑  राजभाषा के दर्जा दै के माँग

अंगिका क॑ राजभाषा के दर्जा दै लेली झारखंड सरकार के प्रति प्रकट करलऽ गेलै आभार आरू बिहार सरकार सें करलऽ गेलै अंगिका क॑ राजभाषा के दर्जा दै के माँग

भागलपुर । झारखंड सरकार द्वारा अंगिका भाषा क॑ द्वितीय राजभाषा के रूप म॑ स्वीकार करला प॑ काल अंग उत्थान आन्दोलन समिति,बिहार-झारखंड द्वारा स्थानीय स्टेशन चौक प॑ हर्ष अभिनंदन सह आभार समारोह म॑ समिति अध्यक्ष गौतम सुमन न॑ कहलकै कि झारखंड स्थित छः जिला के लोकभाषा अंगिका क॑ द्वितीय राजभाषा के दर्जा दै वाला अध्यादेश क॑ मंजूरी द॑ क॑ झारखंड सरकारें लोकभाषा के प्रति अपनऽ उदारता व सजगता दिखाबै के सराहनीय कार्य करल॑ छै । हुनकऽ ई कार्य सें अंग क्षेत्र म॑ खुशी के लहर छै । हुनी कहलकै कि झारखंड सरकार केरऽ ई सराहनीय कार्य के प्रशंसा लेली कोय भी शब्द कम पड़ी जाय छै । श्री सुमन न॑ कहलकै कि झारखंड सरकार द्वारा लोकभाषा अंगिका के प्रति ई तरह के संवेदनशीलता व सजगता सें बिहार सरकार क॑ भी सीख लेना चाहियऽ,कैन्ह॑ कि बिहार स्थित पन्द्रह जिला म॑ लगभग चार करोड़ लोगऽ द्वारा नै केवल अंगिका बोललऽ जाय छै भलुक अपनऽ साँसऽ म॑ ई अंगिका… Read More

सुलतानगंज केरऽ पौराणिक अजगैबीनाथ मंदिर परिसर म॑ आय अंगिका व हिन्दी भाषा कवि सम्मेलन

सुलतानगंज केरऽ पौराणिक अजगैबीनाथ मंदिर परिसर म॑ आय अंगिका व हिन्दी भाषा कवि सम्मेलन

सुलतानगंज ।आय दुपहर ढाय बजे सें अजगैबीनाथ साहित्य मंच आरू अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच तरफऽ स॑ पौराणिक अजगैबीनाथ मंदिर सुलतानगंज परिसर म॑ अंगिका आरू हिन्दी भाषा केरऽ कवि सम्मेलन आयोजित करलऽ गेलऽ छै । जेकरा म॑ भागलपुर, बाँका, आरू मुंगेर केरऽ कवि सिनी भाग लेतै । आयोजन वास्त॑ सब तैयारी होय चुकलऽ छै । संयोजक द्वय भावानंद सिंह प्रशांत आरू मनीष कुमार गूँज केरऽ अनुसार ई कार्यक्रम म॑ निम्नांकित कवि सिनी के भाग लै के संभावना छै – सर्वश्री हीरा प्रसाद हरेंद्र, साथी सुरेश सूर्य, मो. जलील, अंजनी कुमार शर्मा, सुधीर कुमार प्रोग्रामर, डॉ. राजेन्द्र मोदी, प्राण मोहन प्रीतम, कृष्ण मोहन शर्मा, एस.के.वक्तनाम, दिलीप कुमार दीपक, अंजनी कुमार सुमन, शशि आनंद अलबेला, संजीव प्रयदर्शी, विनय कुमार, शत्रु आर्या, साथी इंद्रदेव, अनिल यायावर, अरविंद कुमार मुन्ना, भानू भ्रमर, कुणाल कुमार, रघ्घु राही, विकास सिंह गुल्टी, विकास मुंगेर, राजकिशोर केसरी, प्रदीप पाल, डॉ. श्यामसुंदर आर्य, रामस्वरूप मस्ताना, भावानंद सिंह प्रशांत, मनीष कुमार गूँज । संबंधित… Read More

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