जरूरत छै देश के धरोहर स्‍थलऽ क॑ ‘स्मारक मित्र’ बनाबै के

अबरी दाफी (अंगिका कॉलम) / कुंदन अमिताभ

ऐतिहासिक आरू सांस्कृतिक धरोहर अपनऽ देश केरऽ सभ्यता आरू संस्कृति केरऽ आधार छेकै । जागरूकता केरऽ अभाव म॑ एगो गलत धारणा बनी गेलऽ छै अपनऽ देश म॑ । बुझाय परै छै जे इतिहास आरू धरोहर केरऽ रक्षा के जिम्मेदारी सरकार केरऽ ही छेकै ।

चाहे कोय भी पीढ़ी हुअ॑ ऐन्हऽ चीज के प्रति उदासीन ही नजर आबै छै । लेकिन कहै लेली प्रायः कहलऽ जाय छै की नैका पीढ़ी ई मामला म॑ बड़ा उदासीन छै । जों बचपन स॑ ही ऐन्हऽ चीज के प्रति जागरूकता पैदा करै के कोशिश करलऽ जाय त॑ नतीजा कुछ दोसरऽ हुअ॑ सकै छै । स्कूली पाठ्यक्रम म॑ इतिहास केरऽ एगो पाठ केरऽ रूप म॑ शामिल करी क॑, गाँव-मोहल्ला म॑ जागरूकता अभियान गतिविधि चलाय क॑ बहुत हद तलक लोगऽ के मानसिकता म॑ बदलाव लानी क॑ ई दिशा म॑ लोगऽ के सक्रियता क॑ बढ़ैलऽ जाब॑ सकै छै ।

लेकिन सवाल ई छै कि आखिर एकरऽ जरूरत की छै ? जहाँ बुनियादी सुविधा के जोगार म॑ ही सरकारऽ के साँस फूल॑ लगै छै, वहाँ ई भी सवाल उठै छै कि एकरा लेली संसाधन केना क॑ जुटैलऽ जैतै ।

पहलऽ सवाल के जबाब त॑ चुटकी बजैत॑ देलऽ जाब॑ पार॑ । भारत एगो धनी धरोहर व विरासत वाला देश छेकै । चाहे वू धार्मिक हुअ॑, सांस्कृतिक हुअ॑ या प्राकृतिक । भारत हर क्षेत्र म॑ विविधता समेटन॑ पूरे दुनिया के सामने एगो ऐन्हऽ केंद्र के रूप म॑ अवस्थित छै जहाँ पर्यटन केरऽ अपार संभावना के केबाड़ खुललऽ नजर आबै छै । ई लेली जों पर्यटन क॑ बढ़ावा देना छै त॑ जरूरी छै कि अपनऽ धरोहर आरू विरासत क॑ सहेजी क॑ रहलऽ जाय ।

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद के त॑ यहाँ तक कहना छै कि पर्यटन केरऽ अधिक अवसर उपलब्‍ध होला पर देश स॑ गरीबी  मिटैलऽ जाब॑  सक॑ छै । हुनकऽ कहना छै कि पर्यटन स॑ रोजगार के जादा अवसर पैदा होय छै। हुनी कहलकै कि पर्यटन स॑ देश केरऽ अर्थव्‍यवस्‍था म॑ भी सुधार लानलऽ जाब॑ सकै छै ।

आजादी के बाद भारत न॑ पर्यटन क्षेत्र में अच्‍छा वृद्धि दर्ज करन॑ छै। लेकिन वृद्धि दर काफी कम छै । एतना कम कि लागै छै जेना यहाँकरऽ सरकार क॑ ई पता ही नै छै कि यहाँकरऽ सभ्यता आरू संस्कृति केरऽ फलक केतना विस्तृत छै । भारत म॑ पर्यटन केरऽ विकास केरऽ संभावना के अंदाजा खाली एक्के बात स॑ लगैलऽ जाब॑ सकै छै । सरकार केरऽ न्यूनतम प्रयासरत रहला के बावजूद आजकऽ समय हर रोज लगभग पच्चीस हजार विदेशी सैलानी भारत केरऽ पर्यटन लेली भारत म॑ कदम रखै छै आरू भारत केरऽ विभिन्‍न भागऽ के यात्रा करलकै ।

ई बात म॑ विश्वास करै मं॑ तनियो टा देर नै लगना चाहियऽ कि एगो विकसित पर्यटन उद्योग कोय भी देश केरऽ काया पलट कर॑ सकै छै । पर्यटन उद्योग केरऽ मजबूती स॑ विकास स॑ देश भी मजबूती स॑ विकास केरऽ राह प॑ दौड़॑ लगतै । आखिर पर्यटन उद्योग के विकास क॑ केना मजबूती मिलतै ? पर्याप्त संसाधन के व्यवस्था केना होतै ? यह॑ आपनऽ दोसरऽ सवाल भी छेकै, जेकरऽ सही उत्तर खोजी क॑ लागू करला स॑ पर्यटन आपनऽ देश केरऽ ताकत बन॑ सकै छै ।

ई दोसरऽ सवाल के जबाब क॑ ढूँढै के क्रम म॑ ई जानना जरूरी छै कि पर्यटन केरऽ सहज विकास लेली हाल म॑ ही राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद न॑ ‘धरोहर परियोजना अपनाओ’ यानी ‘अडॉप्‍ट ए हैरिटेज प्रोजेक्‍ट’ नाम के एगो योजना के शुरूआत करन॑ छै । जेकरऽ तहत भारत केरऽ प्रसिद्ध आरू विविध पर्यटन स्‍मारकऽ क॑ निजी क्षेत्र केरऽ सहयोग स॑ पर्यटक सिनी के अनुकूल बनैलऽ जैतै ।

एकरा म॑ कोय संदेह नै छै कि  ई परियोजना के तहत निजी क्षेत्र के भागीदारी स॑ देश केरऽ धरोहर स्‍थलऽ के रख रखाव म॑ मदद मिलतै । लेकिन असली सवाल के जबाब फिर भी अधूरा रहै छै । भारत ऐन्हऽ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व प्राकृतिक विरासत स्तर विस्तृत फलक वाला देश म॑ खाली एतने स॑ काम नै बनै वाला छै । जों सचमुच म॑ ही अपना सब आबै वाला समय म॑ पर्यटन क॑ एगो विकसित उद्योग के रूप म॑ देखै ल॑ चाहै छियै त॑ ई जरूरी छै कि आम जनमानस म॑ पर्यटन के प्रति जागरूकता पैदा करलऽ जाय ।

आधुनिक जमाना म॑ जहां भारत केरऽ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत केरऽ मूल्य लगातार कम होय रहलऽ छै, युवा क॑ ई बात के प्रशिक्षण देना जरूरी छै वू अपनऽ संस्कृति क॑ बचाबै आरू संरक्षित करै लेली बढ़ी चढ़ी क॑ आगू आब॑ आरू दोसरऽ देश लेली एगो मिसाल बनी जाय ।

सबस॑ अच्छा त॑ ई हुअ॑ सकै छै कि आबै वाला युवा पीढ़ी क॑ स्कूल स्तर स॑ ही ऐन्हऽ प्रशिक्षण देलऽ जाय कि हर एक बच्चा कम स॑ कम एक-एक विरासत क॑ अपनाय क॑ ‘स्मारक मित्र’ केरऽ रूप म॑ देखभाल कर॑ । पर्यटन क॑ बढ़ावा दै के साथ-साथ अपनऽ भारतीय विरासत क॑ संरक्षित करना ई लेली भी जरूरी छै कि आबै वाला समय म॑ सही माने म॑ अपनऽ इतिहास केरऽ अर्थ बनलऽ रह॑ । तथ्य केरऽ संरक्षण केरऽ अभाव म॑ अपनऽ गौरवशाली इतिहास कहीं मिथक के रूप म॑ ही बदली क॑ न॑ रही जाय ।