Angika Literature

डॉ. चकोर स्मृति अंगिका भाषा-साहित्य संग्रहालय व शोध संस्थान केरऽ होलै उदघाटन

डॉ. चकोर स्मृति अंगिका भाषा-साहित्य संग्रहालय व शोध संस्थान केरऽ होलै उदघाटन

पटना : डॉ. नरेश पाण्डेय चकोर केरऽ याद मं॑ स्थापित डॉ. चकोर स्मृति अंगिका भाषा-साहित्य संग्रहालय व शोध संस्थान केरऽ उदघाटन  ९ अक्तूबर २०१६  क॑ हुनकऽ गाँधीनगर, बोरिंग रोड, पटना स्थित आवास पर समारोह पूर्वक सम्पन्न होलै । ज्ञातव्य छै कि डॉ. चकोर के निधन के पश्चात हुनकऽ आवास केरऽ एक हिस्सा क॑ हुनकऽ याद में ‘डॉ. चकोर स्मृति अंगिका भाषा-साहित्य[Read More...]

by October 12, 2016 Comments are Disabled Angdesh News, Angika, Angika Language, Angika Literature, Angika News
अपरिहार्य कारन सें ‘डॉ.चकोर स्मृति अंगिका भाषा-साहित्य संग्रहालय व शोध संस्थान’ केरऽ ३ जनवरी के पूर्व निर्धारित उदघाटन समारोह के आयोजन अगलऽ सूचना तक स्थगित

अपरिहार्य कारन सें ‘डॉ.चकोर स्मृति अंगिका भाषा-साहित्य संग्रहालय व शोध संस्थान’ केरऽ ३ जनवरी के पूर्व निर्धारित उदघाटन समारोह के आयोजन अगलऽ सूचना तक स्थगित

पटना : डॉ. नरेश पाण्डेय चकोर केरऽ जन्म दिवस, डॉ. चकोर जयंती पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समारोह पूर्वक २ जनवरी-२०१६ क॑ पटना स्थित बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में मनैलऽ जैतै । डॉ. चकोर जयंती समारोह २ जनवरी-२०१६ क॑ प्रातः ११ बजे स॑ मनैलऽ जैतै । जबकि अपरिहार्य कारन सें डॉ. चकोर के याद में स्थापित करलऽ गेलऽ ‘डॉ. चकोर स्मृति अंगिका भाषा-साहित्य[Read More...]

by January 1, 2016 Comments are Disabled Angdesh News, Angika, Angika Language, Angika Literature, Angika News
डॉ. चकोर जयंती समारोह दू जनवरी क॑ आरू ‘डॉ. चकोर स्मृति अंगिका भाषा-साहित्य संग्रहालय व शोध संस्थान’ केरऽ उदघाटन तीन जनवरी क॑ आयोजित होतै

डॉ. चकोर जयंती समारोह दू जनवरी क॑ आरू ‘डॉ. चकोर स्मृति अंगिका भाषा-साहित्य संग्रहालय व शोध संस्थान’ केरऽ उदघाटन तीन जनवरी क॑ आयोजित होतै

पटना : डॉ. नरेश पाण्डेय चकोर केरऽ जन्म दिवस, डॉ. चकोर जयंती समारोह के रूप में आयोजित करी क॑ २ जनवरी-२०१६ क॑ पटना स्थित बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में मनैलऽ जैतै । जबकि डॉ. चकोर के याद में स्थापित,  डॉ. चकोर स्मृति अंगिका भाषा-साहित्य संग्रहालय व शोध संस्थान केरऽ उदघाटन समारोह ३ जनवरी २०१६  क॑ हुनकऽ गाँधीनगर, बोरिंग रोड, पटना स्थित[Read More...]

by December 31, 2015 Comments are Disabled Angdesh News, Angika, Angika Language, Angika Literature, Angika News
अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की आनाकानी समझ से परे

अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की आनाकानी समझ से परे

अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की आनाकानी समझ से परे —  कुंदन अमिताभ — यह एक अनबूझ पहेली सी ही है कि बिहार, झारखंड, पं. बंगाल के लगभग छह करोड़ भारतीयों द्वारा बोली जाने वाली भाषा अंगिका को अब तक भारतीय संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है. जबकि वास्तविकता यह है कि विश्व के[Read More...]

क्या आज प्रधानमंत्री अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की घोषणा करेंगें?

क्या आज प्रधानमंत्री अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की घोषणा करेंगें?

क्या आज प्रधानमंत्री अंगिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की घोषणा करेंगें? —  कुंदन अमिताभ — यह एक अनबूझ पहेली सी ही है कि बिहार, झारखंड, पं. बंगाल के लगभग छह करोड़ भारतीयों द्वारा बोली जाने वाली भाषा अंगिका को अब तक भारतीय संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है. जबकि वास्तविकता यह है कि विश्व[Read More...]

पीयै के पानी लेली मारा-मारी

पीयै के पानी लेली मारा-मारी

पीयै के पानी लेली मारा-मारी —  कुंदन अमिताभ — पीयै के पानी केरऽ समस्या दिनों दिन भयावह होलऽ जाय रहलऽ छै. दिनों-दिन बढ़लऽ जाय रहलऽ जनसंख्या के अलावा नदी, जंगल आरू पहाड़ जैसनऽ जलस्त्रोत वाला प्राकृतिक संपदा केरऽ अंधाधुंध दुरूपयोग एकरऽ मूल कारणऽ मं॑ सं॑ चंद आसानी सं॑ समझलऽ जाय वाला कारण छेकै. मनुष्य आरू इतर जीव समुदाय लेली जीवन[Read More...]

दूरी

दूरी

दूरी — कुंदन अमिताभ — सहज क॑ सहेजन॑ बिना असहज क॑ सहेजी कहिया तलुक दुनिया सहेजै के नाटक करभो ? मानलिहौं कि तोंय क्षणभर मं॑ अंतरिक्ष नापी लै छहो तड़ातड़ सामुद्रिक गहराई पैठी लै छहो पर हमरा तलक पहुँचै मं॑ एत्त॑ समय केना लागी जाय छहौं ? हम्मं॑ कोय भी हुअ॑ पारै छी तहूँ, तोरऽ पड़ोसी या कोइयो लेकिन अंतरिक्ष केरऽ[Read More...]

रौदा

रौदा

रौदा — कुंदन अमिताभ — उधारो लै ल॑ पड़हौं रौदा त॑ नै हिचकिचाबऽ लै ल॑ आखिर धरती भी त॑ उधारे लेलऽ रौदा पर ही जिंदा छै । Angika Poetry : Rouda Poetry from Angika Poetry Book : Dhamas (धमस) Poet : Kundan Amitabh

कल॑-कल॑

कल॑-कल॑

कल॑-कल॑ — कुंदन अमिताभ — कल॑-कल॑ गरै छै दूध गाय केरऽ थऽन सं॑ दोल भरी जाय छै. कल॑-कल॑ । कल॑-कल॑ टपकै छै बूँद सरंग सं॑ सागर भरी जाय छै. कल॑-कल॑ । कल॑-कल॑ बिखरै छै चाँदनी चान सं॑ धरती तरी जाय छै दिल बहुराय छै कल॑-कल॑ । कल॑-कल॑ भरै छै आग सीना मं॑ मानव के जोद्दा बनी जाय छै देशऽ के[Read More...]

गीढ़ऽ

गीढ़ऽ

गीढ़ऽ — कुंदन अमिताभ — खोली ल॑ गीढ़ऽ तभिये तरान छौं । खोलै छहो किताब त॑ गीढ़ऽ खोलऽ चलाबै छहो जुबान त॑ गीढ़ऽ खोलऽ । चलाबै छहो कलम त॑ गीढ़ऽ खोलऽ खंगारै छहो मऽन त॑ गीढ़ऽ खोलऽ । खोलऽ हवा खोलऽ पानी खोलऽ रौदा खोलऽ चाँदनी । खोलऽ धरती खोलऽ सरंग सब छै तंग छेड़ऽ जंग । नै अब॑ चिढऽ[Read More...]