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मली भारत केरऽ लगभग हर भाग म॑ होय छै । एकरऽ साठ-सत्तर फीट केरऽ केरऽ खटमिठ्ठऽ स्वाद केरऽ कल्पना ही केकरो भी मुंहऽ म॑ पानी लानी दै छै । ई लेली इमली केरऽ उपयोग खाय केरऽ स्वाद बढ़ाबै लेली भी करलऽ जाय छै ।  इमली खाली स्वादिष्ट ही नै होय छै बल्कि ई स्वाद के साथ सेहत सें भी भरलऽ छै । इमली बहुत तरह के औषधीय गुणऽ सें भरपूर छै ।

इमली कई पोषक तत्वऽ सें भरपूर छै जेकरा में विटामिन सी, ई आरू बी के प्रचुरता छै । एकरा म॑ कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैगनीज आरू फाइबर अच्छा मात्रा में रहै छै । साथ ही एकरा म॑ एंटीऑक्सीडेंट्स भी छै ।

वजन घटाबै के लिहाज सें भी इमली केरऽ सेवन फायदेमंद छै । एकरा म॑ हाइड्रोऑक्साइट्रिक एसिड के प्रचुरता छै जे शरीर म॑ फैट्स खतम करै वाला इन्जाइम क॑ बढ़ाबै छै जेकरा स॑ वजन घटाबै में मदद मिलै छै ।

भूख नै लगला प॑

पकलऽ इमली क॑ पानी के साथ मथ्थी क॑ रस तैयार करलऽ जाय छै आरू तनी टा काला नमक डाली क॑ सेवन करलऽ जाय छै त॑ भूख लग॑ लगै छै ।रोजाना दू बार ऐसनऽ करला सें भूख नै लगै के शिकायत दूर होय जाय छै ।

पाचन प्रक्रिया क॑ दुरुस्‍त रखै ल॑

इमली केरऽ सेवन पाचन प्रक्रिया क॑ ठीक रखै में भी फायदा करै वाला होय छै । एकरा म॑ फाइबर के अधिकता पाचन लेली मददगार होय छै । कब्‍ज स॑ ल॑ क॑ डायरिया जैसनऽ पाचन संबंधी समस्या के उपचार में इमली बहुत फायदेमंद होय छै । पाचन संबंधी समस्‍या सें बचै लेली एगो चम्‍मच इमली केरऽ गुद्दा क॑ एक लीटर पानी म॑ मिलाय क॑, ओकरा  उबाली ल॑ फेरू छानी क॑ एकरऽ अर्क बनाय क॑ पीबी ल॑।

शराब व भांग के नशा उतारै लेली

नशा खतम करै लेली पकलऽ इमली के गुद्दा जऽल म॑ भिंगाय क॑  मथ्थी क॑ आरू छानी क॑ ओकरा म॑ तनी टा गुड़ मिलाय क॑ पिलाना चाहियऽ ।

सूजन म॑ आराम

इमली केरऽ पत्ता क॑ पानी  साथं॑ कुचली क॑ लेप तैयार करलऽ जाय छै आरू जोड़ प॑ दर्द वाला हिस्सा या सूजन वाले अंगऽ प॑ लेपी करी क॑ सूती कपड़ा सें बांधी क॑ रखलऽ जाय छै । दर्द आरू सूजन म॑ तेजी सें आराम मिलै छै ।

प्रतिरक्षा प्रणाली म॑ मजबूती

एंटी-ऑक्‍सीडेंट आरू एंटी-माइक्रोबियल गुण दूनो मिली क॑ इमली क॑ मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली केरऽ निर्माण केरऽ अद्भुत विकल्‍प बनाबै छै । नियमित रूप सें इमली केरऽ सेवन सें सब्भे प्रकार के माइक्रोबियल संक्रमण सें दूर रहै आरू अन्‍य संक्रमणऽ सें लड़ै के अधिक शक्ति मिलै छै ।

कान केरऽ समस्या

केखरौ जों अगर कान में गंभीर दर्द छै , त॑  तेल के साथ इमली केरऽ रस असरदार काम करै छै ।

वजन कम करै म॑

इमली म॑ अधिक मात्रा म॑ हाइड्रोऑक्साइट्रिक एसिड के मौजूदगी शरीर म॑ फैट क॑ जलाबै वाला इन्जाइम क॑ बढ़ाबै म॑ मदद करै छै ।जेकरा वजन घटाबै म॑ मदद मिलै छै ।

जुकाम खतम करै लेली

इमली केरऽ सूप सें तीव्र ठण्ड केरऽ इलाज करलऽ जाय छै । सीना में जलन होला पर पकलऽ इमली केरऽ रस म॑ मिश्री मिलाय क॑ पीला स॑जलन कम होय जाय छै ।

पीलिया (जॉंडिस)ठीक करै लेली

इमली केरऽ पत्ती आरू फूलऽ क॑ पानी म॑ उबाली क॑ काढ़ा तैयार करलऽ जाय छै ।  ई काढ़ा केरऽ सेवन पीलिया सें ग्रसित व्यक्ति क॑ देलऽ जाय छै । ई काढ़ा के सेवन एक सप्ताह तक रोजाना दू बार करला सें काफी फायदा पहुंचै छै ।

स्कर्वी

ई बीमारी विटामिन सी केरऽ कमी सें होय वाला रोग छेकै, जेकरा म॑ त्वचा म॑ धब्बा आबी जाय छै । मसूड़ा स्पंजी होय जाछै आरू श्लेष्मा झिल्ली सें रक्त बहै छै । इमली म॑ विटामिन सी प्रचुर मात्रा म॑ पैलऽ जाय छै । जेकरा स॑ स्कर्वी के इलाज में लाभ मिलै छै।

नर्वस सिस्‍टम में मजबूती

इमली थियामाइन से समृद्ध होय छै , जे विटामिन बी कॉम्‍प्‍लेक्‍स केरऽ हिस्‍सा छेकै । थियामाइन तंत्रिका तंत्र क॑ मजबूत बनाबै आरू मांसपेशियऽ के विकास क॑ बढ़ावा दै म॑ मदद करै छै । थियामाइन केरऽ सेवन नर्वस क॑ रिलैक्‍स करै म॑ मदद करै छै ।

हृदय लेली लाभकारी

पोटेशियम केरऽ मौजूदगी के कारण इमली ब्‍लड प्रेशर क॑ कम करै में मदद करै छै । साथ ही इमली म॑ फाइबर भी होय छै जे कोलेस्‍ट्रॉल क॑ कम करै  म॑ मदद करै छै । इमली म॑ मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट फ्री रेडिकल्‍स क॑ सीमा म॑ रखै छै ।

पेचिश

आंत म॑ सूजन होला सें पेचिश होय छै, जोकरा म॑ दस्त केरऽ मल में पोटा या रक्त के निकास होय छै ।  कभी-कभार साथ में बुखार आरू पेट दर्द के समस्या भी उत्पन्न होय जाय छै । इमली केरऽ पेय पेचिश केरऽ इलाज में लाभकारी छै ।

खाज-खुजली, नोचनी

इमली केरऽ बीज नींबू केरऽ रस में पीसी क॑ लगैला सें खाज दूर होय छै ।

जलन होला प॑

सीने में जलन होने पर पकी इमली के रस में मिश्री मिलाकर पीएं सीने की जलन कम हो जाती है। ह्रदय में जलन होने पर पकी इमली का रस मिश्री के साथ पिलाने से ह्रदय में जलन कम हो जाती है |

ओछरना (उल्टी)

इमली क॑ रात में पानी में डाली क॑ रखी ल॑ । भोरे ओकरा  मसली क॑ आरू छानी क॑ पानी में तनी टा सेंधानमक मिलाय क॑ तनी-तनी देर स॑ पीला सें उल्टी बंद होय जाय छै । गर्मी के वजह सें जों उल्टी होय रहलऽ हुअ॑ त॑ पकलऽ इमली क॑ पानी म॑ निचोड़ी क॑ छानी क॑ पीबी ल॑ , पीला सें उल्टी आना बंद होय जाय छै । वमन (उल्टी) आरू गर्मी के बुखार ऐला पर इमली केरऽ शर्बत बनाय क॑ पीना चाहियऽ । पकलऽ इमली क॑ पानी म॑ भिंगाय क॑  रस क॑ पीला सें वमन (उल्टी) बंद होय जाय छै ।

डायबिटीज प॑ नियंत्रण

इमली एगो अल्‍फा एमिलेज अवरोध छेकै – ई कार्बोहाइड्रेट क॑ शुगर म॑ अवशोषित आरू परिवर्तित होला सें रोकै छै, जे ब्‍लड शुगर स्‍तर के बढ़ै के सबसऽ बड़ऽ कारण छेकै । आधा चम्‍मच इमली के गुद्दा रोज लेला सें नै खाली वजन कम होय छै, बल्कि डायबिटीज भी कंट्रोल में रहै छै ।

चक्कर आना

लगभग 25 ग्राम बिना बीज की इमली को 125 ग्राम पानी में भिगों दें। एक घंटे तक भिगोने के बाद मसल-छानकर इसमें चीनी मिलाकर सुबह और शाम को पिलाने से चक्कर आने बंद हो जाते हैं।

गठिया के दर्द दूर करै ल॑

गठिया या सूजन त्‍वचा सें संबंधित गंभीर समस्‍या छेकै । ई शरीर केरऽ कई आंतरिक अंग क॑ भी प्रभावित करै छै आरू भयंकर दर्द के कारण बनै छै ।  इमली सूजन के इलाज लेली एगो बहुत अच्‍छा दवा छै । जोडऽ में दर्द आरू लुब्रिकेशन लेली आधा चम्‍मच भुनलऽ इमली केरऽ बीज के पाउडर क॑ दू बार पानी के साथ लेना चाहियऽ ।

मानसिक उन्माद (पागलपन)

20 ग्राम इमली क॑ जऽल के साथ पीसी-छानी क॑ पागलपन केरऽ रोगी क॑ पिलैला सें पागलपन या उन्माद दूर होय जाय छै।

बवासीर

इमली के रस निकाली क॑  खूनी बवासीर वाला क॑ दोनों समय पिलैला सें बवासीर में राहत मिलै छै आरू बवासीर कुछ दिना में ही ठीक होय जाय छै ।

दाद दिनाय

इमली के बिच्चा क॑ नींबू के रस में घिसी क॑ दाद पर लगैला सें दाद ठीक होय जाय छै ।

हानिकारक प्रभाव

कच्चा इमली भारी, गर्म आरू अधिक खट्टा होय छै ।  बहुत्ते क॑ पकलऽ इमली सें भी दाँत के खट्टा होना, सिर आरू जबड़ा में दर्द, सांस केरऽ तकलीफ, खांसी आरू बुखार जैसनऽ दुष्परिणाम हुअ॑ सकै छै ।

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