पटना । बिहार अंगिका अकादमी केरऽ अध्यक्ष प्रो.(डॉ.) लखन लाल सिंह आरोही, साल भर सं॑ विभिन्न विभागऽ खास करी क॑ उच्च शिक्षा विभाग केरऽ दफ्तर के चक्कर ई आशा मं॑ लगाय रहलऽ छै कि अकादमी क॑ दफ्तर आरू डायरेक्टर मिल॑ सक॑ । विभाग केरऽ तरफ सं॑ कहलऽ जाय छै कि विमर्श चली रहलऽ छै । पर नतीजा सून्ना प॑ जाय क॑ खतम होय छै । अंगिका अकादमी केरऽ गठन के बाद अकादमी क॑ चलाबै लेली कार्यालय केरऽ उपलब्धता के अलावे निदेशक केरऽ डेपुटेशन आरू सात-सात कर्मियऽ के नियुक्ति होना छेलै । जे कि अकादमी स्थापना के एक साल बाद भी नै हुअ॑ सकलऽ छै । अखनी तलक खाली कागज पर अंगिका अकादमी क॑ १५ लाख रूपया ग्रांट मं॑ मिललऽ छै । लेकिन ई ग्रांट क॑ खर्च करै के अधिकार अध्यक्ष क॑ नै छै । अधिकारियऽ सिनी के नजर मं॑ अंगिका अकादमी संबंधी काम करना हुनका सब लेली कम महत्व के छै । अंगिका अकादमी के प्रति ई सरकारी उपेक्षा व सौतेला व्यवहार सं॑ अंगिका भाषा-भाषी के बीच जारी आक्रोश दिन-प्रतिदिन गहरैलऽ  जाय रहलऽ छै ।   लोगऽ क॑ लगै छै कि अंगिका अकादमी केरऽ गठन खाली चुनावी लाभ लै लेली करलऽ गेलऽ रहै । ई बीच ई अफवाह भी उड़लै कि अकादमी क॑ भंग करी देलऽ गेलऽ छै । अध्यक्ष क॑ बार-बार ई अफवाह केरऽ खंडन करै ल॑ परलऽ छै । हुनकऽ ई दिक्कत छै कि सरकार मं॑ बैठलऽ लोगऽ क॑ अंगिका भाषा के प्रचार-प्रसार के कोय चिंता नै छै ।

बिहार अंगिका अकादमी के प्रति सरकारी उपेक्षा पर २३ जुलाय २०१६ केरऽ प्रभात खबर केरऽ पटना अंक मं॑ वरिष्ठ पत्रकार श्री पुष्यमित्र केरऽ छपलऽ रपट

बिहार अंगिका अकादमी के प्रति सरकारी उपेक्षा पर २३ जुलाय २०१६ केरऽ प्रभात खबर केरऽ पटना अंक मं॑ वरिष्ठ पत्रकार श्री पुष्यमित्र केरऽ छपलऽ रपट

बिहार अंगिका अकादमी के प्रति सरकारी उपेक्षा पर २३ जुलाय २०१६ केरऽ प्रभात खबर केरऽ पटना अंक मं॑ वरिष्ठ पत्रकार श्री पुष्यमित्र केरऽ एगो  रपट छपलऽ छै । जेकरा म॑ बिहार अंगिका अकादमी केरऽ खस्ताहाल केरऽ विभिन्न पहलू पर विस्तार सं॑ चर्चा करलऽ गेलऽ छै ।

रपट मं॑ कहलऽ गेलऽ छै कि बिहार मं॑ भाषायी अकादमी सब के जे हाल छै, वू त॑ छेबे करै, ओकरऽ बीच अंगिका अकादमी केरऽ कहानी बिल्कुल अलहदा किस्म के छै । ई अकादमी के पास नै आपनऽ दफ्तर छै, नै डायरेक्टर, नै कर्मचारी आरू नै त॑ कोनो समिति । नै कोनो किताब छपलै, नै पत्रिका, नै कोनो पुरस्कार बँटलै, नै कोनो आयोजन होलै । ग्रांट छै पर खर्च नै कर॑ सक॑ छै । अध्यक्ष छै पर मगर हुनका समझ नै आबी रहलऽ छै कि कहाँ बैठलऽ जाय । हुनका डर छै कि कुछ करला सं॑ पहलं॑ हुनकऽ कार्यकाल खतम नै होय जाय । रोचक तथ्य ई छै कि जोन उच्च शिक्षा विभाग क॑ ई अकादमी केरऽ समस्या क॑ सुलझाबै के जिम्मा मिललै, ओकरा जिमा अंगिका अकादमी के बारे मं॑ सोचै लेली पाँच मिनट केरऽ भी समय नै छै ।

बिहार अंगिका अकादमी केरऽ अध्यक्ष प्रो.(डॉ.) लखन लाल सिंह आरोही आजकल राजधानी पटना सं॑ लगभग २५० किलोमीटर दूर स्थित बाँका जिला के खैरा गाँव के आपनऽ पारिवारिक आवास मं॑ रहै छै । हुनी कहै छै कि आधिकारिक तौर पर हुनका पटना मं॑ रहना चाहियऽ आरू यहाँ रही क॑ अंगिका भाषा, साहित्य, संस्कृति आरू कला के उत्थान लेली काम करना चाहियऽ । मगर हमरा साथं॑ दिक्कत ई छै कि पटना मं॑ हमरा बैठै लेली कोय जगह ही नै छै । हुनकऽ अनुसार ई काम लेली पिछला साल पाँच लाख के राशि राज्य सरकार द्वारा जारी करलऽ गेलऽ रहै आरू ई साल दस लाख केरऽ ग्रांट जारी करलऽ गेलऽ छै । हालाँकि ई राशि पर्याप्त नै छै । फिर भी एतना सं॑ भी काफी काम करलऽ जाब॑ सकै रहै । मगर ई राशि क॑ निकाली क॑ खर्च करै के अधिकारी हम्मं॑ नै छेकियै । नियमानुसार ई अधिकार अकादमी केरऽ निदेशक क॑ ही छै । अब चूँकि ई अकादमी केरऽ कोय निदेशक आज तलक नियुक्त ही नै होलऽ छै, त॑ जाहिर स॑ बात छै कि ग्रांट ऐन्हैं पड़लऽ छै ।

ई संबंध मं॑ जब॑ प्रभात खबर केरऽ संवाददाता न॑ विभाग केरऽ अवर सचिव सैंथिल कुमार सं॑ संपर्क करलकै, त॑ हुनी विभाग केरऽ निदेशक प्रो. फिरोज मिर्जा सं॑ संपर्क करै ल॑ कहलकै । निदेशक सं॑ कैएक बार संपर्क करै के कोशिश करलऽ गेलै, मगर हर बार हुनी अलग-अलग व्यस्तता सब के हवाला द॑ क॑ एक बार त॑ साफ-साफ कहलकै कि जों आपन॑ अंगिका अकादमी के बारे मं॑ जानै ल॑ चाहै छो त॑ एकरा लेली समय दै के जरूरत पड़तै । फाइल मूव होय रहलऽ छै, मगर हुनका खूद नै मालूम कि स्टेटस की छै ।

विभिन्न सूत्र सं॑ मिललऽ जानकारी के मुताबिक पहलं॑ अकादमी लेली भवन उपलब्ध कराबै के जिम्मा भवन निर्माण विभाग क॑ देलऽ गेलऽ छेलै । मगर कुछ महीना बाद विभाग न॑ ई कहतं॑ हुअ॑ आपनऽ हाथ खाड़ऽ करी देलकै कि हुनका पहलं॑ नवनिर्वाचित विधायक क॑ भवन उपलब्ध कराना छै । एकरा पर अकादमी केरऽ अध्यक्ष क॑ शिक्षा विभाग केरऽ प्रधान सचिव न॑ भवन किराया पर हासिल करै ल॑ कहलकै । मगर अध्यक्ष न॑ कहलकै कि चूँकि हुनका पास वित्तीय फैसला लै के अधिकार नै छै, ई लेली हुनी ई काम केना कर॑ सकै छै ? हुनका लिखित मं॑ ई निर्देश देलऽ जाय । एकरा पर पूरा मामला उच्च शिक्षा विभाग केरऽ अपर सचिव सैंथिल कुमार केरऽ जिम्मा डाली देलऽ गेलऽ छै । मगर पहलं॑ परीक्षा, फिर टॉपर घोटाला के वजह सं॑ हुनका लगाँ एतना समय नै छै कि हुनी अंगिका अकादमी केरऽ मसला पर ध्यान दिअ॑ सक॑ ।

ई बीच अंगिका केरऽ लेखकऽ आरू अंगिका भाषा लेली आंदोलन चलाबै वाला के बीय ई मसला क॑ ल॑ क॑ गहरा आक्रोश छै । हुनका लगै छै कि सरकार केरऽ अंगिका के प्रति सौतेला व्यवहार रहै छै । चुनावी लाभ लै लेली अकादमी केरऽ गठन त॑ करी देलऽ गेलै, अब॑ जब॑ चुनाव होय गेलै त॑ अकादमी क॑ ठंडा बस्ता मं॑ डाली देलऽ गेलऽ छै । ई बीच ई अफवाह भी उड़लै कि अकादमी क॑ डिजाल्व करी देलऽ गेलऽ छै । अध्यक्ष बार-बार ई अफवाह केरऽ खंडन करै छै । मगर हुनकऽ ई दिक्कत छै कि सरकार मं॑ बैठलऽ लोगऽ क॑ अंगिका भाषा के प्रचार-प्रसार के कोय चिंता नै छै ।

दरअसल अंगिका भाषा भाषी लोगऽ केरऽ लंबा समय सं॑ चललऽ आबी रहलऽ माँग क॑ देखतं॑ हुअ॑ पिछला साल ३० जून क॑ बिहार सरकार न॑ बिहार अंगिका अकादमी केरऽ गठन करलकै आरू अध्यक्ष केरऽ रूप मं॑ आरोही जी के नियुक्ति करलकै । मगर अकादमी गठन आरू अध्यक्ष नियुक्ति केरऽ बाद आरू जे विभिन्न कार्रवाई होना छेलै, वू सरकार न॑ नै करलकै । नै त॑ भवन अलॉट होलै, नै निदेशक आरू ना ही सात विभिन्न पदऽ पर कर्मचारी सिनी के ही नियुक्ति भेलै । नियमानुसार अकादमी केरऽ समिति के भी गठन होना छेलै, जे विभिन्न गतिविधियऽ के योजना बनाय क॑ ओकरा अंजाम देतियै । मगर वू भी नै होलै । एना मं॑ पिछला एक साल सं॑ अध्यक्ष बार-बार उच्च शिक्षा विभाग केरऽ दफ्तर मं॑ हाजिरी लगाबै छै आऱू हुनका सं॑ काम क॑ आगू बढ़ाबै के गुजारिश करै छै । हर बार अध्यक्ष क॑ ई कही क॑ वापस भेजी देलऽ जाय छै कि ई बारे मं॑ विमर्श करलऽ जाय रहलऽ छै । साथं॑ ई अहसास भी दिलैलऽ जाय छै कि उच्च शिक्षा विभाग लगाँ कैएक  गंभीर किस्म केरऽ काम छै, ई लेली अंगिका अकादमी जैसनऽ कम माहत्व केरऽ काम लेली दबाब बनाना ठीक नै छै ।

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