गंगा क॑ उल्टा दिशा म॑ बहाबै के सार्थकता

अबरी दाफी (अंगिका कॉलम) / कुंदन अमिताभ

चाहला प॑ की नै हुअ॑ सक॑ छै ? जब॑ तनी ठो बुतरू छेलियै त॑ मामा सथ॑ सुतालगन (सुलतानगंज) जाय क॑ गंगा नहाबै के जब॑ भी मौका आबै छेलै, जरूर नहाय छेलियै । गंगा केरऽ सोहानऽ दृश्य देखी क॑ वशीभूत होय जाय छेलियै । जब॑-जब॑ दोबारा आबै के मौका मिलै छेलै  कुछ दिना पहिन॑ स॑ मऽन बस इंतजार करत॑ रहै छेलै कि वू दिना कहिय्या ऐतै । तहिय्या गंगा घाट केरऽ आसपास बनलऽ आजकऽ ऐसनऽ दुकान केरऽ भीड़-भड़क्का नै छेलै । दूर स॑ ही गंगा केरऽ अलौकिक छटा देखत॑ ऐन्हऽ लगै जेना गंगा विशालकाय होय क॑ सरंग एतना उच्चऽ होय गेलऽ रह॑ । मऽन एगो अलग तरह के उमंग म॑ गोता लगाब॑ लगै छेलै । सोचै छेलियै कि काश हमरऽ घऽर, जे कि अपेक्षाकृत उच्चऽ क्षेत्र दन्न॑ छै, आबी क॑ गंगा केरऽ धार बह॑ लगतियै ।

पहाड़ स॑ नद्दी केरऽ निकली क॑ समुंदर दन्न॑ बहना त॑ बहुत स्वाभाविक छै । लेकिन एकरऽ उल्टा कि ओतने आसान छै ? लिफ्ट सिंचाई प्रणाली स॑ ई संभव छै । आरू यह॑ प्रणाली केरऽ सहायता ल॑ क॑ गंगा क॑ अंग प्रदेश मं॑ उत्तर स॑ दक्खिन पहाड़ी क्षेत्र दन्न॑ बहाय क॑ संभव करी क॑ देखैन॑ छै बिहार सरकार न॑ । परियोजना केरऽ नाम छेकै बटेश्वर गंगा पंप नहर परियोजना ।

बटेश्वर गंगा पंप नहर परियोजना केरऽ उद्घाटन २० सितंबर क॑ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करतै । ई परियोजना केरऽ उद्घाटन होला स॑ अंग प्रदेश केरऽ भागलपुर, बाँका केरऽ अलावा पड़ोसी जिला गोड्डा केरऽ मेहरमा आरू ठाकुर गंगटी केरऽ किसानऽ तक क॑ सिंचाई केरऽ सुविधा मिलतै । बर्ष १९८० स॑ चली रहलऽ ई परियोजना बीच केरऽ बरसऽ म॑ पूरा तरह स॑ ठप्प छेलै । बर्ष २०१० स॑ फेरू स॑ काम प्रारंभ भेलै । तब॑ स॑ काम चली रहलऽ छै । ई परियोजना स॑ करीब ५० हजार हेक्टेयर भूमि म॑ सिंचाई केरऽ सुविधा मिलतै। जेकरा म॑ नौ-नौ हजार हेक्टेयर भूमि गोड्डा केरऽ मेहरमा व ठाकुरगंगटी म॑ परै छै । ई क्षेत्र म॑ गंगा केरऽ पानी खेतऽ म॑ पहुँचतै । १९८० म॑ शुरू होलऽ ई परियोजना ३८० करोड़ के छेलै, जे अब॑ ८०० करोड़ स॑ भी अधिक के लागत के होय गेलऽ छै ।

हुन्न॑ बितलऽ एतवार क॑ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न॑ गुजरात केरऽ केवडिया कस्बा म॑ सरदार सरोवर बाँध क॑ देश केरऽ नाम समर्पित करलकै । ई काम भी उल्टऽ गंगै बहाबै के समान ही छेलै ।

पिछला ५६ साल स॑ ई परियोजना निर्माणाधीन छेलै । ई परियोजना केरऽ नींव देश केरऽ पहलऽ प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू न॑ रखन॑ छेलै । ई बाँध केरऽ मामला जोन तरह स॑ सरकार आरू परियोजना केरऽ विरोध करै वाला के बीच संशय म॑ फँसलऽ छेलै ओकरा स॑ एकरऽ कभी भी पूरा होय केरऽ संभावना नै नजर आबै छेलै । बाँध के चलते लगभग ढाई सौ गाँव के लोगऽ क॑ विस्थापित होय ल॑ परलै । विस्थापन आरू पुनर्वास केरऽ समस्या क॑ लट क॑ जे आंदोलन चललै ओकरा अंतर्राष्ट्रीय समर्थन भी मिललै । यहाँ तलक कि वर्ल्ड बैंक न॑ सहायता देना बंद करी देलकै ।

हलाँकि ई परियोजना स॑ गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आरू राजस्थान केरऽ बीस लाख हेक्टेयर के करीब  कृषि भूमि केरऽ सिंचाई लेली पानी उपलब्ध होय जैतै । साथ ही लाखों लोगऽ लेली पियै जुकुर पानी केरऽ उपलब्धता होय जैतै । साथ ही छो हजार मेगावाट पनबिजली भी पैदा होतै । लेकिन ऐन्हऽ बड़ऽ परियोजना के चलत॑ पर्यावरण क॑ जे नुकसान पहुँचै छै ओकरा नजरअंदाज करना मुश्किल छै । साथ ही विस्थापित लोगऽ के जिंदगी प॑ भी बहुत दूरगामी नकारात्मक असर परै छै ।

गंगा क॑ उल्टा दिशा म॑ बहाना तभिये सार्थक मानलऽ जैतै जब॑ पर्यावरण केरऽ नुकसान आरू विस्थापितऽ केरऽ जिनगी केरऽ नुकसान केरऽ भरपाई सकारात्मक तरीका स॑ जल्दी स॑ जल्दी होतै ।

 

 

बेलगाम घटलऽ जाय रहलऽ महिला श्रमबल के वजह

अबरी दाफी (अंगिका कॉलम) / कुंदन अमिताभ

विश्व बैंक केरऽ लुइस आंद्रे आरू चार लेखकऽ द्वारा तैयार करलऽ गेलऽ एगो हालिया रिपोर्ट स॑ पता चलै छै कि तथाकथित भारत केरऽ विकास स॑ जनानी सिनी लेली पर्याप्त नौकरी केरऽ अवसर नै पैदा होय रहलऽ छै । एतना ही नै स्थिति अत्त॑ बदतर होय गेलऽ छै कि साल दर साल कामकाजी महिला सब के बीच नौकरी मिलै के अनिश्चितता के प्रतिशत बढ़ी गेलऽ छै । हालत ई छै कि एक दशक पूर्व  केरऽ ४३% केरऽ तुलना म॑ अखनी अपनऽ देश केरऽ मात्र २७.४% ग्रामीण आरू शहरी महिला सब क॑ काम करै के अवसर मिली रहलऽ छै ।

जहाँ तलक दुनिया केरऽ दोसरऽ देशऽ केरऽ महिला के बीच बेरोज़गारी के सवाल छै त॑ २५% के साथ पाकिस्तान आरू २३% के साथ अरब देश सब ही अपनऽ देश स॑ नीच॑ छै । वहीं नेपाल लगभग ८०% ,चीन – ६४%, बांग्लादेश-५७.४% आरू अमेरिका ५६.३% के साथ महिला श्रम बल संख्या केरऽ मामला म॑ अपना सब स॑ बहुत आगे छै ।

आखिर की वजह छै महिला श्रमबल संख्या केरऽ लगातार घटत॑ जाय के पीछू ? थोड़ा देर लेली ई बहाना बनैलऽ जाब॑ सकै छै कि ई त॑ सर्वे रिपोर्ट छेकै, एकरा प जादे ध्यान दै के की जरूरत छै । भारत केरऽ जनता ऐन्हऽ तरह के सर्वेक्षण म॑ कुछ खास दिलचस्पी भी नै ल॑ छै । ऐन्हऽ म॑ सरकार लेली ई चिंता केरऽ वजह नै बनै छै । वर्तमान सरकार केरऽ कार्यकाल म॑ संबंधित विभाग केरऽ ई तरह के कोनो सर्वेक्षण रिपोर्ट नै ऐलऽ छै जेकरा स॑ कोनो निर्णायक स्थिति तलक पहुँचलऽ जाय ।

लेकिन आय स॑ लगभग पाँच साल पहिन॑ अगस्त,२०१२ ई. म॑ तत्कालीन श्रम आर रोजगार मंत्री  न॑  लोक सभा म॑ पुछलऽ गेलऽ एगो प्रश्‍न केरऽ लिखित उत्‍तर म॑ बतैल॑ छेलै कि रोजगार आरू बेरोजगारी केरऽ विश्‍वसनीय अनुमान राष्‍ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय द्वारा करलऽ जाय वाला पंचवर्षीय श्रम बल सर्वेक्षणऽ के माध्‍यम स॑ प्राप्‍त करलऽ जाय छै । ऐसनऽ पिछला सर्वेक्षण वर्ष २००९-१० ई. के दौरान करलऽ गेलऽ रहै । १९८३ आरू २००९-१० केरऽ दौरान रोजगार व बेरोजगारी प॑ आयोजित ई सर्वेक्षणऽ केरऽ दू दौरऽ के अनुसार, सामान्‍य स्थिति आधार प॑ महिला श्रम बल भागीदारी दर म॑ गिरावट केरऽ मुख्‍य कारण शिक्षा केरऽ उच्‍चतर स्‍तर प॑ भागीदारी म॑ वृद्धि आरू वास्‍तविक वेतन म॑ वृद्धि के कारण आय केरऽ स्‍तर म॑ वृद्धि छेलै ।

आखिर कैन्हें ऐन्हऽ होय रहलऽ छै । जबकि स्कूल-कॉलेज जाय क॑ शिक्षा प्राप्त करै वाला महिला केरऽ संख्या म॑ बेतहाशा वृद्धि होलऽ छै । बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान भी काफी जोर-शोर स॑ चली रहलऽ छै । बावजूद एकरऽ शिक्षा केरऽ हर स्तर पर ही महिला के बीच बेरोजगारी बढ़ी रहलऽ छै । जाति के परे भी महिला बीच बेरोजगारी बढ़ी रहलऽ छै । चाहे वू दलित हुअ॑ कि उपरी जाति के, दोनो वर्ग म॑ बेरोजगारी बढ़लऽ जाय रहलऽ छै । यहाँ तलक कि अविवाहित आरू विवाहित महिला के बीच भी कोनो भेदभाव नै छै बेरोजगारी लेली ।  अविवाहित महिला भी वह॑ रफ्तार स॑ बेरोजगारी झेली रहलऽ छै, जोन रफ्तार स॑ विवाहित महिला ।

एकरऽ स्पष्टीकरण म॑ जे तर्क देलऽ जाय छै वू कुछ हद तलक दिमाग म॑ घुसी क॑ जगह बनाब॑ लगै छै । फेरू लगै छै कि नै कहीं ई पूर्वाग्रह स॑ ग्रसित तर्क त॑ नै छेकै । कहलऽ जाय छै कि जेना-जेना परिवार केरऽ आय बढ़लऽ जाय छै, तेना-तेना महिला सिनी के काम लेली घरऽ स॑ निकलै के रफ्तार मद्धिम पर॑ लगै छै ।

सन २००६ ई. स॑ २०१४ ई. तलक ग्रामीण स्तर केरऽ मजदूरी म॑ तेज बढ़त देखलऽ गेलै, लेकिन ओकरऽ बाद मुरगुनिया खाय क॑ चितांग होय गेलै ।

महिला सिनी के खिलाफ असुरक्षित माहौल के चलत॑ ओकरा सब के वैन्हऽ कामऽ म॑ भागीदारी घटत॑ गेलै जेकरा म॑ देर तलक काम करै के जरूरत परै छै । बहुत महिला सब वैन्हऽ क्षेत्र म॑ काम करै छै जे सर्वेक्षण केरऽ औपचारिक आँकड़ा म॑ शामिल करलऽ जाना ओतना आसान नै छै । जेना कि खुदरा तरीका स॑ सिलाई, पापड़, अचार आरू पेपर बैग आदि बनाना, निर्माण कार्य व खेती कार्य स॑ जुड़लऽ मजदूरी के काम करना । ई तरह के अनौपचारिक रोजगार, डेटा कलेक्टर लेली अदृश्य हुअ॑ सकै छै । ठीक ओन्हैं, जेना घऽर केरऽ काम आरू बच्चा, बूढ़ऽ केरऽ सेवा म॑ लगलऽ महिला केरऽ काम केरऽ गिनती कहां भा नै हुअ॑ सकै छै।

सही मानलऽ जाय त॑ कुल मिलाय क॑ जे रोजगार बढ़ोत्तरी दर २००१-२०११ गे बीच २% छेलै वू अखनी गिरी क॑ १% तलक रही गेलऽ छै । सबस॑ बड़ऽ नुकसान केरऽ वजह भी यह॑ छेकै । आजकऽ तारीख म॑ जब॑ आदमिये लेली बहुत कम नौकरी के मौका छै त॑ एना म॑ महिला लेली रोजगार केरऽ मौका अपने आप लगातार कम होत॑ जाना कोनो अस्वभाविक नै छै ।

जरूरत छै कि जादे संख्या म॑ रोजगार पैदा करलऽ जाय आरू अच्छा वेतन वाला अधिक नौकरी पैदा करलऽ जाय ।