Angika Literature

अंगिका भाषा के जनक

अंगिका भाषा के जनक

जादुई व्यक्तित्व, निश्छल एवं अलौकिक मुस्कराहट वाले डॉ. परमानंद पांडेय ने अंगिका को वैसे तराशा, जैसे कोई जौहरी किसी बेडौल-बेजान पत्थर को तराशता है. वह एक संवेदनशील कवि हैं. उनके रचनात्मक व्यक्तित्व ने साहित्य सर्जकों, पाठकों एवं प्रशंसकों को काफी अभिभूत किया है. अंगिका व्याकरण, अंगिका भाषा, अंगिका वर्तनी, अंगिकांजलि, अंगिका और भोजपुरी भाषाओं का तुलनात्मक अध्ययन, हिंदी और अंगिका[Read More…]

अंगिका काव्य और कवि

अंगिका उस अंग महाजनपद की भाषा है, जिसे पुराणों में अंगदेश के नाम से भी जाना गया है, जिस देश :क्षेत्र, की नींव बली के पुत्र अंग ने अपने नाम पर रखी थी और कि जिस चक्रवर्ती अंग के संबंध में यह कथन है कि उसने सम्पूर्ण पृथ्वी को जीतकर अश्वमेध यज्ञ किया था। ‘अंग समन्तं सर्वतः पृथ्वीं जयन्परीयायाश्वेन च मेध्येनेज[Read More…]

Angika Magazines

The “ Ang Madhuri” is the first monthly magazine of Angika language. “Ang Madhuri” is being published regularly by Shekhar Prakashan, Patna since last 44 years. Its first issue was published in December 1970. Dr. Naresh Pandey Chakore is the Editor of this magazine since its inception. This magazine is on the verge of creating a history in the field of literary Hindi and languages of Bihar,[Read More…]

इंगलैंड के अंतर्राष्ट्रीय बहुभाषीय संगोष्ठी में अंगिका भाषा : अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अंगिका भाषा का प्रथम व्याख्यान

बरमिंघम : अंगिका भाषा साहित्य के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा गया है. इंगलैंड के दूसरे सबसे बङे शहर बरमिंघम में 27 से 29 अगस्त तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बहुभाषीय संगोष्ठी, IMS-2005, में अंगिका के साहित्यकार श्री कुंदन अमिताभ द्वारा अंगिका भाषा में आलेख और कवितायें पढीं गईं. किसी विदेशी भूमि पर आयोजित किसी अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में अंगिका भाषा[Read More…]

अंगिका भाषा का साहित्यिक परिदृश्य

केवल लिखित साहित्य को ही आधार मानें तो अंगिका भाषा में साहित्य निर्माण की समृध्द परम्परा प्राचीन काल से ही सतत रूप से जारी है, जो प्रामाणिक रूप से पिछले तेरह सौ वर्षों के कालखंडों में बिखरा पड़ा है. महापंडित राहुल सांकृत्यायन के अनुसार हिन्दी भाषा के लिखित साहित्य का प्राचीनतम स्वरूप ‘अंग’ के प्राचीन सिध्द कवि ‘सरह’ की आठवी[Read More…]

Anga Tourism

Anga Desh has many important places of Tourism interest. Click below to know the details: TOURISM ZONE PLACES OF INTEREST Banka Durian , Indrabaran , Jesth Gaur math , Papharni Tank , Rupsa , Bhagalpur Patharghatta Hill , Shahkund , Sultanganj , Champanagar, Vikramshila , Munger International Yoga University , Munger Fort , Tomb of Pir Shah Nufa , Palace of Shah Suja , Tomb of Mulla Muhammad Said ,Kashtaharni Ghat , Chandi Asthan , Rock carving , Kharagpur Lake , Rameshwar Kund , Pir Pahar , Sita-Kund , Shringhrishi ,Rishikund , Ha-Ha Punch Kumari , Uren ( Buddhist Ruins , Foot print mark and rock[Read More…]

Anga Lipi (अंग लिपि)

Anga referred to a region in what is now Bihar, Jharkhand, West Bengal states of India, and Lipi meant script. [1] Anga Script is mentioned in an ancient Sanskrit language Buddhist book “Lalitvistar” (ललितविस्तर), which says Anga Lipi was one of the most important scripts among 64 other scripts of that time. The script was specific to the Anga region,[Read More…]

Angika Language

Angika is considered as oldest language of Hindi family. According to Pundit Rahul Sankritiyayan, the evidences of oldest form of written Hindi literatures are available in the Sarah’s Angika poetries of 800 A.D. The first poet of Hindi literature, Saraha, was also the first poet of the Angika language and literature. Saraha belongs to the 8th century, and is the[Read More…]

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