Angika Poets – Writers

अंगिका भाषा के जनक

अंगिका भाषा के जनक

जादुई व्यक्तित्व, निश्छल एवं अलौकिक मुस्कराहट वाले डॉ. परमानंद पांडेय ने अंगिका को वैसे तराशा, जैसे कोई जौहरी किसी बेडौल-बेजान पत्थर को तराशता है. वह एक संवेदनशील कवि हैं. उनके रचनात्मक व्यक्तित्व ने साहित्य सर्जकों, पाठकों एवं प्रशंसकों को काफी अभिभूत किया है. अंगिका व्याकरण, अंगिका भाषा, अंगिका वर्तनी, अंगिकांजलि, अंगिका और भोजपुरी भाषाओं का तुलनात्मक अध्ययन, हिंदी और अंगिका का अंतर्संबंध आदि अपनी श्रेष्ठ कृतियों से डॉ. पांडेय ने अंगिका का भंडार समृद्ध कर दिया. परमानंद पांडेय को इस सदी का सर्वश्रेष्ठ भाषा वैज्ञानिक मानकर उनकी उपलब्धियों पर आज गर्व किया जा रहा है. आज अंगिका भाषा-भाषी क्षेत्रों का जो मानचित्र जहां-तहां पत्र-पत्रिकाओं में छप रहा है, वह भी डॉ. पांडेय का ही बनाया हुआ है, जो उन्होंने अपनी डी. लिट की थीसिस-अंगिका का भाषा वैज्ञानिक अध्ययन में बनाकर भागलपुर विश्वविद्यालय को दिया था. भागलपुर में आकाशवाणी केंद्र भी डॉ. पांडेय की देन है. पांडेय ने भागलपुर विश्वविद्यालय में अंगिका की पढ़ाई प्रारंभ करने… Read More

अंगिका भाषा का साहित्यिक परिदृश्य

केवल लिखित साहित्य को ही आधार मानें तो अंगिका भाषा में साहित्य निर्माण की समृध्द परम्परा प्राचीन काल से ही सतत रूप से जारी है, जो प्रामाणिक रूप से पिछले तेरह सौ वर्षों के कालखंडों में बिखरा पड़ा है. महापंडित राहुल सांकृत्यायन के अनुसार हिन्दी भाषा के लिखित साहित्य का प्राचीनतम स्वरूप ‘अंग’ के प्राचीन सिध्द कवि ‘सरह’ की आठवी सदी में लिखी अंगिका-अपभ्रंश भाषा की रचनाओं में उपलब्ध है. अगर वैदिक संस्कृत में सृजित साहित्य के प्रारंभिक वर्षों को भारतीय भाषाओं में साहित्य लेखन की शुरूआत मानी जाय तो ‘अंगिका’ भाषा में साहित्य निर्माण का कार्य आज से चार हजार वर्ष पूर्व शुरू हो चुका था. अंगिका में लिखित एवं अलिखित दोनों ही तरह के साहित्य प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं. आज की स्थिति यह है कि अंगिका भाषा का अपना वेब पोर्टल अंगिका.कॉम बर्ष 2003 से अस्तित्व में हैं. साथ ही अंगिका भाषा में गुगल.क़ॉम जैसा विश्व के अव्वल दर्जे का सर्च इंजन… Read More

Poets & Writers of Angika Language (As in the year-2005)

Till date total number of writers in Angika = 600.(Approx.). They have created hundreds of books and thousands of articles, details of which shall be available on this site very shortly. Name of such devoted persons are given in the following list in alphabetical order. You can click over the link to know more about them. Angika Literature today means literature produced by Poets and Authors of Angika language begining in the ancient past to what is written today. The rich tradition of Angika literature spans a probable minimum period of about 1300years(When it is counted from 800A.D. when first clear evidence of availability of Sarah’s written form of literature in Angika or Apbramsha is found)to a probable maximum period of 4000years (When it is counted from the year when the first Indian literature in Vedic Sanskrit was found to be existed).This period may be longer than the supposed one. Authors and Poets of Angika… Read More

Angika Language

Angika Language Part – 1 *** Angika Language Part – 2 Angika Language (Part-2) – अंगिका भाषा (भाग -२) Angika is considered as one of the  oldest languages of Hindi family. According to Pundit Rahul Sankritiyayan, the evidences of oldest form of written Hindi literatures are available in the Sarah’s Angika poetries of 800 A.D. The first poet of Hindi literature, Saraha, was also the first poet of the Angika language and literature. Saraha belongs to the 8th century, and is the first poet whose poetry is available in written form. Classification : Indo European – Indo Iranian – Indo Aryan – Eastern zone – Bihari – Angika ISO 639-2 & ISO/DIS 639-3 Code for Angika Language : anp Angika is written in the Anga Lipi, Kaithi, and Devnagri scripts. Angika is among very few languages of India and world in which a Search Engine (Google-Angika) has been developed and is available for public use… Read More

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